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Friday, August 7, 2020

How to Avoid Visiting Dentist and Avoid Dental Decay

मजबूत दांत के लिए 

ओरल हाइजीन 

का रखें ध्यान 

  


स्वस्थ सेहत के लिए दांतों को स्वस्थ रखना जरूरी है। 
ऐसे में सवाल यह उठता है कि दांतों की ठीक से सफाई कैसे करें की दांत स्वस्थ रहें? 

अपने पूरे जीवन में मुंह और दांतों की अच्छी तरह से देखभाल करने से समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है, जैसे कि मजबूत दांत के लिए हर दिन ब्रश करना और फ्लॉस करना और डेंटिस्ट को नियमित रूप से मिलना। आज हम मजबूत दांत पाने के बारे में विस्तार से बात करेंगे। जानेंगे कि दांतों को साफ कैसे रखा जा सकता है।

मजबूत दांत पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

 

मजबूत दांत पाने के लिए अपने दांतों को दिन में कम से कम दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें। 

मजबूत दांत के लिए दिन में कम से कम एक बार अपने दांतों को फ्लॉस करें।

स्मोकिंग से दूर रहें और न ही तंबाकू या गुटखा चबाएं, तभी आपको मजबूत दांत मिलेंगे।

नियमित रूप से अपने मुंह की जांच करते रहें। अगर, मसूड़ों में किसी तरह की बदलाव या दर्द होता है, तो डेंटिस्ट से संपर्क करें।

किसी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर जो आपको दवाई देते हैं, उसके साइड इफेक्ट्स के बार में जान लें, क्योंकि कुछ दवाओं के सेवन से मुंह में ड्राईनेस शुरू हो सकती है।

बच्चे खेलते वक्त हेडगेअर कैप का इस्तेमाल करें। अगर चोट लगती है, तो इससे चेहरे और दांतों को नुकसान नहीं होगा।

बड़े बच्चों को कम चीनी वाले स्नैक्स खाने के लिए प्रोत्साहित करें, जैसे कि फल, पनीर और सब्जियां।

छोटे बच्चे को चबाने वाली कैंडी की आदत न डालें। इससे उम्र बढ़ने के साथ-साथ दांतों पर बुरा असर हो सकता है।

इससे मजबूत दांत विकसित होने से पहले ही कमजोर हो कर सड़ने लगेंगे।

अपने बच्चों को सिखाएं कि कैसे अपने दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करें और इससे क्या-क्या फायदा हो सकता है।

छोटे बच्चे, जो बोतल से दूध पीते हैं, उन्हें सोते हुए बोतल से दूध पीने की आदत न डालें, इससे केविटी की परेशानी छोटी उम्र से ही शुरू हो सकती है।

डेंटिस्ट द्वारा बताए गए माउथ वॉश का इस्तेमाल नियमित रूप से करें

कुछ सवाल जो डेंटिस्ट से जरूर पूछने चाहिए

क्या मैं अपने दांतों को सही तरीके से ब्रश कर रहा हूं?

जिस टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर रहें हैं, वो ठीक है या नहीं ?
क्या रूट कैनाल करवाना सुरक्षित है?

जिस तरह के आहार का सेवन कर रहें हैं, वो ठीक है या नहीं?

डेंटिस्ट से कब-कब मिलना चाहिए?
अगर आपको मुंह या दांत में दर्द है, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर या डेंटिस्ट से जल्द मिलने की कोशिश करें।

मजबूत दांत के लिए ओरल हाइजीन का रखें ध्यान


दिन में दो बार करें ब्रश

मजबूत दांत पाने का सबसे अच्छा तरीका है कि दांतों को दिन में दो बार ब्रश करना। इससे प्लाक के जमने की संभावना बहुत कम हो जाती है। प्लाक दांतों और मसूड़ों के बीच एक चिपचिपी परत की तरह जमता चला जाता है, जो आगे चल कर दांत दर्द का कारण बनता है। जो दांतों व मसूड़ों को खराब कर कैविटी और सूजन का कारण बनता है। नियमित रूप से ब्रश न करने पर यह परत और भी ठोस होने लगती है, जिसे टार्टर कहते हैं।

टूथब्रश का करें सही चुनाव

टूथब्रश का चुनाव करते समय हमेशा याद रखें कि ब्रश के ब्रिसल्स सॉफ्ट हों। जिससे दांतों की सफाई भी हो जाए और मसूड़ों को नुकसान भी न हो। वहीं, हर तीन महीने में अपना ब्रश जरूर बदल लें। लेकिन अगर ब्रश के ब्रिसल्स उससे पहले भी हार्ड हो जाते हैं तो उसे बदलने में देरी न करें।

टूथपेस्ट चुनें वही, जो दांतों के लिए हो सही

उसी टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, जिसमें #fluoride की मात्रा पाई जाती हो। इससे दांतों की बाहरी परत इनेमल को मजबूती मिलती है और दांतों को सड़न से बचाने में भी मदद मिलती है। अच्छा टूथपेस्ट दांत दर्द से भी बचाव करता है। अगर माउथवॉश चुन रहे हैं, तब भी फ्लोराइड युक्त माउथवॉश चुनें।

फ्लॉसिंग को न करें इग्नोर

दांतों और मसूड़ों को तो हम ब्रश से साफ कर लेते हैं। लेकिन इसके अलावा कई जगहों पर ब्रश नहीं पहुंच पाता है। इन जगहों की सफाई के लिए फ्लॉसिंग की जाती है। फ्लॉसिंग एक बेहतर विकल्प है। जो दांतों के बीच के हिस्से में पहुंचकर जूठन को बाहर निकालता है।

सही तरीके से करें ब्रश

मजबूत दांत के लिए ब्रश करने का सही तरीका अपनाएं। ब्रश करने का सही तरीका ब्रश को दांतों के इनेमल यानी जोड़ पर ऊपर से नीचे और दाएं से बाएं की ओर करना है। इसके अलावा दांतों की साफ-सफाई के साथ जीभ की सफाई का भी ध्यान रखें।

बढ़ रहे हैं दांतों के मरीज

दांतों की बीमारियां भारत में एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रहीं हैं। भारत में दांतो की खराबी से 60 से 65 प्रतिशत और पेरियोडोंटल बीमारियों (Periodontal diseases) से 50 से 90 प्रतिशत जनसंख्या प्रभावित है।

ज्यादातर दांतों की समस्याएं इनेमल (enamel) पर एसिड के प्रभाव की वजह से होती हैं। जिसका मुख्य कारण आजकल का अनहेल्दी खानपान है। इस कारण लोग मजबूत दांत पाने के बजाए अपने दांत की सेहत को दाव पर लगाते जा रहे हैं।

मजबूत दांत पाने के लिए खाने का भी रखें ख्याल
कुछ भी खाने से पहले यह जरूर जान लें कि वह आपके दांतों या मूसूड़ों पर किस तरह का प्रभाव डाल सकता है।

मजबूत दांत पाने के लिए कोशिश करें कि मीठा कम खाएं।

बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक या कोल्ड ड्रिंक न पिएं, क्योंकि ये आपके मजबूत दांत को कमजोर बनाता है।

दूध या दूध से बनी चीजें, मांस, मछली, प्याज, लहसुन जैसी चीजें दांतों के बीच में फंस सकती हैं। इसलिए खाने के बाद साफ पानी से कुल्ला जरूर करें।

मजबूत दांत पाने के लिए दिन भर पानी की अधिक मात्रा पिएं।

ताजी और रेशेदार सब्जियों का अधिक सेवन करें।

फास्ट फूड से दूरी बनाएं 

धूम्रपान से दूरी बनाएं रहें। तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर हो सकता है। इसके अलावा, धूम्रपान मसूड़ों की बीमारी, मुंह से दुर्गंध आना, दांतों का पीला पड़ना जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

मुंह में ड्राईनेस की समस्या बार-बार आती हो, तो शुगर फ्री गम चबाना लाभकारी हो सकता है। इससे मुंह में लार बनती रहेगी।

मेडिकल सलाह:

अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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Health Warning and Cautions

Your patience matters as these have no bad side effect. 
सभी टिप्स कारगर है लेकिन यूज करते समय नियमितता ओर धैर्य रखे 
ये होम रिमेडिज है जादू की छडी नही 100% फायदा होता है नुकसान कुछ नही है 
आज की पोस्ट मे बताये नुस्खे के सामान से आपको एलर्जी है तो उसको ना यूज करना आपकी जिम्मेदारी है 
Please keep posting about your personal experience so that we can help you develop immunity, look more attractive, remain healthy and smart.

 


Thursday, August 6, 2020

How to control wrinkles: Coconut oil a great remedy

झुर्रियां दूर करने के 

आसान घरेलू उपाय 

  

रिंकल्स यानी झुर्रियों को बूढ़ापे की निशानी माना गया है। 
  
इनका सबसे ज्यादा असर चेहरे और हाथों पर दिखता है। बढ़ती उम्र के साथ होने वाली झुर्रियों को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कम जरूर किया जा सकता है। इसके कई घरेलू उपाय हैं।
  

बढ़ती उम्र के असर को त्वचा पर कम करने में नारियल तेल अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं लंबे समय तक सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा को भारी नुकसान भी हो सकता है।

क्यों पड़ती हैं रिंकल्स या झुर्रियां

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पतली और रुखी होने लगती है। इससे लचीलापन कम हो जाता है और त्वचा खुद को डैमेज होने से नहीं बचा पाती है या डैमेज होने के बाद खुद रिकवर नहीं हो पाती है। इस वजह से झुर्रियां दिखाई देने लगती है।
 

आजकल कम उम्र (मसलन 20 साल) में भी झुर्रियां नजर आने लगी हैं। इसके कारण व्यस्त जीवन शैली, तनाव, नींद की कमी और आहार संबंधी लापरवाही हैं।
 

जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें झुर्रियां जल्दी असर दिखाती हैं। इसका कारण यह है कि सूर्य की किरणों से त्वचा में मौजूद कोलेजन और इलेस्टिक फाइबर अलग-अलग होने लगते हैं। ये दोनों मिलकर कोशिकाओं को बांधे रखने का काम करते हैं, जिससे त्वचा कसी हुई नजर आती है। इस परत के टूटने से त्वचा कमजोर हो जाती है और झुर्रियां पड़ जाती हैं।

झुर्रियां दूर करने के आसान घरेलू उपाय

झुर्रियां रोकने के घरेलू उपाय सरल और सस्ते हैं। इनमें शामिल हैं- नारियल तेल, बेसन, अरंडी का तेल, विटामिन ई युक्त फल जैसे सेब, पपीता आदि।
नारियल तेल का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह त्वचा को पुनर्जन्म दे सकता है। इसके उपयोग के कई तरीके हैं और बिल्कुल सरल हैं। जैसे- नारियल तेल को रात को चेहरे पर लगाकर सोएं और सुबह उठकर चेहरा धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से झुर्रियां कम होने लगती हैं। इसके अलावा नारियल तेल में शहद मिलाएं, चेहरे पर हल्के हाथ से मालिश करें और कुछ देर रखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।
नींबू का रस निकाल कर एक बोतल में जमा कर लें। नहाने से पहले रोज माथे, मुंह और आंखों के आसपास इसे लगाएं और 15 मिनट तक रहने दें। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।
  

दही में उड़द दाल का पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। जब पेस्ट सूख जाए तो गीले कॉटन कपड़े से पोंछ लें। कुछ ऐसा ही प्रयोग बेसन के साथ है। बेसन में हल्दी और जैतून का तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। 20 मिनट बाद चेहरा धो लें।
झुर्रियां कम करने में कुछ फल भी बहुत कारगर हैं जैसे केला, अंगूर, सेब, पपीता। केले का पल्प बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। वहीं अंगुर का रस चेहरे पर लगाकर 20 मिनट तक रखें। इससे भी चेहरे की चमक बढ़ेगी। इसी तरह कच्चे सेब को पीसकर मुंह पर लगाएं। 10 से 15 मिनट रखने के बाद कुनकुने पानी से धो लें। चेहरा पूरी तरह साफ लगेगा।
  

पपीता विटामिन ए से भरपूर होता है। इसका पल्प बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा में कसावट आती है। इसी तरह, खीरे को पीसकर उसमें थोड़ा-सा दही मिलाएं और इस लेप को लगाएं। सूख जाने पर कुनकुने पानी से धो लें।
इन घरेलू उपायों को नियमित रूप से किया जाए और कुछ सावधनियां बरती जाएं तो चेहरे पर चमक हमेशा बनी रहेंगी। सावधानियां जैसे - खुद को प्रदूषण से बचाएं, अधिक गर्मी या तेज धूप में न निकलें, अपने खान-पान पर ध्यान दें, विटामिन डी की कमी न होने दें, केमिकल वाले सौदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल कम करें या उन्हें बार-बार न बदलें।' 
 









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Health Warning and Cautions

Your patience matters as these have no bad side effect. 
सभी टिप्स कारगर है लेकिन यूज करते समय नियमितता ओर धैर्य रखे 
ये होम रिमेडिज है जादू की छडी नही 100% फायदा होता है नुकसान कुछ नही है 
आज की पोस्ट मे बताये नुस्खे के सामान से आपको एलर्जी है तो उसको ना यूज करना आपकी जिम्मेदारी है
 
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