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Wednesday, September 2, 2020

How to cure stammering (totlana): The best three remedies

KEEP CALM AND LOVE TOTLA Poster | NATASHA | Keep Calm-o-Matic


तोतलापन को दूर करने के उपाय-



पहला उपाय-
आयुर्वेद के मुताबिक आंवला इस बीमारी को दूर करने का बेहतर तरीका है। आँवला चूर्ण, कैंडी अथवा आंवला रस का सेवन कर सकते है


दूसरा उपाय-
रोजाना सुबह खाली पेट 10 बादाम और 10 काली मिर्च के दाने को मिश्री के साथ पीस कर खिलाने से तुतलाने की समस्या दूर हो जाएगी।


तीसरा उपाय-
रात को सोने से पहले 1 गिलास दूध में छुहारे उबाल कर पी ले। इसे पिलाने के 1 घंटे तक पानी नही पीना है इससे कुछ समय में ही तुतलाने की समस्या दूर हो जाएगी। ध्यान रखे दूध पीने के 2 घण्टे पहले व बाद में नमक वाला पदार्थ न ले ।


शंख मुद्रा करने से भी हकलाना, तोतलापन भी दूर होता है।

Thursday, August 6, 2020

How to control wrinkles: Coconut oil a great remedy

झुर्रियां दूर करने के 

आसान घरेलू उपाय 

  

रिंकल्स यानी झुर्रियों को बूढ़ापे की निशानी माना गया है। 
  
इनका सबसे ज्यादा असर चेहरे और हाथों पर दिखता है। बढ़ती उम्र के साथ होने वाली झुर्रियों को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कम जरूर किया जा सकता है। इसके कई घरेलू उपाय हैं।
  

बढ़ती उम्र के असर को त्वचा पर कम करने में नारियल तेल अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं लंबे समय तक सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा को भारी नुकसान भी हो सकता है।

क्यों पड़ती हैं रिंकल्स या झुर्रियां

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पतली और रुखी होने लगती है। इससे लचीलापन कम हो जाता है और त्वचा खुद को डैमेज होने से नहीं बचा पाती है या डैमेज होने के बाद खुद रिकवर नहीं हो पाती है। इस वजह से झुर्रियां दिखाई देने लगती है।
 

आजकल कम उम्र (मसलन 20 साल) में भी झुर्रियां नजर आने लगी हैं। इसके कारण व्यस्त जीवन शैली, तनाव, नींद की कमी और आहार संबंधी लापरवाही हैं।
 

जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें झुर्रियां जल्दी असर दिखाती हैं। इसका कारण यह है कि सूर्य की किरणों से त्वचा में मौजूद कोलेजन और इलेस्टिक फाइबर अलग-अलग होने लगते हैं। ये दोनों मिलकर कोशिकाओं को बांधे रखने का काम करते हैं, जिससे त्वचा कसी हुई नजर आती है। इस परत के टूटने से त्वचा कमजोर हो जाती है और झुर्रियां पड़ जाती हैं।

झुर्रियां दूर करने के आसान घरेलू उपाय

झुर्रियां रोकने के घरेलू उपाय सरल और सस्ते हैं। इनमें शामिल हैं- नारियल तेल, बेसन, अरंडी का तेल, विटामिन ई युक्त फल जैसे सेब, पपीता आदि।
नारियल तेल का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह त्वचा को पुनर्जन्म दे सकता है। इसके उपयोग के कई तरीके हैं और बिल्कुल सरल हैं। जैसे- नारियल तेल को रात को चेहरे पर लगाकर सोएं और सुबह उठकर चेहरा धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से झुर्रियां कम होने लगती हैं। इसके अलावा नारियल तेल में शहद मिलाएं, चेहरे पर हल्के हाथ से मालिश करें और कुछ देर रखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।
नींबू का रस निकाल कर एक बोतल में जमा कर लें। नहाने से पहले रोज माथे, मुंह और आंखों के आसपास इसे लगाएं और 15 मिनट तक रहने दें। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।
  

दही में उड़द दाल का पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। जब पेस्ट सूख जाए तो गीले कॉटन कपड़े से पोंछ लें। कुछ ऐसा ही प्रयोग बेसन के साथ है। बेसन में हल्दी और जैतून का तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा धो लें।
झुर्रियां कम करने में कुछ फल भी बहुत कारगर हैं जैसे केला, अंगूर, सेब, पपीता। केले का पल्प बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। वहीं अंगुर का रस चेहरे पर लगाकर 20 मिनट तक रखें। इससे भी चेहरे की चमक बढ़ेगी। इसी तरह कच्चे सेब को पीसकर मुंह पर लगाएं। 10 से 15 मिनट रखने के बाद कुनकुने पानी से धो लें। चेहरा पूरी तरह साफ लगेगा।
  

पपीता विटामिन ए से भरपूर होता है। इसका पल्प बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा में कसावट आती है। इसी तरह, खीरे को पीसकर उसमें थोड़ा-सा दही मिलाएं और इस लेप को लगाएं। सूख जाने पर कुनकुने पानी से धो लें।
इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से किया जाए और कुछ सावधनियां बरती जाएं तो चेहरे पर चमक हमेशा बनी रहेंगी। सावधानियां जैसे - खुद को प्रदूषण से बचाएं, अधिक गर्मी या तेज धूप में न निकलें, अपने खान-पान पर ध्यान दें, विटामिन डी की कमी न होने दें, केमिकल वाले सौदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल कम करें या उन्हें बार-बार न बदलें।' 
 









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Health Warning and Cautions

Your patience matters as these have no bad side effect. 
सभी टिप्स कारगर है लेकिन यूज करते समय नियमितता ओर धैर्य रखे 
ये होम रिमेडिज है जादू की छडी नही 100% फायदा होता है नुकसान कुछ नही है 
आज की पोस्ट मे बताये नुस्खे के सामान से आपको एलर्जी है तो उसको ना यूज करना आपकी जिम्मेदारी है
 
Please keep posting about your personal experience so that we can help you develop immunity, look more attractive, remain healthy and smart.








Saturday, August 1, 2020

Ayurveda and Yoga may eliminate Covid-19, say experts

योग एवं आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और 
लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद

आयुर्वेद के इतिहास से पता चलता है कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी आती है, जिसका मुकाबला करने के लिए आयुर्वेद के ग्रंथों में विस्तृत वर्णन किया गया है और इस महामारी से बचने के लिए उपाय बताए गए हैं - प्रो. दिनेश्वर प्रसाद
कोरोना महामारी : योग एवं आयुर्वेद की नजर में
विषय पर वेबिनार का किया आयोजन



सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) एवं रिजिनल आउट रीच ब्यूरो(आरओबी)पटना द्वारा "कोरोना महामारी: योग एवं आयुर्वेद की नजर में" विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक श्री शैलेश कुमार मालवीय एवं सह-अध्यक्षता निदेशक श्री दिनेश कुमार ने किया।
वेबिनार के मुख्य अतिथि वक्ता के तौर पर राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के प्रिंसिपल प्रोफेसर श्री दिनेश्वर प्रसाद शामिल हुए थें। अन्य अतिथि वक्ताओं में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष योगाचार्य प्रोफेसर श्री गंगाधर सिंह एवं हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर श्री शंकर कुमार ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त आरओबी एवं दूरदर्शन (न्यूज), पटना के निदेशक श्री विजय कुमार एवं पटना के जाने-माने आयुर्वेद चिकित्सक तथा छात्र-छात्राएं भी वेबिनार के दौरान मौजूद थें।



पीआईबी, पटना के निदेशक श्री दिनेश कुमार ने अपने विषय प्रवेश संबोधन में कोरोना महामारी में आयुर्वेद और योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चूंकि कोरोना वायरस का अब तक कोई दवा या टीका नहीं बना है, इसलिए इसमें तरह-तरह के सुझाव और उपाय बताए जा रहे हैं। योग एवं आयुर्वेद से जुड़ी हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति कोरोना जैसी महामारी में एक वरदान साबित हो सकती है। उन्होंने आयुर्वेद में वर्णित चिकित्सा पद्धतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।


मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में वेबिनार को संबोधित करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल, पटना के प्रिंसिपल श्री दिनेश्वर प्रसाद ने अपने संबोधन में आयुर्वेद और योग को आम लोगों के जीवन में योगदान पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद को अपनाकर पूरी मानव जाति एक स्वस्थ और लाभप्रद जीवन यापन कर सकती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के इतिहास से पता चलता है कि हर 100 साल में इस तरह की महामारी आती है, जिसका मुकाबला करने के लिए आयुर्वेद के ग्रंथों में विस्तृत वर्णन किया गया है और इस महामारी से बचने के लिए उपाय बताए गए हैं।
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल,
पटना के प्रिंसिपल श्री दिनेश्वर प्रसाद



श्री प्रसाद ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में कोरोना जैसी बीमारी से बचने के लिए बहुत तरह की जड़ी-बूटियों के प्रयोग के बारे में बताया। जैसे काढ़ा, गिलोय, पंचगोल, आंवला, बाकस, पंचकर्म इत्यादि। उन्होंने कहा कि हम इन जड़ी-बूटियों के सही मिश्रण के प्रयोग करके कोरोना और दूसरी वायरल बीमारियों से बच सकते हैं।



अतिथि वक्ता के रूप में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष योगाचार्य प्रोफेसर श्री गंगाधर सिंह ने कोरोना और दूसरी वायरल बीमारियों से बचने के लिए विभिन्न प्रकार के आसन-योगासन और प्राणायाम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री गंगाधर ने कहा कि कोरोना में ज्यादातर लोग सांस की परेशानी से मर रहे हैं। आयुर्वेद के ग्रंथों में सांस को सही करने के लिए बहुत से आसान उपाए बताए गए हैं, जिसको अपनाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कोरोना महामारी से बचने के लिए कुछ कारगर योगासन और प्राणायाम का लाइव डेमो देकर समझाने की कोशिश की। उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए योग-प्राणायाम के प्रोटोकॉल की भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से बताए गए क्रम में योग- प्राणायाम करने से समुचित लाभ मिलता है क्योंकि इसका वैज्ञानिक आधार है।



अतिथि वक्ता के रूप में हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर श्री शंकर कुमार ने कोरोना महामारी में आयुर्वेद और योग के विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कोविड-19 से लड़ने के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों का विश्लेषणात्मक उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में हम डायग्नोसिस के बजाय प्रोगनोसिस करते हैं। उन्होंने कोविड-19 के विश्वव्यापी प्रसार के मानचित्र का विश्लेषण करते हुए आयुर्वेद में वर्णित जांगल और अनूप प्रदेश से इसकी साम्यता और संबंध का भी जिक्र किया।


कार्यक्रम का संचालन पत्र सूचना कार्यालय के सहायक निदेशक श्री संजय कुमार एवं सह-संचालन फील्ड आउटरीच ब्यूरो, छपरा के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री पवन कुमार ने किया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन पत्र सूचना कार्यालय के सूचना सहायक श्री इफ्तेखार आलम ने दिया।




Friday, July 10, 2020

GITA_QUOTES_FOR_YOU




GITA_QUOTES_FOR_YOU

Their thoughts are overpowered by greed and they see no wrong in annihilating their relatives or wreaking treachery upon friends. Yet, O Janardan (Krishna), why should we, who can clearly see the crime in killing our kindred, not turn away from this sin?

Your THOUGHTS are powerful

If you read spiritual words every day, you will be getting blessings of The Almighty since the name of Almighty is like fire. Even if you touch fire unknowingly or by mistake, your finger will burn. Similarly if you read this even without knowing Almighty or by mistake, you will be getting blessings of the Almighty. You may also forward it to your friends for creating spirituality on this beautiful planet Earth. 

ThankYou!

#Thank_You_is_the_best_prayer