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Thursday, August 6, 2020

How to control wrinkles: Coconut oil a great remedy

झुर्रियां दूर करने के 

आसान घरेलू उपाय 

  

रिंकल्स यानी झुर्रियों को बूढ़ापे की निशानी माना गया है। 
  
इनका सबसे ज्यादा असर चेहरे और हाथों पर दिखता है। बढ़ती उम्र के साथ होने वाली झुर्रियों को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कम जरूर किया जा सकता है। इसके कई घरेलू उपाय हैं।
  

बढ़ती उम्र के असर को त्वचा पर कम करने में नारियल तेल अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं लंबे समय तक सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा को भारी नुकसान भी हो सकता है।

क्यों पड़ती हैं रिंकल्स या झुर्रियां

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पतली और रुखी होने लगती है। इससे लचीलापन कम हो जाता है और त्वचा खुद को डैमेज होने से नहीं बचा पाती है या डैमेज होने के बाद खुद रिकवर नहीं हो पाती है। इस वजह से झुर्रियां दिखाई देने लगती है।
 

आजकल कम उम्र (मसलन 20 साल) में भी झुर्रियां नजर आने लगी हैं। इसके कारण व्यस्त जीवन शैली, तनाव, नींद की कमी और आहार संबंधी लापरवाही हैं।
 

जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें झुर्रियां जल्दी असर दिखाती हैं। इसका कारण यह है कि सूर्य की किरणों से त्वचा में मौजूद कोलेजन और इलेस्टिक फाइबर अलग-अलग होने लगते हैं। ये दोनों मिलकर कोशिकाओं को बांधे रखने का काम करते हैं, जिससे त्वचा कसी हुई नजर आती है। इस परत के टूटने से त्वचा कमजोर हो जाती है और झुर्रियां पड़ जाती हैं।

झुर्रियां दूर करने के आसान घरेलू उपाय

झुर्रियां रोकने के घरेलू उपाय सरल और सस्ते हैं। इनमें शामिल हैं- नारियल तेल, बेसन, अरंडी का तेल, विटामिन ई युक्त फल जैसे सेब, पपीता आदि।
नारियल तेल का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह त्वचा को पुनर्जन्म दे सकता है। इसके उपयोग के कई तरीके हैं और बिल्कुल सरल हैं। जैसे- नारियल तेल को रात को चेहरे पर लगाकर सोएं और सुबह उठकर चेहरा धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से झुर्रियां कम होने लगती हैं। इसके अलावा नारियल तेल में शहद मिलाएं, चेहरे पर हल्के हाथ से मालिश करें और कुछ देर रखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।
नींबू का रस निकाल कर एक बोतल में जमा कर लें। नहाने से पहले रोज माथे, मुंह और आंखों के आसपास इसे लगाएं और 15 मिनट तक रहने दें। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।
  

दही में उड़द दाल का पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। जब पेस्ट सूख जाए तो गीले कॉटन कपड़े से पोंछ लें। कुछ ऐसा ही प्रयोग बेसन के साथ है। बेसन में हल्दी और जैतून का तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा धो लें।
झुर्रियां कम करने में कुछ फल भी बहुत कारगर हैं जैसे केला, अंगूर, सेब, पपीता। केले का पल्प बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। वहीं अंगुर का रस चेहरे पर लगाकर 20 मिनट तक रखें। इससे भी चेहरे की चमक बढ़ेगी। इसी तरह कच्चे सेब को पीसकर मुंह पर लगाएं। 10 से 15 मिनट रखने के बाद कुनकुने पानी से धो लें। चेहरा पूरी तरह साफ लगेगा।
  

पपीता विटामिन ए से भरपूर होता है। इसका पल्प बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा में कसावट आती है। इसी तरह, खीरे को पीसकर उसमें थोड़ा-सा दही मिलाएं और इस लेप को लगाएं। सूख जाने पर कुनकुने पानी से धो लें।
इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से किया जाए और कुछ सावधनियां बरती जाएं तो चेहरे पर चमक हमेशा बनी रहेंगी। सावधानियां जैसे - खुद को प्रदूषण से बचाएं, अधिक गर्मी या तेज धूप में न निकलें, अपने खान-पान पर ध्यान दें, विटामिन डी की कमी न होने दें, केमिकल वाले सौदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल कम करें या उन्हें बार-बार न बदलें।' 
 









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Health Warning and Cautions

Your patience matters as these have no bad side effect. 
सभी टिप्स कारगर है लेकिन यूज करते समय नियमितता ओर धैर्य रखे 
ये होम रिमेडिज है जादू की छडी नही 100% फायदा होता है नुकसान कुछ नही है 
आज की पोस्ट मे बताये नुस्खे के सामान से आपको एलर्जी है तो उसको ना यूज करना आपकी जिम्मेदारी है
 
Please keep posting about your personal experience so that we can help you develop immunity, look more attractive, remain healthy and smart.








How to Remove Black Heads from Face and Nose

चेहरे और नाक से ब्लैक हेड्स 

हटाने के आसान उपाय और नुस्खे


चेहरे और नाक पर ब्लैकहेड्स निकलना आम समस्या है। ये ज्यादातर नाक पर और नाक के दोनों तरफ होते है। त्वचा के रोम छिद्रों में मिट्टी और तेल जमा हो जाने से black heads हो जाते है। ये प्राब्लम उन्हें अधिक होती है जिनकी स्किन ऑयली और बेजान हो।

कुछ लोग स्क्रब और ब्यूटी क्रीम से ब्लैक हेड्स को दूर करने के लिए उपाय करते है, पर आप घर पर कुछ आसान देसी घरेलू नुस्खे से नेचुरल स्क्रब बना सकते है। आज हम जानेंगे घरेलू तरीके से ब्लैक हेड्स कैसे हटाये,

ब्लैक हेड्स होने के कारण


प्रदूषण के कारण

ऑयली स्किन

रोम छिद्र बड़े होना

रोम छिद्रों में मिट्टी जमा होना

स्किन केयर ना करना

हार्मोंस में गड़बड़ी

कॉस्मेटिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल करना



ब्लैक हेड्स हटाने के उपाय और तरीके


ग्रीन टी

सेहत के साथ साथ ग्रीन टी skin care में भी काफी उपयोगी है। ग्रीन टी की पत्तियां 1 चम्मच ले और इन्हें पानी में पीस कर इनका पेस्ट बना ले।इस पेस्ट को चेहरे और नाक पर ब्लैक हेड्स पर लगाए और उँगलियों से हल्की मालिश करे। नाक की दोनों और ये लेप 5 मिनट तक लगा कर मालिश करने पर ब्लॅकहेड्स साफ़ होने लगेंगे।

फेस और नोज से ब्लैकहेड्स हटाने में ये उपाय नेचुरल स्क्रब का काम करता है। इस उपाय को नियमित करने पर चेहरे के रोम छिद्रों में जमा आयल बाहर निकलता है।

जैतून का तेल

जिन लोगों की त्वचा रूखी है वो ओटमील और जैतून के तेल को मिलकर एक लेप बना ले और इस्तेमाल करे। इस gharelu upay से ब्लैकहेड्स जल्दी और आसानी से निकल जाते है।

हरा धनिया

ब्लैक हेड्स कैसे हटाये इन हिंदी में हरा धनिया भी उपयोगी है। धनिया की पत्तियां पानी में पीस कर पेस्ट बना ले और थोड़ी हल्दी डाल दे। अब इस लेप को 20 मिनट के लिए face पर लगाए फिर गुनगुने पानी से धो ले।

ब्लैक हेड्स अगर बार बार निकलते है तो इस लेप को हर रोज रात को चेहरे पर लगाए।

दही से ब्लैक हेड्स कैसे दूर करे


दो चम्मच दलिया, तीन चम्मच दही, एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच जैतून का तेल मिला कर पेस्ट बना ले। अब इस होम रेमेडीज को दस मिनट तक चहरे पर लगाए और बाद में चेहरा धो ले।

नींबू का रस

Blackheads hatane में नींबू के रस से भी फायदा मिलता है। दिन में दो से तीन बार नींबू का रस लगाने से ब्लैक हेड्स साफ़ होने लगते है।

चेहरे पर अगर काले दाग और धब्बे हो तो बादाम का तेल में नींबू रस मिला कर प्रयोग करे, दाग धब्बे साफ़ होने लगेंगे।

आलू

घर पर ब्लैक हेड्स दूर करने के लिए कच्चे आलू का भी प्रयोग कर सकते है। कच्चे आलू को काट ले और इसमें अंदर की तरफ छेद कर दे ताकि रस बाहर की तरफ निकल सके। अब इनसे ब्लैक हेड्स पर मसाज करे।

चेहरा सुंदर बनाने और ब्लैक हेड्स हटाने के लिए ये उपाय काफ़ी असरदार है, इससे स्किन भी साफ़ होती है।आलू के 3 से 4 पीस काट कर उनका पेस्ट भी फेस पर लगा सकते है।

नाक के ब्लैक हेड्स हटाने के लिए क्या करें

नाक से ब्लैक हेड्स को दूर करने के लिए अंगूर अच्छी तरह पीस कर पेस्ट बना ले और nose की दोनों तरफ ब्लॅक हेड्स पे लगाए और 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो ले।

ब्लैक हेड्स दूर करने के लिए थोड़ा सा नमक नींबू के रस में मिला कर प्रयोग करे और 10 मिनट बाद फेस धो ले। नमक की जगह चीनी भी प्रयोग कर सकते है।

संतरे के छिलके को सूखा कर पीस ले और चूर्ण बना ले और इसे ब्लैक हेड वाली जगह पर मले।

टमाटर का गुद्दा फेस पर रगड़ने से फेस साफ़ होता है और ब्लैक हेड्स भी दूर होते है।

हर रोज रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से साफ़ करे। इससे चेहरे पर ब्लैकहेड्स और पिम्पल्स नहीं होंगे।

केले का छिलका भी ब्लैक हेड्स का इलाज करने में काम आता है। केले के छिलके को ब्लैक हेड वाली जगह पर रगडे।

ब्लैक हेड्स रिमूव करने के लिए टूथपेस्ट की पतली सी परत स्किन पर लगाए और 20 मिनट बाद चेहरे को धो ले। शुरू में टूथ पेस्ट लगाने पर जलन महसूस हो सकती है पर थोड़ी ही देर में ये कम हो जाएगी।

चेहरे पर ब्लैक हेड्स और काले दाग, धुल मिट्टी जमने के कारण होते है और अगर फेस की किसी भी प्रॉब्लम को दूर करना है तो चहरे से ये गंदगी निकलना बहुत ज़रूरी है।

आजकल फेस क्लीन करने के लिए बाज़ार में कई तरह के beauty cream और क्लीन्ज़र आते है पर आप नेचुरल तरीके अपना कर भी चेहरा साफ़ कर सकते है।

5 चम्मच कच्चा दूध एक कप में डाल ले और इसमें रुई भिगो कर अपने चेहरे पर काले धब्बे पर लगाए फिर कुछ देर तक इसे रुई से रगडे। इस उपाय को करने से फेस पर जमी धूल और मिट्टी के कण बाहर निकलते है।

सप्ताह में एक बार चेहरे पर scrub करे। इससे भी धुल मिट्टी साफ़ होती है और ब्लैक हेड्स ख़तम होते है।

मुलतानी मिट्टी के फेस पैक को भी चेहरा सॉफ करने के लिए प्रयोग कर सकते है।

त्वचा के रोम छिद्र खोलने के लिए चेहरे को भाप देना सबसे अच्छा तरीका है।

ब्लैक हेड्स से बचने के तरीके


बेसन के प्रयोग से ब्लैक हेड्स से बच सकते है। एक बर्तन में बेसन और पानी डाल कर पेस्ट बनाये। इस पेस्ट को अब चहरे पर लगाए और हल्की हल्की मालिश करे।

हफ्ते में एक बार ये उपाय कर के ब्लॅक हेड्स से बचा जा सकता है।

अगर पहले से ही आपके face blackheads है तब भी आप इस नुस्खे जो कर सकते है।

चेहरे पर कोई भी ब्यूटी क्रीम लगाने और उपाय करने से पहले इन्हें हाथ या पैर पर एक बार लगा कर चेक करे ताकि किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम से दूर रहे।


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Health Warning and Cautions

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How to cure Blood Pressure: Try these Home Remedies

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए 

अचूक घरेलू उपचार, जरूर आजमाएं 

बी.पी (Blood pressure) कम करने के उपाय 


जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज है, उनके लिए हम बता रहे हैं कुछ ऐसे असरदार घरेलू नुस्खे जो इस समस्या से निजात दिलाने में मदद करेंगे -

1 हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचने के लिए लहसुन की 2 कलियों को सुबह खाली पेट पानी के साथ चबाकर खाना चाहिए। अगर चबाने में परेशानी हो तो लहसुन के रस की 5-6 बूंद को भी 20 मिली पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

2 मेथी और अजवाइन के पानी का इस्तेमाल भी हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए एक चम्मच मेथी और अजवाइन पाउडर को पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह इस पानी को पी लें।

3 हाई ब्लड प्रेशर से राहत पाने के लिए त्रिफला का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके लिए 20 ग्राम त्रिफला को पानी में भिगा कर रातभर के लिए रख दें, फिर सुबह इस पानी को छानकर उसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर पीएं।

4 बताएं गए घरेलू नुस्खों के अलावा हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बदलाव करना भी जरूरी है। आपको सोने से लेकर योग करने तक का एक समय निश्चित रखना चाहिए।

5 हफ्ते में 3-4 बार पूरे शरीर पर तेल से मालिश कराएं, इससे रक्त संचार बेहतर होता है।

6 तनाव को दूर करने के लिए प्राणायाम करें।

7 हाई ब्लड प्रेशर वालों को भोजन में नमक की मात्रा कम ही रखनी चाहिए।

8 दूध में हल्दी और दालचीनी का मिलाकर पीने से भी फायदा होगा।


बी.पी (Blood pressure) कम करने के उपाय


बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें।

पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं। 15 दिन में लाभ नजर आने लगेगा।

हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभ करता है, इसे प्रतिदिन खाली पेट चबा-चबाकर खाएं।

नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट चलें। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है।

सौंफ, जीरा, शक्‍कर तीनों बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना लें। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पीते रहें।

पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह-शाम पीयें, लाभ होगा।

करेला और सहजन की फ़ली उच्च रक्त चाप-रोगी के लिये परम हितकारी हैं।

गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खाएं, आटे से चोकर न निकालें।

ब्राउन चावल उपयोग में लाएं। यह उच्च रक्त चाप रोगी के लिये बहुत ही लाभदायक भोजन है।

प्याज और लहसुन की तरह अदरक भी काफी फायदेमंद होता है। इनसे धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है।

तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने से लाभ मालूम होता है। 

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Saturday, August 1, 2020

Ayurveda and Yoga may eliminate Covid-19, say experts

योग एवं आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और 
लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद

आयुर्वेद के इतिहास से पता चलता है कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी आती है, जिसका मुकाबला करने के लिए आयुर्वेद के ग्रंथों में विस्तृत वर्णन किया गया है और इस महामारी से बचने के लिए उपाय बताए गए हैं - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद
कोरोना महामारी : योग एवं आयुर्वेद की नजर में
विषय पर वेबिनार का किया आयोजन



सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) एवं रिजिनल आउट रीच ब्यूरो(आरओबी)पटना द्वारा "कोरोना महामारी: योग एवं आयुर्वेद की नजर में" विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक श्री शैलेश कुमार मालवीय एवं सह-अध्यक्षता निदेशक श्री दिनेश कुमार ने किया।
वेबिनार के मुख्य अतिथि वक्ता के तौर पर राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के प्रिंसिपल प्रोफेसर श्री दिनेश्वर प्रसाद शामिल हुए थें। अन्य अतिथि वक्ताओं में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष योगाचार्य प्रोफेसर श्री गंगाधर सिंह एवं हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर श्री शंकर कुमार ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त आरओबी एवं दूरदर्शन (न्यूज), पटना के निदेशक श्री विजय कुमार एवं पटना के जाने-माने आयुर्वेद चिकित्सक तथा छात्र-छात्राएं भी वेबिनार के दौरान मौजूद थें।



पीआईबी, पटना के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने अपने विषय प्रवेश संबोधन में कोरोना महामारी में आयुर्वेद और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चूंकि कोरोना वायरस का अब तक कोई दवा या टीका नहीं बना है, इसलिए इसमें तरह-तरह के सुझाव और उपाय बताए जा रहे हैं। योग एवं आयुर्वेद से जुड़ी हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति कोरोना जैसी महामारी में एक वरदान साबित हो सकती है। उन्होंने आयुर्वेद में वर्णित चिकित्सा पद्धतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।


मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में वेबिनार को संबोधित करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के प्रिंसिपल श्री दिनेश्वर प्रसाद ने अपने संबोधन में आयुर्वेद और योग को आम लोगों के जीवन में योगदान पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के इतिहास से पता चलता है कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी आती है, जिसका मुकाबला करने के लिए आयुर्वेद के ग्रंथों में विस्तृत वर्णन किया गया है और इस महामारी से बचने के लिए उपाय बताए गए हैं।
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल,
पटना के प्रिंसिपल श्री दिनेश्वर प्रसाद



श्री प्रसाद ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में कोरोना जैसी बीमारी से बचने के लिए बहुत तरह की जड़ी-बूटियों के प्रयोग के बारे में बताया। जैसे काढ़ा, गिलोय, पंचगोल, आंवला, बाकस, पंचकर्म इत्यादि। उन्होंने कहा कि हम इन जड़ी-बूटियों के सही मिश्रण के प्रयोग करके कोरोना और दूसरी वायरल बीमारियों से बच सकते हैं।



अतिथि वक्ता के रूप में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष योगाचार्य प्रोफेसर श्री गंगाधर सिंह ने कोरोना और दूसरी वायरल बीमारियों से बचने के लिए विभिन्न प्रकार के आसन-योगासन और प्राणायाम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री गंगाधर ने कहा कि कोरोना में ज्यादातर लोग सांस की परेशानी से मर रहे हैं। आयुर्वेद के ग्रंथों में सांस को सही करने के लिए बहुत से आसान उपाए बताए गए हैं, जिसको अपनाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कोरोना महामारी से बचने के लिए कुछ कारगर योगासन और प्राणायाम का लाइव डेमो देकर समझाने की कोशिश की। उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए योग-प्राणायाम के प्रोटोकॉल की भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से बताए गए क्रम में योग- प्राणायाम करने से समुचित लाभ मिलता है क्योंकि इसका वैज्ञानिक आधार है।



अतिथि वक्ता के रूप में हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर श्री शंकर कुमार ने कोरोना महामारी में आयुर्वेद और योग के विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कोविड-19 से लड़ने के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का विश्लेषणात्मक उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में हम डायग्नोसिस के बजाय प्रोगनोसिस करते हैं। उन्होंने कोविड-19 के विश्वव्यापी प्रसार के मानचित्र का विश्लेषण करते हुए आयुर्वेद में वर्णित जांगल और अनूप प्रदेश से इसकी साम्यता और संबंध का भी जिक्र किया।


कार्यक्रम का संचालन पत्र सूचना कार्यालय के सहायक निदेशक श्री संजय कुमार एवं सह-संचालन फील्ड आउटरीच ब्यूरो, छपरा के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री पवन कुमार ने किया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पत्र सूचना कार्यालय के सूचना सहायक श्री इफ्तेखार आलम ने दिया।




Tuesday, July 28, 2020

How to cure tingling (jhanjhanahat) in hand, leg during lockdown

Tingling in hands are a common problem in lockdown due to constant use of mobile phones, staying in one position and not doing physical exercise


हाथ पैरों के सुन्न / झनझनाहट हो जाये तो...

 

हाथ पैर सुन्न होने का कारण –

अंग के सुन्न होने या झनझनाहट का मुख्य कारण वहां रक्त संचार की कमी है।

जब शरीर के किसी भी अंग में अधिक समय तक दबाव होता है या रक्त संचार ढंग से नहीं होता तो शरीर की नसों पर असर पड़ने लगता है।

इससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और रक्त संचार नहीं हो पाता है, जिससे उन अंगों में झनझनाहट होने लगती है या वे सुन्न हो जाते हैं।

 

1. यदि आपके हाथ या पैर सुन्न हो गए हैं तो आप एक बड़े बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें सेंधा नमक मिलाएं। फिर इसमें सुन्न हुआ अंग करीब 10 मिनट के लिए भिगो कर रखें। एेसा करने से काफी आराम मिलेगा।

 

2. एक चम्मच दालचीनी और शहद मिला कर सुबह कुछ दिनों तक सेवन करें।

 

3. हाथ पैरों के सुन्न पड़ने पर जैतून या फिर सरसों के तेल को गुनगुना गर्म करके उससे हाथ पैरों की मालिश करें, इससे नसें खुलती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और शरीर ठीक हो जाता है।

 

4. एक साफ कपड़े को गरम पानी {पानी जितना गरम सह सके उतना गरम ले ज़्यादा गरम से स्किन जल जाने की संभावना} में भिगो कर कपड़े निचोड़ लें उस कपड़े से  पांच-सात मिनट के लिए प्रभावित जगह को सेंके। सुन्नपन दूर होने तक इस उपाय को कई बार दोहराएं।

 

5. नियमित व्यायाम करें


Health Warning and Cautions.

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Saturday, July 25, 2020

How to improve immunity during the Lockdown period

How to improve immunity



कोई भी वायरस आपको मारना कभी भी नहीं चाहता

 

अति-आवश्यक जानकारी सूचनार्थ

 

इम्यूनिटी सिस्टम"...

 

कोई भी वायरस आपको मारना कभी भी नहीं चाहता। वो बस अपने लिए आपके शरीर में जगह बना कर रखना चाहता है। कोरोना महामारी के बाद LOCKDOWN  व खुद को घर में कैद करके रखना, इस वायरस का सही इलाज नहीं है।

 

मार्च में जब खुद को कैद किया था, तो केवल गिने चुने केस ही थे। आज 1,342,166 से ज्यादा हैं, और आगे कुछ महीनों में हो सकता है कि आंकड़े करोड़ों में हो। घबराने से काम नहीं चलेगा, "सतर्कता" व "समझदारी" अब जरूरी है।

 

विज्ञान कहता है कि अगर किसी बच्चे को उसके जन्म से लेकर जवानी तक किसी ऐसी जगह रखा जाए, जहां उसे कभी जुकाम, खांसी, बुखार ना हो तो एक समय बाद उसके शरीर को यदि जुकाम भी हो गया तो उसकी सीधी मौत होगी।

 

इसलिये इंसान को अपने शरीर को "COMFORT-ZONE" में नहीं रखना चाहिए अन्यथा वह उसका आदी हो जाता है।

 

सोचिए..!!

जिस जुकाम, खांसी को हम या हमारे बच्चे साल में 8-10 बार आराम से होने देते हैं, वो ही किसी की मौत का कारण भी बन सकता है?

 

तो घर में दुबक कर रहना एक टाइम तक तो सुरक्षित लग सकता है, लेकिन कल को यही वायरस आपके घर पर भी आ सकता है।

 

तो सही तरीका क्या है?

सही तरीका है खुद के शरीर को, अपने परिवारजन को, अपने बच्चों को इसके लिए तैयार करना। आज नहीं तो कल हम सब को बाहर निकलना ही पड़ेगा। चाहे मजबूरी में ही सही।

 

तो आइए इस समय अपनी और अपने बच्चो के शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत करें। अगर हम उनको सदा के लिए सुरक्षित रखना चाहते है तो..!!

 

कुछ सुझाव:-

 

(१):- 30 - 60 मिनट प्रतिदिन व्यायाम व योग का नियम बनाएं। उम्र कोई भी हो आपकी। खुद के लिए इतना तो कर ही सकते हो।

 (२):- खुद को और अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शारीरिक मेहनत की आदत डाल लें। मशीनों की बजाय खुद के शरीर पर विश्वास रखें।

 (३) :- पैदल चलना, साइकिल चलाना, सीढ़ी चढ़ने की आदत अब अच्छी आदतों में शुमार हो गई हैं। कार, स्कूटर का लालच दूर रखें।

 (४) :- धूप में सारे विटामिन और जीवन के लिए जरूरी तत्व हैं।

 (५) :- प्रकृति से जुड़ाव करना होगा।

 (६) :- गर्म पानी का सेवन करने की आदत डालें।

 (७) :- जिन आंवला, अदरक, नीबू, गिलोय, फल, सलाद, अंकुरित अनाज, आयुर्वेदिक खाद्य जैसी कुदरती चीजों को हम पैक्ड व जंक फूड के चलते भूल गए थे, उनको ही अब अपने आहार में शामिल करना जरूरी है। आज सभी डॉक्टर व रिसर्च बोल रहे हैं कि इनका उपयोग करो।

 (८) :- अपने जीवन में बैंक की किस्तों का बोझ जितना कम हो सके इतना अच्छा है। आवश्यकता असीमित ना हो। उस पर मंथन करना जरूरी है।

 (९) :- घर छोटा होगा, कार छोटी होगी; लेकिन यकीन मानिये, मन में "सुकून" होगा व जीवन व्यवस्थित होगा।

 (१०) :- जिन बच्चों और परिवार के लिए हम जो ये सब कर रहे हैं, वो भी हमारे साथ कम सुविधा में भी खुश हों, ये उनको समझाना होगा।

 (११) :- संकट के समय के लिए कमाई का कुछ हिस्सा बचत का प्रावधान करना, अब अत्यंत जरूरी होगा।

 (१२) :- ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने के चक्कर में हमने बच्चों का फायदा कम, नुकसान ज्यादा कर दिया है।

 

 याद कीजिए..!! अपने वो दिन जब रोटी पर नमक-मिर्ची लगा कर खा जाते थे और मस्त रहते थे।

 

 बच्चों को सुरक्षित भविष्य देना सही है, परन्तु उनकी आदत में हद से ज्यादा सुविधा नहीं देनी है। खुद करके आगे बढ़ने की प्रेरणा देना जरूरी है। बच्चों की दैनिक दिनचर्या पर ध्यान देना होगा।

 

 आज नहीं तो कल आप सब को घर से बाहर निकलना ही पड़ेगा।

आप अपनी शरीर की प्रकृति के हिसाब से खुद के "IMMUNE-SYSTEM" को मजबूत कीजिए।

 

 खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत करना ही सिर्फ इस वायरस से ही नहीं, बल्कि हर बीमारी से बचने का सही हल है।

 

 कुल मिलाकर सार ये है कि बड़े बुजुर्ग जो कहा करते थे एवं किया करते थे; वे अपनी आवश्यकताओं को सीमित रखते थे, सीमित ख़र्च में जीवन यापन करते थे; चाहे पारिवारिक हो या सामाजिक, शारीरिक मेहनत करते थे, परिवार का महत्व समझते थे। उन सभी बातों को जीवन में आत्मसात करना होगा और बच्चों को भी समझाना होगा।

 

 जीवन जीने के तरीके में आमूल-चूल परिवर्तन लाना ही पड़ेगा, तभी जीवन आनंदित व सुकून देने वाला होगा।

 

 सभी परिवार के सदस्य कृपया ध्यान दें।

 1 :-  कोई भी खाली पेट न रहे।

 2 :-  उपवास न करें।

 3 :-  रोज एक घंटे धूप लें।

 4 :-  AC का प्रयोग कम करें।

 5 :-  गरम पानी पिएं, गले को गीला रखें।

 6 :-  सरसों का तेल नाक में लगाएं।

 7 :-  घर में कपूर व गूगल जलाएं।

 8 :-  आधा चम्मच सोंठ हर सब्जी में पकते हुए डालें।

 9 :-  रात को दही ना खायें।

 10 :-  बच्चों को और खुद भी रात को एक-एक कप हल्दी डाल कर दूध पिएं।

 11 :-  हो सके तो एक चम्मच चवनप्राश खाएं।

 12 :-  घर में कपूर और लौंग डाल कर धूनी दें।

 13 :-  सुबह की चाय में एक लौंग डाल कर पिएं।

 14 :-  फल में सिर्फ संतरा ज्यादा से ज्यादा खाएं।

 15 :-  आंवला किसी भी रूप में चाहे अचार , मुरब्बा, चूर्ण इत्यादि खाएैं

 

 यदि आप "CORONA" को हराना चाहते हैं तो कृपा करके ये सब अपनाइए। आप सबसे हाथ जोड़ कर प्रार्थना है, आगे अपने जानने वालों को भी यह जानकारी भेजें।

 

 "दूध में हल्दी आपके शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ाएगा"।


 आप सुरक्षित रहें, घर पर रहें।

Saturday, July 18, 2020

How to keep fit according to Ayurveda

How to keep fit according to Ayurveda
What to do daily to keep illness at bay
The easy four steps that anyone can do


The wonderful herbs available in all kitchens of India.
Kitchen used to be called RASOI GHAR. A place in the house where
total purity is observed and anything cooked is served to the deities.


Who does not like a cool fresh environment.
Always try to be in fresh environment if you
get a chance do not miss it

Ayurveda के अनुसार- जो सुबह उठकर 

ये 4 काम करते हैं,

उनका शरीर मजबूत और बलवान रहता है

 

Ayurveda में फिट और तंदुरुस्त रहने के बहुत से उपाय बताये गये हैं

लेकिन शायद ही कुछ ऐसे लोग होंगे जो इन बातों का पालन करते होंगे, इसीलिए आजकल ज्यादातर लोगों का शरीर कमजोर और दुर्बल हो जाता है,

तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि आयुर्वेद के अनुसार- जो पुरुष सुबह उठकर ये 4 काम करते हैं, उनका शरीर मजबूत और बलवान रहता है।

 

सुबह उठकर करें ये 4 काम

 

1- Two Glass Water after leaving the bed

सुबह उठकर सबसे पहले बासी मुंह एक या दो गिलास पानी जरूर पियें, हो सके तो रात में किसी तांबे के बर्तन में पानी रख दें, सुबह इसी पानी को पी लें, इससे शरीर के टॉक्सिंस निकल जाते हैं और आपका पेट पूरी तरह साफ होता है तथा पाचन तंत्र मजबूत होता है।

 

 

Fresh water is always beneficial

 

2- Soaked Black Gram

चने को बहुत ही शक्तिशाली आहार माना जाता है, इसलिए रोजाना सुबह रात के भीगे या अंकुरित चने का सेवन जरूर करें, चने में खूब सारा प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को पोषण प्रदान करते हैं।

 


Soaked grains are rich source of energy


 3-Yoga and Pranayam

 रोजाना योग और प्राणायाम शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक हैं, इसलिए सुबह योग, प्राणायाम जरूर करें या फिर कोई जिम ज्वाइन कर लें, इससे आप अपने शरीर को मनचाहा शेप दे पाएंगे।

 

And even a dog also stretches it body several times in a day and we the humans
find it difficult to do it once in the morning. The more you stretch
your body the happier you become


4-Bananas and Milk

सुबह नाश्ते में केले और दूध का सेवन करें, दूध में कैल्शियम और केले में मैग्नीशियम होता है, जो शरीर और मसल्स ग्रोथ प्रदान करते हैं और उनको मजबूत और ताकतवर बनाते हैं, इसलिए नाश्ते में कम से कम 2 केले और एक गिलास मलाई युक्त दूध पियें।

The best fruit available on earth which is not very costly and it used to be the
 poorman's fruit has been taken over by the highly educated persons