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Saturday, December 10, 2022

Vaidik Panchang 10122022

ॐ काकध्वजया विद्महे खड्ग हस्ताय धीमहि तन्नो मंदः प्रचोदयात
🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
 🌤️  *दिनांक - 10 दिसम्बर    2022*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - हेमंत ॠतु* 
🌤️ *मास - पौष (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार मार्गशीर्ष)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 
🌤️ *तिथि - द्वितीया दोपहर 01:47 तक तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - आर्द्रा शाम 05:42 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग -  शुक्ल 11 दिसम्बर प्रातः 04:26 तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️  *राहुकाल - सुबह 09:48 से सुबह 11:10 तक*
🌞 *सूर्योदय - 07:06*
🌦️ *सूर्यास्त - 17:56*
👉  *दिशाशूल - पूर्व  दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- 
🔥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
                   🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

💥? *5 आयु-आरोग्यवर्धक चीजें एवं 5 आयुनाशक चीजें* 🌷
 👉🏻 5️⃣ *चीजों से आयुष्य और आरोग्य बढ़ता है*
➡ *1 संयम : पति – पत्नी हैं फिर भी अलग रहें, थोडा संयम से रहें |*
➡ *2 उपवास : १५ दिन में एक उपवास करें |*
➡ *3 सूर्यकिरणों का सेवन : रोज सुबह सिर को ढककर शरीर पर कम-से-कम वस्त्र धारण करके ८ मिनट सूर्य की ओर मुख व १० मिनट पीठ करके बैठे | सूर्य से आँखें न लडाये |*
➡ *4 प्राणायाम : प्रात:काल ३ से ५ बजे के बीच प्राणायाम करना विशेष लाभकारी है | यह समय प्राणायाम द्वारा प्राणशक्ति, मन:शक्ति, बुद्धिशक्ति विकसित करने हेतु बेजोड़ है |*
➡ *5 मंत्रजप :मंत्रजप से आयुष्य, आरोग्य बढ़ता है और भाग्य निखरता है |*
👉🏻 *इन 5️⃣ कारणों से आयुष्य नष्ट होता है*
1️⃣ *अति शरीरिक परिश्रम*
2️⃣ *भय*
3️⃣ *चिंता*
4️⃣ *कामविकार का अधिक भोग*     

🙏🏻 *
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *मणिपुर केन्द्र कैसे विकसित करें* 🌷
🌞 *सूर्य को अर्घ्य देते समय नाभि में सूर्य का ध्यान कराने से मणिपुर केन्द्र ( ७ केन्द्रों का तीसरा केन्द्र) विकसित होगा। जीवनी शक्ति में लाभ होगा |* 
🙏🏻 *
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *सफ़ेद दाग का ईलाज* 🌷
👉🏻 *सबसे पहली बात विरुद्ध आहार छोड़ दो ( सब्जी-रोटी खाये और ऊपर से थोड़ी देर बाद दूध पी लिया, दूध पिया है फिर थोड़ी देर बाद कुछ खा लिया नमक मिर्च वाला ) ..... सफेद दाग हो वे .... एक मुट्ठी काले चने, 125 मिली पानी में डाल दे सुबह 8-9 बजे डाल दे.... उसमे 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण डाल दे, 24 घंटे वो पड़ा रहे ...ढक के रह दे ... 24 घंटे बाद वो छाने जितना खा सके चबाकर के खाये.... सफ़ेद दाग जल्दी मिटेंगें और होमियोपैथीक दवा लें, सफ़ेद दाग होमियोपैथी से जल्दी मिटे है |*
🙏🏻 *- यदि आपका धन किसी के पास फंस गया है और वह उसे वापस नहीं कर रहा तो अमावस्या या पूर्णिमा तिथि को सुबह स्नान के बाद, एक ताम्बे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल मिर्च के 11 बीज डालकर उगते हुए सूर्यदेव को चढ़ाते हुए प्रार्थना करे की आपके पैसे जल्दी वापस मिल जाये। जल चढ़ाने के पहले उगते हुये सूर्य को देखते हुए इस मंत्र- “ऊँ आदित्याय नमः” का 108 बार जप जरूर करें। कुछ ही दिनों में जिसके पास आपका पैसा है वह स्वयं घर आकर पैसे वापस देगा।
📖 *
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
पंचक

27 दिसंबर 2022 मंगलवार को प्रात: 03:31 से 31 दिसंबर 2022, शनिवार को प्रात: 11:47 बजे तक

एकादशी

19 दिसंबर 2022 सोमवार सफला एकादशी
प्रदोष

21 दिसंबर, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.
पूजा मुहूर्त- शाम 05:29 बजे से रात 08:13 बजे तक


दिनांक 10 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है।
 
आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं।

 
शुभ दिनांक : 1, 10, 19, 28
 
शुभ अंक : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
 
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
 
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
 
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए कुछ समस्याओं भरा रहेगा। आज आप जितने मेहनत करेंगे, आपको इतना लाभ ना मिलने से आप थोड़ा परेशान रहेंगे। आप अपनी वाणी की मधुरता को बनाए रखें, नहीं तो आपके आपसी रिश्ता में भी दरार पैदा हो सकती है। जीवन साथी आपके रवैये को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे। नौकरी के साथ साथ किसी पार्ट टाइम कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आपकी इच्छा भी आज पूरी होगी। आपको अपने कुछ कीमती वस्तुओं को संभाल कर रखना होगा, नहीं तो उनके खोने व चोरी होने का भय सता रहा है।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आज आपके साथ कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का आपको पूरा फल मिलेगा। आपके कुछ नए शत्रु उत्पन्न हो सकते हैं, जिनसे आपको बचना होगा और नौकरी में अधिकारी भी आपसे प्रसन्न रहेंगे। कारोबार की योजना बना रहे लोगों के लिए आज दिन उत्तम रहेगा। आपको ससुराल पक्ष से भी मान सम्मान मिलता दिख रहा है। सामाजिक कार्य में आप पूरी रुचि दिखाएंगे और कुछ कार्य को लेकर आप कुछ प्रदर्शन भी कर सकते हैं।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपको किसी कार्य में जोखिम उठाने से बचना होगा। आपको अपने पुराने सगे संबंधियों का पूरा साथ मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य कुछ नरम गरम रहेगा, जिसके कारण आप अपने कुछ कामों को कल पर टाल सकते हैं। यदि आपका कोई कानूनी संपत्ति संबंधित विवाद चल रहा है, तो उसमें आपको सावधान रहना होगा, नहीं तो समस्या हो सकती है। आपको कुछ फालतू खर्च पर रोक लगानी होगी, नहीं तो वह आपके लिए समस्या बन सकते हैं। आपकी अपने कुछ पुराने सगे संबंधियों से मुलाकात होग

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके प्रभाव व प्रताप में वृद्धि लेकर आएगा। आपका कोई बड़ा व लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा होने से प्रसन्नता बनी रहेगी और आपको लिए परिवार के सदस्य किसी छोटी मोटी पार्टी का आयोजन कर सकते हैं। आपको व्यवसाय संबंधित किसी यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा, जो आपके लिए लाभदायक रहेगी। रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे लोगों को कोई सूचना सुनने को मिल सकती है, जो आपके प्रसन्नता का कारण बनेगी। जल्दबाजी में यदि आपने कोई डिसीजन लिया, तो उसके लिए बाद में आपको पछतावा होगा।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आप किसी से हंसी मजाक में ना पड़े, नहीं तो समस्या आ सकती है। आपके आज लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में आपको बेकार के कामों पर ध्यान नहीं देना है और अपने काम से मतलब रखें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आपकी कुछ पुरानी गलतियां अधिकारियों के सामने आ सकती है, जिसके लिए आपको डांट खानी पड़ सकती है। आपको अपने कुछ फालतू खर्चे पर रोक लगानी होगी, नहीं तो आप अपने संचय धन को भी काफी हद तक समाप्त कर देंगे।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज आपको जल्दबाजी में किसी कार्य को करने से बचना होगा।  कार्यक्षेत्र में आप अपना काम दूसरे पर ना टालें, नहीं तो कोई बहुत बड़ी गलती हो सकती है, जिसका खामियाजा आप को भुगतना पड़ेगा। व्यापार कर रहे लोगों की डूबी हुई रकम उनको प्राप्त हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। आपको किसी योजना को आज अपने मित्रो से पूछ कर करनी होगी। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई प्रसन्नतादायक सूचना मिल सकती है। आपका कोई मित्र आज आपके घर दावत पर आ सकता है, जिससे आपका कुछ धन खर्च भी बढ़ सकता है।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज का दिन निवेश कर रहे लोगों के लिए उत्तम रहेगा। जो लोग शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में अपने धन का निवेश करते हैं, उन्हें अच्छा लाभ कमाने का मौका मिलेगा और बिजनेस कर रहे लोगों को एक से अधिक स्रोतों से आय प्राप्त हो सकती है। कारोबार कर रहे लोगों आज अच्छा धन कमा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में आज आपका खूब मन लगेगा, क्योंकि आपकी साख चारों ओर फैलेगी। माता पिता से आपको किसी बात पर उलझने से बचना होगा, नहीं तो उन्हें आपकी कोई बात बुरी लग सकती है और आप अपने किसी काम को लेकर परेशान रहेंगे।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन व्यापार कर रहे लोगों के लिए लाभदायक रहेगा। आप अपने घर किसी पूजा पाठ व धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं, जिसमें परिजनों का आना जाना लगा रहेगा। आपको परिवार में मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। आपको सावधान रहने की आवश्यकता है क्योंकि आपको कोई चोट आदि आने की संभावना बनती दिख रही है। आप अपने किसी परिजन से अपने मन की बात पर विचार विमर्श कर सकते हैं, जो आपकी पूरी मदद करेंगे। संतान को घर से दूर नौकरी मिलने से आपको उन्हे जाने से रोकना नहीं है।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए भागदौड़ भरा रहने वाला है। आपको अपनी नकारात्मक सोच को अपने ऊपर हावी होने नहीं देना है, नहीं तो आप परिवार में वरिष्ठ सदस्यों से भी अभद्र व्यवहार कर सकते हैं। आपके स्वाभिमान को आज किसी बात पर  ठेस पहुंच सकती है, जिससे आप कुछ निराश रहेंगे। किसी बाहरी व्यक्ति से कहासुनी न करें। यदि आपको कोई शारीरिक कष्ट लंबे समय से घेरे हुए हैं, तो आज वह फिर से उसके कष्टों में वृद्धि हो सकती है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन विद्यार्थियों के लिए उत्तम रहेगा। यदि किसी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आज उन्हें किसी परीक्षा को देने का मौका मिलेगा। आपको किसी संपत्ति संबंधित विवाद में जीत मिल सकती हैं, जिससे आपके संपत्ति में भी इजाफा होगी। आपका पुराने झगड़े व झंझटों से मुक्ति मिलेगी। राजनीति कार्यों में आपको सम्मिलित होने का आपको मौका मिलेगा। आप यदि किसी पार्टनर से कोई सलाह मशवरा करेंगे, तो उनकी सलाह आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सांसारिक सुख भोग के साधनों में वृद्धि लेकर आएगा। आपको किसी संपत्ति की प्राप्ति से कोई बड़ा लाभ मिल सकता है। भाग्य में उन्नति होने से आपका मन प्रसन्न रहेगा। कोई शारीरिक कष्ट आपकी समस्या का कारण बनेगा। आपको भ्रम की स्थिति में भी धैर्य बनाए रखना होगा। आपकी निर्णय लेने की क्षमता का आपको लाभ मिलेगा। आप लंबे समय बाद पुराने मित्र से मिलेंगे लेकिन पुराने वाद-विवाद को दोबारा पनपने न दें। 

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज का दिन व्यापार कर रहे लोगों के लिए अनुकूल लाभ दिलाने वाला रहेगा। फिर भी आप अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर पाएंगे। आप बच्चों के साथ किसी पिकनिक पर जाने की योजना बना सकते हैं, जिसमें छोटे बच्चे मौज मस्ती करते नजर आएंगे। आप जीवनसाथी के साथ कुछ सुकून भरे पल व्यतीत करेंगे। आपको किसी बाहरी व्यक्ति से बहस बाजी में पड़ने से बचना होगा, नहीं तो समस्या हो सकती है। नौकरी में कार्यरत लोगों के अधिकारों में वृद्धि होने से  उनके ऊपर काम का बहुत अधिक आ सकता है, जिसके बाद वह थोड़ा परेशान रहेंगे

Monday, November 28, 2022

Vaidik Panchang 28112022


तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहुँ ओर ।
बसीकरन इक मंत्र है परिहरू बचन कठोर ।

तुलसीदास जी कहते हैं कि मधुर वाणी सभी ओर सुख प्रकाशित करती हैं और यह हर किसी को अपनी और सम्मोहित करने का कारगर मंत्र है इसलिए हर मनुष्य को कटु वाणी त्याग कर मीठे बोल बोलने चाहिए ।


🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
 🌤️  *दिनांक - 28 नवंबर   2022*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - हेमंत ॠतु* 
🌤️ *मास - मार्गशीर्ष*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 
🌤️ *तिथि - पंचमी 29 नवंबर रात्रि  01:35 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराषाढा सुबह 10:29 तक तत्पश्चात श्रवण* 
🌤️ *योग - वृद्धि शाम 06:05  तक  तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️  *राहुकाल -  सुबह 08:20 से सुबह 09:42 तक*
🌞 *सूर्योदय - 06:58*
🌦️ *सूर्यास्त - 17:54*
👉  *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- 

               🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *स्वास्थवर्धक विशेष प्रयोग* 🌷 
➡ *यौवनदाता : १० – १५ ग्राम गाय के घी के साथ २५ ग्राम आँवले का चूर्ण, ५ ग्राम शहद तथा १० ग्राम तिल का तेल मिलाकर प्रात: सेवन करने से दीर्घकाल तक युवावस्था बनी रहती है |*
➡ *यादशक्ति बढ़ानेे हेतु : प्रतिदिन १५ से २० मि.ली. तुलसी रस व एक चम्मच च्यवनप्राश का थोडा-सा घोल बना के सारस्वत्य मंत्र अथवा गुरुमंत्र जपकर पियें | ४० दिन में चमत्कारिक फायदा होगा |*
➡ *वीर्यवर्धक योग : ४ – ५ खजूर रात को पानी में भिगो के रखें | सुबह १ चम्मच मक्खन, १ इलायची व थोडा-सा जायफल पानी में घिसकर उसमें मिला के खाली पेट लें | यह वीर्यवर्धक प्रयोग है |*  
🙏🏻 *- 
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *कलह-क्लेश, रोग व दुर्बलता मिटाने का उपाय* 🌷
 🏡 *जिसको घर में कलह-क्लेश मिटाना हो, रोग या शारीरिक दुर्बलता मिटाना हो वह इस चौपाई की पुनरावृत्ति किया करे*
🌷 *बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौ पवन-कुमार|*
*बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ||* 
🙏🏻 *
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *मुँह से बदबू* 🌷
👉🏻 *नमक और काली मिर्च मिलाके कभी – कभी मंजन करे तो मुँह की बदबू चली जायेगी |*
🙏🏻 *
📖 *
       🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🌻🍀🌺🙏🏻

पंचक
29 नवम्बर 29 2022, मंगलवार को सायंकाल 07:51 से 04 दिसंबर 2022, रविवार को प्रात: 06:16 बजे तक

27 दिसंबर 2022 मंगलवार को प्रात: 03:31 से 31 दिसंबर 2022, शनिवार को प्रात: 11:47 बजे तक
एकादशी
03 दिसंबर 2022 शनिवार मोक्षदा, मौन एकादशी
19 दिसंबर 2022 सोमवार सफला एकादशी
प्रदोष
05 दिसंबर, सोमवार- सोम प्रदोष व्रत.
पूजा मुहूर्त- शाम 05:24 बजे से रात 08:07 बजे तक.

21 दिसंबर, बुधवार- बुध प्रदोष व्रत.
पूजा मुहूर्त- शाम 05:29 बजे से रात 08:13 बजे तक

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 28 को जन्मे व्यक्ति राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। 2 और 8 आपस में मिलकर 10 होते हैं। इस तरह आपका मूलांक 1 होगा। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं।
 
आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है।
 
शुभ दिनांक : 1, 10, 19, 28
 
शुभ अंक : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
 
शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062
 
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
 
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आप लोगों का भरोसा जीत पाएंगे। शासन के कार्य में तेजी आएगी और आपको अपने सहयोगियों से सावधान रहना होगा। यदि आपने किसी संपत्ति का सौदा किया है,तो उसके चल अचल पहलुओं को स्वाधीनता से जांच लें। शेयर बाजार अथवा रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन कोई खुशखबरी लेकर आ सकता है। कामकाज के मामले में आज का दिन थोड़ा धीमा रहेगा। आप अपने किसी मन की इच्छा की पूर्ति होने से प्रसन्न रहेंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य के दृष्टिकोण से उत्तम रहने वाला है। करियर को लेकर आज आप थोड़ा परेशान रहेंगे। किसी परिवार में वरिष्ठ सदस्य की ओर से आपको कोई अच्छा मुकाम मिल सकता है। अविवाहित जातकों के लिए उत्तम विवाह के प्रस्ताव आएंगे। आपको अपने किसी मित्र के स्वास्थ्य की चिंता सता सकती है। आपकी धार्मिक कार्य के प्रति आस्था बढ़ेगी और किसी बात को बड़ों के सामने विनम्रता से रखें,तभी वह आपकी बात का मान रखेंगे और आपको परिवार में किसी सदस्य से किए हुए वादे को भी पूरा करना होगा।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए अक्समात लाभ दिलाने वाला रहेगा। आज आपको करियर को लेकर परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जल्दबाजी में आप कोई काम ना करें। कामकाज पर फोकस बनाए रखें। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से आज आप थोड़ा परेशान रहेंगे,लेकिन आपको अपने किसी करीबी की बात का पूरा मान रखना होगा। बड़ों का सहयोग व सानिध्य भरपूर मात्रा में मिलता दिख रहा है। आपको किसी काम के लिए एक अक्समात यात्रा पर जाना पड़ सकता है जो आपके लिए लाभदायक रहेगी। 

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन आनंदमय रहेगा और बिजनेस कर रहे लोग अपने बिखरे व्यापार को संभालने में लगे रहेंगे। आपको कुछ महत्वपूर्ण मामलों में परिवार में किसी सदस्य पर भरोसा करना होगा। जीवनसाथी को आज आपकी कोई बात बुरी लग सकती है। आपकी स्थायित्व की भावना को बल मिलेगा,लेकिन आपकी पद व प्रतिष्ठा में वृद्धि से आप प्रसन्न रहेंगे और किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। आपका कोई लेन-देन आज आपके लिए समस्या बनेगा,इसलिए अपनी आंख व कान दोनों खुले रखें,नहीं तो समस्या हो सकती है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन नौकरी से जुड़े लोगों के लिए उत्तम रहने वाला है और आपको कुछ अनुभवी व्यक्तियों से सलाह मशवरे की आवश्यकता हो सकती है। आपको आज लेनदेन पर पूरा ध्यान देना होगा। आपकी धार्मिक कार्य के प्रति आज आस्था बढ़ेगी। मेहनत व लगन से आप काम पर पूरा ध्यान देंगे और स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहेंगे। यदि कोई समस्या है,तो उसे नजरअंदाज करने से बचें,लेकिन आप अपनी सकारात्मक सोच से अपने सभी काम आसानी से पूरे कर पाएंगे। विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारियों में लगना होगा,तभी वह सफलता हासिल कर पाएंगे।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपकी विभिन्न विषयों में रूचि बढ़ेगी और आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन उत्तम रहेगा। आपके किसी आवश्यक कार्य को समय रहते पूरा करना होगा नहीं तो बाद में समस्या हो सकती है। यदि आपका कोई महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है,तो उसमें आपको कोई शुभ सूचना सुनने को मिलेगी। आपको आज कोई निर्णय बुद्धि व विवेक से लेना होगा,नहीं तो वह लंबा टल सकता है। आप अपने लक्ष्य को यदि पकड़कर चलेंगे तभी वह पूरे हो सकेंगे।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज आप धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और परिवार में भी किसी पूजा पाठ व भजन कीर्तन आदि का आयोजन कर सकते हैं। आप अपने निजी विषयों में सहजता बनाए रखें। घर परिवार में माहौल आनंदमय रहेगा और यदि आपका कोई संपत्ति संबंधित मामला चल रहा है,तो वह भी हल होगा। आपको किसी बात को लेकर अति उत्साहित होने से बचना होगा,नहीं तो समस्या हो सकती है। यदि आपने जल्दबाजी में कोई निर्णय लिया,तो वह आपके लिए बाद में समस्या लेकर आएगा। आपको आज कोई धोखा दे सकता है,इसलिए सावधान रहें।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए उत्तम रहेगा। आपको परिजनों का पूरा साथ मिलेगा और आप भाई बंधुओं के सहयोग से अपने कामों को बढ़ावा देंगे,लेकिन भाईचारा मजबूत होने से आज आपकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। आपको परिवार में किसी सदस्य की ओर से कोई शुभ व मांगलिक सूचना सुनने को मिल सकती है,जो आपके प्रसन्नता का कारण बनेगी। पारिवारिक परिस्थितियों में आज आप धैर्य बनाए रखें। आपको कोई लेन देन संबंधित काम में आज धैर्य धारण करके करना होगा।
 
धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। आज आपकी वाणी की मधुरता आपको मान सम्मान दिलाएगी। धन-धान्य में वृद्धि होने से आप प्रसन्न रहेंगे और आपके कुछ आर्थिक मामलों को आज गति मिलेगी। यदि रक्त संबंधी रिश्तों में कुछ समस्या चल रही है,तो उनको आज मजबूती मिलेगी। जीवन स्तर में सुधार आएगा और आप किसी काम में यदि निसंकोच आगे बढ़ेंगे,तो उससे आज आपको परेशानी होगी। आपको आज परिवार में किसी सदस्य के करियर से संबंधित कोई फैसला भावनाओं में बहकर नहीं लेना है,नहीं तो समस्या हो सकती है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मेहनत भरा रहने वाला है। आज आप किसी काम को लेकर यदि परेशान थे,तो उसमें आपको जीत मिल सकती है और मान सम्मान में भी वृद्धि होगी। सभी क्षेत्रों में कार्यरत लोग आज बातचीत को पूरा महत्व देंगे और आपको व्यर्थ में किसी की बातों में आने से बचना होगा। शासन व प्रशासन से संबंधित आज आपके काम बनेंगे और जीत का प्रतिशत भी अधिक रहेगा। नवविवाहित जातकों के जीवन में आज किसी नए मेहमान के आने से खुशियां बनी रहेंगी।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपको अति उत्साहित होने से बचना होगा और अपने पारिवारिक रिश्तों को आज तालमेल करके बनाए रखें,तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आज आपको त्याग व सहयोग की भावना को बढ़ावा देना होगा। आप सभी की बातों का आज आप पूरा मान रखेंगे और किसी नीति नियम के अनुसार काम करके आज आप कुछ लोगों को भी जोड़ सकते हैं। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है,तो वह आज फिर से बाहर आ सकता है,जिसमें आपको बड़ों की सलाह पर चलना होगा,नहीं तो बाद में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज एक से अधिक स्त्रोतों से आय प्राप्त होने से आपका मन प्रसन्न रहेगा। एक से अधिक काम हाथ आने से आज आपकी व्याकाग्रता बढ़ सकती है। बिजनेस कर रहे लोग आज अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कुछ नई तकनीकों को भी अपना सकते हैं। विद्यार्थी आज सफलता की सीढ़ी तेजी से चढ़ेंगे। आपको अपना कुछ रुका हुआ धन मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे। आप आज घर परिवार में सबको साथ लेकर चलने की पूरी कोशिश करेंगे। आप अपने डेली रूटीन में भी कुछ बदलाव कर सकते हैं और अपने आवश्यक कार्यों की एक सूची बनाएंगे, तभी वह समय से पूरे हो पाएंगे

Tuesday, November 22, 2022

Mysteries associated with Bhagwan Shiv

👌इसे सेव कर सुरक्षित कर ले। ऐसी पोस्ट कम ही आती है।

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियों द्वारा किया गया अनुसंधान)

■ काष्ठा = सैकन्ड का  34000 वाँ भाग
■ 1 त्रुटि  = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
■ 2 त्रुटि  = 1 लव ,
■ 1 लव = 1 क्षण
■ 30 क्षण = 1 विपल ,
■ 60 विपल = 1 पल
■ 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
■ 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
■3 होरा=1प्रहर व 8 प्रहर 1 दिवस (वार)
■ 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
■ 7 दिवस = 1 सप्ताह
■ 4 सप्ताह = 1 माह ,
■ 2 माह = 1 ऋतू
■ 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी
■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग
■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,
■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,
■ 4 युग = सतयुग
■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
■ 72 महायुग = मनवन्तर ,
■ 1000 महायुग = 1 कल्प
■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
■ महालय  = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )

सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यहीं है जो हमारे देश भारत में बना हुआ है । ये हमारा भारत जिस पर हमे गर्व होना चाहिये l
दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।

तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।

चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।

पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच  उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।

छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच),  मोह, आलस्य।

सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।

आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।
आठ लक्ष्मी : आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
आठ वसु : अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास।
आठ सिद्धि : अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व।
आठ धातु : सोना, चांदी, ताम्बा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा।

नवदुर्गा : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री।
नवग्रह : सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
नवरत्न : हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया।
नवनिधि : पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि।

दस महाविद्या : काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला।
दस दिशाएँ : पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे।
दस दिक्पाल : इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत।
दस अवतार (विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि।
दस सति : सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती।

*उक्त जानकारी शास्त्रोक्त 📚 आधार पर... हे.....💐
जय श्री राम राधे कृष्णा राधे श्याम🙏🙏
                                                ऐसी जानकारी बार-बार नहीं आती, और आगे भेजें, ताकि लोगों को सनातन धर्म की जानकारी हो  सके आपका आभार धन्यवाद होगा

1-अष्टाध्यायी               पाणिनी
2-रामायण                    वाल्मीकि
3-महाभारत                  वेदव्यास
4-अर्थशास्त्र                  चाणक्य
5-महाभाष्य                  पतंजलि
6-सत्सहसारिका सूत्र      नागार्जुन
7-बुद्धचरित                  अश्वघोष
8-सौंदरानन्द                 अश्वघोष
9-महाविभाषाशास्त्र        वसुमित्र
10- स्वप्नवासवदत्ता        भास
11-कामसूत्र                  वात्स्यायन
12-कुमारसंभवम्           कालिदास
13-अभिज्ञानशकुंतलम्    कालिदास  
14-विक्रमोउर्वशियां        कालिदास
15-मेघदूत                    कालिदास
16-रघुवंशम्                  कालिदास
17-मालविकाग्निमित्रम्   कालिदास
18-नाट्यशास्त्र              भरतमुनि
19-देवीचंद्रगुप्तम          विशाखदत्त
20-मृच्छकटिकम्          शूद्रक
21-सूर्य सिद्धान्त           आर्यभट्ट
22-वृहतसिंता               बरामिहिर
23-पंचतंत्र।                  विष्णु शर्मा
24-कथासरित्सागर        सोमदेव
25-अभिधम्मकोश         वसुबन्धु
26-मुद्राराक्षस               विशाखदत्त
27-रावणवध।              भटिट
28-किरातार्जुनीयम्       भारवि
29-दशकुमारचरितम्     दंडी
30-हर्षचरित                वाणभट्ट
31-कादंबरी                वाणभट्ट
32-वासवदत्ता             सुबंधु
33-नागानंद                हर्षवधन
34-रत्नावली               हर्षवर्धन
35-प्रियदर्शिका            हर्षवर्धन
36-मालतीमाधव         भवभूति
37-पृथ्वीराज विजय     जयानक
38-कर्पूरमंजरी            राजशेखर
39-काव्यमीमांसा         राजशेखर
40-नवसहसांक चरित   पदम् गुप्त
41-शब्दानुशासन         राजभोज
42-वृहतकथामंजरी      क्षेमेन्द्र
43-नैषधचरितम           श्रीहर्ष
44-विक्रमांकदेवचरित   बिल्हण
45-कुमारपालचरित      हेमचन्द्र
46-गीतगोविन्द            जयदेव
47-पृथ्वीराजरासो         चंदरवरदाई
48-राजतरंगिणी           कल्हण
49-रासमाला               सोमेश्वर
50-शिशुपाल वध          माघ
51-गौडवाहो                वाकपति
52-रामचरित                सन्धयाकरनंदी
53-द्वयाश्रय काव्य         हेमचन्द्र

वेद-ज्ञान:-

प्र.1-  वेद किसे कहते है ?
उत्तर-  ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है।

प्र.2-  वेद-ज्ञान किसने दिया ?
उत्तर-  ईश्वर ने दिया।

प्र.3-  ईश्वर ने वेद-ज्ञान कब दिया ?
उत्तर-  ईश्वर ने सृष्टि के आरंभ में वेद-ज्ञान दिया।

प्र.4-  ईश्वर ने वेद ज्ञान क्यों दिया ?
उत्तर- मनुष्य-मात्र के कल्याण         के लिए।

प्र.5-  वेद कितने है ?
उत्तर- चार ।                                                  
1-ऋग्वेद 
2-यजुर्वेद  
3-सामवेद
4-अथर्ववेद

प्र.6-  वेदों के ब्राह्मण ।
        वेद              ब्राह्मण
1 - ऋग्वेद      -     ऐतरेय
2 - यजुर्वेद      -     शतपथ
3 - सामवेद     -    तांड्य
4 - अथर्ववेद   -   गोपथ

प्र.7-  वेदों के उपवेद कितने है।
उत्तर -  चार।
      वेद                     उपवेद
    1- ऋग्वेद       -     आयुर्वेद
    2- यजुर्वेद       -    धनुर्वेद
    3 -सामवेद      -     गंधर्ववेद
    4- अथर्ववेद    -     अर्थवेद

प्र 8-  वेदों के अंग हैं ।
उत्तर -  छः ।
1 - शिक्षा
2 - कल्प
3 - निरूक्त
4 - व्याकरण
5 - छंद
6 - ज्योतिष

प्र.9- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने किन किन ऋषियो को दिया ?
उत्तर- चार ऋषियों को।
         वेद                ऋषि
1- ऋग्वेद         -      अग्नि
2 - यजुर्वेद       -       वायु
3 - सामवेद      -      आदित्य
4 - अथर्ववेद    -     अंगिरा

प्र.10-  वेदों का ज्ञान ईश्वर ने ऋषियों को कैसे दिया ?
उत्तर- समाधि की अवस्था में।

प्र.11-  वेदों में कैसे ज्ञान है ?
उत्तर-  सब सत्य विद्याओं का ज्ञान-विज्ञान।

प्र.12-  वेदो के विषय कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-   चार ।
        ऋषि        विषय
1-  ऋग्वेद    -    ज्ञान
2-  यजुर्वेद    -    कर्म
3-  सामवे     -    उपासना
4-  अथर्ववेद -    विज्ञान

प्र.13-  वेदों में।

ऋग्वेद में।
1-  मंडल      -  10
2 - अष्टक     -   08
3 - सूक्त        -  1028
4 - अनुवाक  -   85 
5 - ऋचाएं     -  10589

यजुर्वेद में।
1- अध्याय    -  40
2- मंत्र           - 1975

सामवेद में।
1-  आरचिक   -  06
2 - अध्याय     -   06
3-  ऋचाएं       -  1875

अथर्ववेद में।
1- कांड      -    20
2- सूक्त      -   731
3 - मंत्र       -   5977
          
प्र.14-  वेद पढ़ने का अधिकार किसको है ?                                                                                                      उत्तर-  मनुष्य-मात्र को वेद पढ़ने का अधिकार है।

प्र.15-  क्या वेदों में मूर्तिपूजा का विधान है ?
उत्तर-  बिलकुल भी नहीं।

प्र.16-  क्या वेदों में अवतारवाद का प्रमाण है ?
उत्तर-  नहीं।

प्र.17-  सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?
उत्तर-  ऋग्वेद।

प्र.18-  वेदों की उत्पत्ति कब हुई ?
उत्तर-  वेदो की उत्पत्ति सृष्टि के आदि से परमात्मा द्वारा हुई । अर्थात 1 अरब 96 करोड़ 8 लाख 43 हजार वर्ष पूर्व । 

प्र.19-  वेद-ज्ञान के सहायक दर्शन-शास्त्र ( उपअंग ) कितने हैं और उनके लेखकों का क्या नाम है ?
उत्तर- 
1-  न्याय दर्शन  - गौतम मुनि।
2- वैशेषिक दर्शन  - कणाद मुनि।
3- योगदर्शन  - पतंजलि मुनि।
4- मीमांसा दर्शन  - जैमिनी मुनि।
5- सांख्य दर्शन  - कपिल मुनि।
6- वेदांत दर्शन  - व्यास मुनि।

प्र.20-  शास्त्रों के विषय क्या है ?
उत्तर-  आत्मा,  परमात्मा, प्रकृति,  जगत की उत्पत्ति,  मुक्ति अर्थात सब प्रकार का भौतिक व आध्यात्मिक  ज्ञान-विज्ञान आदि।

प्र.21-  प्रामाणिक उपनिषदे कितनी है ?
उत्तर-  केवल ग्यारह।

प्र.22-  उपनिषदों के नाम बतावे ?
उत्तर-  
01-ईश ( ईशावास्य )  
02-केन  
03-कठ  
04-प्रश्न  
05-मुंडक  
06-मांडू  
07-ऐतरेय  
08-तैत्तिरीय 
09-छांदोग्य 
10-वृहदारण्यक 
11-श्वेताश्वतर ।

प्र.23-  उपनिषदों के विषय कहाँ से लिए गए है ?
उत्तर- वेदों से।
प्र.24- चार वर्ण।
उत्तर- 
1- ब्राह्मण
2- क्षत्रिय
3- वैश्य
4- शूद्र

प्र.25- चार युग।
1- सतयुग - 17,28000  वर्षों का नाम ( सतयुग ) रखा है।
2- त्रेतायुग- 12,96000  वर्षों का नाम ( त्रेतायुग ) रखा है।
3- द्वापरयुग- 8,64000  वर्षों का नाम है।
4- कलयुग- 4,32000  वर्षों का नाम है।
कलयुग के 5122  वर्षों का भोग हो चुका है अभी तक।
4,27024 वर्षों का भोग होना है। 

पंच महायज्ञ
       1- ब्रह्मयज्ञ   
       2- देवयज्ञ
       3- पितृयज्ञ
       4- बलिवैश्वदेवयज्ञ
       5- अतिथियज्ञ
   
स्वर्ग  -  जहाँ सुख है।
नरक  -  जहाँ दुःख है।.

*#भगवान_शिव के  "35" रहस्य!!!!!!!!

भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है।

*🔱1. आदिनाथ शिव : -* सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है।

*🔱2. शिव के अस्त्र-शस्त्र : -* शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था।

*🔱3. भगवान शिव का नाग : -* शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है।

*🔱4. शिव की अर्द्धांगिनी : -* शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया और वही उमा, उर्मि, काली कही गई हैं।

*🔱5. शिव के पुत्र : -* शिव के प्रमुख 6 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा और भूमा। सभी के जन्म की कथा रोचक है।

*🔱6. शिव के शिष्य : -* शिव के 7 शिष्य हैं जिन्हें प्रारंभिक सप्तऋषि माना गया है। इन ऋषियों ने ही शिव के ज्ञान को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया जिसके चलते भिन्न-भिन्न धर्म और संस्कृतियों की उत्पत्ति हुई। शिव ने ही गुरु और शिष्य परंपरा की शुरुआत की थी। शिव के शिष्य हैं- बृहस्पति, विशालाक्ष, शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज इसके अलावा 8वें गौरशिरस मुनि भी थे।

*🔱7. शिव के गण : -* शिव के गणों में भैरव, वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, जय और विजय प्रमुख हैं। इसके अलावा, पिशाच, दैत्य और नाग-नागिन, पशुओं को भी शिव का गण माना जाता है। 

*🔱8. शिव पंचायत : -* भगवान सूर्य, गणपति, देवी, रुद्र और विष्णु ये शिव पंचायत कहलाते हैं।

*🔱9. शिव के द्वारपाल : -* नंदी, स्कंद, रिटी, वृषभ, भृंगी, गणेश, उमा-महेश्वर और महाकाल।

*🔱10. शिव पार्षद : -* जिस तरह जय और विजय विष्णु के पार्षद हैं उसी तरह बाण, रावण, चंड, नंदी, भृंगी आदि शिव के पार्षद हैं।

*🔱11. सभी धर्मों का केंद्र शिव : -* शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। मुशरिक, यजीदी, साबिईन, सुबी, इब्राहीमी धर्मों में शिव के होने की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। शिव के शिष्यों से एक ऐसी परंपरा की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर शैव, सिद्ध, नाथ, दिगंबर और सूफी संप्रदाय में वि‍भक्त हो गई।

*🔱12. बौद्ध साहित्य के मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय : -*  ख्यातिप्राप्त विद्वान प्रोफेसर उपासक का मानना है कि शंकर ने ही बुद्ध के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने पालि ग्रंथों में वर्णित 27 बुद्धों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें बुद्ध के 3 नाम अतिप्राचीन हैं- तणंकर, शणंकर और मेघंकर।

*🔱13. देवता और असुर दोनों के प्रिय शिव : -* भगवान शिव को देवों के साथ असुर, दानव, राक्षस, पिशाच, गंधर्व, यक्ष आदि सभी पूजते हैं। वे रावण को भी वरदान देते हैं और राम को भी। उन्होंने भस्मासुर, शुक्राचार्य आदि कई असुरों को वरदान दिया था। शिव, सभी आदिवासी, वनवासी जाति, वर्ण, धर्म और समाज के सर्वोच्च देवता हैं।

*🔱14. शिव चिह्न : -* वनवासी से लेकर सभी साधारण व्‍यक्ति जिस चिह्न की पूजा कर सकें, उस पत्‍थर के ढेले, बटिया को शिव का चिह्न माना जाता है। इसके अलावा रुद्राक्ष और त्रिशूल को भी शिव का चिह्न माना गया है। कुछ लोग डमरू और अर्द्ध चन्द्र को भी शिव का चिह्न मानते हैं, हालांकि ज्यादातर लोग शिवलिंग अर्थात शिव की ज्योति का पूजन करते हैं।

*🔱15. शिव की गुफा : -* शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए एक पहाड़ी में अपने त्रिशूल से एक गुफा बनाई और वे फिर उसी गुफा में छिप गए। वह गुफा जम्मू से 150 किलोमीटर दूर त्रिकूटा की पहाड़ियों पर है। दूसरी ओर भगवान शिव ने जहां पार्वती को अमृत ज्ञान दिया था वह गुफा 'अमरनाथ गुफा' के नाम से प्रसिद्ध है।

*🔱16. शिव के पैरों के निशान : -* श्रीपद- श्रीलंका में रतन द्वीप पहाड़ की चोटी पर स्थित श्रीपद नामक मंदिर में शिव के पैरों के निशान हैं। ये पदचिह्न 5 फुट 7 इंच लंबे और 2 फुट 6 इंच चौड़े हैं। इस स्थान को सिवानोलीपदम कहते हैं। कुछ लोग इसे आदम पीक कहते हैं।

रुद्र पद- तमिलनाडु के नागपट्टीनम जिले के थिरुवेंगडू क्षेत्र में श्रीस्वेदारण्येश्‍वर का मंदिर में शिव के पदचिह्न हैं जिसे 'रुद्र पदम' कहा जाता है। इसके अलावा थिरुवन्नामलाई में भी एक स्थान पर शिव के पदचिह्न हैं।

तेजपुर- असम के तेजपुर में ब्रह्मपुत्र नदी के पास स्थित रुद्रपद मंदिर में शिव के दाएं पैर का निशान है।

जागेश्वर- उत्तराखंड के अल्मोड़ा से 36 किलोमीटर दूर जागेश्वर मंदिर की पहाड़ी से लगभग साढ़े 4 किलोमीटर दूर जंगल में भीम के पास शिव के पदचिह्न हैं। पांडवों को दर्शन देने से बचने के लिए उन्होंने अपना एक पैर यहां और दूसरा कैलाश में रखा था।

रांची- झारखंड के रांची रेलवे स्टेशन से 7 किलोमीटर की दूरी पर 'रांची हिल' पर शिवजी के पैरों के निशान हैं। इस स्थान को 'पहाड़ी बाबा मंदिर' कहा जाता है।

*🔱17. शिव के अवतार : -* वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, महेश, अश्वत्थामा, शरभावतार, गृहपति, दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, सुनटनर्तक, ब्रह्मचारी, यक्ष, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर, हंसरूप, द्विज, नतेश्वर आदि हुए हैं। वेदों में रुद्रों का जिक्र है। रुद्र 11 बताए जाते हैं- कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शंभू, चण्ड तथा भव।

*🔱18. शिव का विरोधाभासिक परिवार : -* शिवपुत्र कार्तिकेय का वाहन मयूर है, जबकि शिव के गले में वासुकि नाग है। स्वभाव से मयूर और नाग आपस में दुश्मन हैं। इधर गणपति का वाहन चूहा है, जबकि सांप मूषकभक्षी जीव है। पार्वती का वाहन शेर है, लेकिन शिवजी का वाहन तो नंदी बैल है। इस विरोधाभास या वैचारिक भिन्नता के बावजूद परिवार में एकता है।

*🔱19.*  ति‍ब्बत स्थित कैलाश पर्वत पर उनका निवास है। जहां पर शिव विराजमान हैं उस पर्वत के ठीक नीचे पाताल लोक है जो भगवान विष्णु का स्थान है। शिव के आसन के ऊपर वायुमंडल के पार क्रमश: स्वर्ग लोक और फिर ब्रह्माजी का स्थान है।

*🔱20.शिव भक्त : -* ब्रह्मा, विष्णु और सभी देवी-देवताओं सहित भगवान राम और कृष्ण भी शिव भक्त है। हरिवंश पुराण के अनुसार, कैलास पर्वत पर कृष्ण ने शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी। भगवान राम ने रामेश्वरम में शिवलिंग स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना की थी।

*🔱21.शिव ध्यान : -* शिव की भक्ति हेतु शिव का ध्यान-पूजन किया जाता है। शिवलिंग को बिल्वपत्र चढ़ाकर शिवलिंग के समीप मंत्र जाप या ध्यान करने से मोक्ष का मार्ग पुष्ट होता है।

*🔱22.शिव मंत्र : -* दो ही शिव के मंत्र हैं पहला- ॐ नम: शिवाय। दूसरा महामृत्युंजय मंत्र- ॐ ह्रौं जू सः। ॐ भूः भुवः स्वः। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌। स्वः भुवः भूः ॐ। सः जू ह्रौं ॐ ॥ है।

*🔱23.शिव व्रत और त्योहार : -* सोमवार, प्रदोष और श्रावण मास में शिव व्रत रखे जाते हैं। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि शिव का प्रमुख पर्व त्योहार है।

*🔱24.शिव प्रचारक : -* भगवान शंकर की परंपरा को उनके शिष्यों बृहस्पति, विशालाक्ष (शिव), शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज, अगस्त्य मुनि, गौरशिरस मुनि, नंदी, कार्तिकेय, भैरवनाथ आदि ने आगे बढ़ाया। इसके अलावा वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, बाण, रावण, जय और विजय ने भी शैवपंथ का प्रचार किया। इस परंपरा में सबसे बड़ा नाम आदिगुरु भगवान दत्तात्रेय का आता है। दत्तात्रेय के बाद आदि शंकराचार्य, मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गुरुगोरखनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

*🔱25.शिव महिमा : -* शिव ने कालकूट नामक विष पिया था जो अमृत मंथन के दौरान निकला था। शिव ने भस्मासुर जैसे कई असुरों को वरदान दिया था। शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। शिव ने गणेश और राजा दक्ष के सिर को जोड़ दिया था। ब्रह्मा द्वारा छल किए जाने पर शिव ने ब्रह्मा का पांचवां सिर काट दिया था।

*🔱26.शैव परम्परा : -* दसनामी, शाक्त, सिद्ध, दिगंबर, नाथ, लिंगायत, तमिल शैव, कालमुख शैव, कश्मीरी शैव, वीरशैव, नाग, लकुलीश, पाशुपत, कापालिक, कालदमन और महेश्वर सभी शैव परंपरा से हैं। चंद्रवंशी, सूर्यवंशी, अग्निवंशी और नागवंशी भी शिव की परंपरा से ही माने जाते हैं। भारत की असुर, रक्ष और आदिवासी जाति के आराध्य देव शिव ही हैं। शैव धर्म भारत के आदिवासियों का धर्म है।

*🔱27.शिव के प्रमुख नाम : -*  शिव के वैसे तो अनेक नाम हैं जिनमें 108 नामों का उल्लेख पुराणों में मिलता है लेकिन यहां प्रचलित नाम जानें- महेश, नीलकंठ, महादेव, महाकाल, शंकर, पशुपतिनाथ, गंगाधर, नटराज, त्रिनेत्र, भोलेनाथ, आदिदेव, आदिनाथ, त्रियंबक, त्रिलोकेश, जटाशंकर, जगदीश, प्रलयंकर, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, हर, शिवशंभु, भूतनाथ और रुद्र।

*🔱28.अमरनाथ के अमृत वचन : -* शिव ने अपनी अर्धांगिनी पार्वती को मोक्ष हेतु अमरनाथ की गुफा में जो ज्ञान दिया उस ज्ञान की आज अनेकानेक शाखाएं हो चली हैं। वह ज्ञानयोग और तंत्र के मूल सूत्रों में शामिल है। 'विज्ञान भैरव तंत्र' एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें भगवान शिव द्वारा पार्वती को बताए गए 112 ध्यान सूत्रों का संकलन है।

*🔱29.शिव ग्रंथ : -* वेद और उपनिषद सहित विज्ञान भैरव तंत्र, शिव पुराण और शिव संहिता में शिव की संपूर्ण शिक्षा और दीक्षा समाई हुई है। तंत्र के अनेक ग्रंथों में उनकी शिक्षा का विस्तार हुआ है।

*🔱30.शिवलिंग : -* वायु पुराण के अनुसार प्रलयकाल में समस्त सृष्टि जिसमें लीन हो जाती है और पुन: सृष्टिकाल में जिससे प्रकट होती है, उसे लिंग कहते हैं। इस प्रकार विश्व की संपूर्ण ऊर्जा ही लिंग की प्रतीक है। वस्तुत: यह संपूर्ण सृष्टि बिंदु-नाद स्वरूप है। बिंदु शक्ति है और नाद शिव। बिंदु अर्थात ऊर्जा और नाद अर्थात ध्वनि। यही दो संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है। इसी कारण प्रतीक स्वरूप शिवलिंग की पूजा-अर्चना है।

*🔱31.बारह ज्योतिर्लिंग : -* सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ॐकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथजी, त्र्यम्बकेश्वर, केदारनाथ, घृष्णेश्वर। ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति के संबंध में अनेकों मान्यताएं प्रचलित है। ज्योतिर्लिंग यानी 'व्यापक ब्रह्मात्मलिंग' जिसका अर्थ है 'व्यापक प्रकाश'। जो शिवलिंग के बारह खंड हैं। शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी को ज्योतिर्लिंग या ज्योति पिंड कहा गया है।

 दूसरी मान्यता अनुसार शिव पुराण के अनुसार प्राचीनकाल में आकाश से ज्‍योति पिंड पृथ्‍वी पर गिरे और उनसे थोड़ी देर के लिए प्रकाश फैल गया। इस तरह के अनेकों उल्का पिंड आकाश से धरती पर गिरे थे। भारत में गिरे अनेकों पिंडों में से प्रमुख बारह पिंड को ही ज्‍योतिर्लिंग में शामिल किया गया।

*🔱32.शिव का दर्शन : -* शिव के जीवन और दर्शन को जो लोग यथार्थ दृष्टि से देखते हैं वे सही बुद्धि वाले और यथार्थ को पकड़ने वाले शिवभक्त हैं, क्योंकि शिव का दर्शन कहता है कि यथार्थ में जियो, वर्तमान में जियो, अपनी चित्तवृत्तियों से लड़ो मत, उन्हें अजनबी बनकर देखो और कल्पना का भी यथार्थ के लिए उपयोग करो। आइंस्टीन से पूर्व शिव ने ही कहा था कि कल्पना ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

*🔱33.शिव और शंकर : -* शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं- शिव, शंकर, भोलेनाथ। इस तरह अनजाने ही कई लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम बताते हैं। असल में, दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को हमेशा तपस्वी रूप में दिखाया जाता है। कई जगह तो शंकर को शिवलिंग का ध्यान करते हुए दिखाया गया है। अत: शिव और शंकर दो अलग अलग सत्ताएं है। हालांकि शंकर को भी शिवरूप माना गया है। माना जाता है कि महेष (नंदी) और महाकाल भगवान शंकर के द्वारपाल हैं। रुद्र देवता शंकर की पंचायत के सदस्य हैं।

*🔱34. देवों के देव महादेव :* देवताओं की दैत्यों से प्रतिस्पर्धा चलती रहती थी। ऐसे में जब भी देवताओं पर घोर संकट आता था तो वे सभी देवाधिदेव महादेव के पास जाते थे। दैत्यों, राक्षसों सहित देवताओं ने भी शिव को कई बार चुनौती दी, लेकिन वे सभी परास्त होकर शिव के समक्ष झुक गए इसीलिए शिव हैं देवों के देव महादेव। वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। वे राम को भी वरदान देते हैं और रावण को भी।

Tuesday, October 4, 2022

Vaidik Panchang 04102022

*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 04 अक्टूबर 2022*
*⛅दिन - मंगलवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2079*
*⛅शक संवत् - 1944*
*⛅अयन - दक्षिणायन*
*⛅ऋतु - शरद*
*⛅मास - आश्विन*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - नवमी दोपहर 02:20 तक तत्पश्चात दशमी*
*⛅नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा रात्रि 12:25 तक तत्पश्चात श्रवण*
*⛅योग - अतिगण्ड सुबह 11:23 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
*⛅राहु काल - अपरान्ह 03:26 से 04:55 तक*
*⛅सूर्योदय - 06:32*
*⛅सूर्यास्त - 06:24*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 04:55 से 05:44 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:04 से 12:53 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - महानवमी, नवरात्रि व्रत समाप्त*
*⛅ विशेष - नवमी को लौकी एवं दशमी को कलम्बिका शाक खाना सर्वथा त्याज्य है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 

*🌹 नवरात्रि - महानवमी - 04 अक्टूबर 🌹*

*🌹 चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन माँ दुर्गा के नौवें अवतार सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है । माँ सिद्धिदात्री भक्तों को हर प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं । सिद्धिदात्री के आशीर्वाद के बाद श्रद्धालु के लिए कोई कार्य असंभव नहीं रह जाता और उसे सभी सुख-समृद्धि प्राप्त होती है ।*

*🌹 नवरात्रि की नवमी तिथि यानी अंतिम दिन माता दुर्गा को हलवा, चना-पूरी, खीर आदि का भोग लगाएं । इससे वैभव व यश मिलता है ।*

🌹 *नवरात्र के उपवास कब खोलें ?*

*🔹शारदीय नवरात्रि पारणा समय - 4 अक्टूबर, मंगलवार सुबह 11:00 के बाद एवं दोपहर 2:15 के पहले उपवास खोलना है ।*

*🌹 शास्त्रों में लिखा है - ‘नवमी तिथि को पारणा करने से कुल की वृद्धि होती हैं ।’ अतः नौ दिन का उपवास हो या केवल सप्तमी, अष्टमी और नवमी का उपवास हो - दोनों प्रकार के व्रतों का दशमी तिथि लगने से पूर्व नवमी तिथि में ही पारणा कर लेना चाहिए । 04 अक्टूबर को सुबह 11:00 के बाद दोपहर 02:15 पहले पारणा कर लें अर्थात् बिना उपवास का अन्न जैसे - मूँग, रोटी, चावल आदि कुछ खा लें ।*


*🔹विद्यार्थियों की समस्याएँ एवं उनका समाधान - भाग (२)*
*🔹स्मृति व बुद्धि शक्ति बढ़ाने के उपाय🔹*

*👉 इंटरनेट पर अपना समय बरबाद न करें और जैविक घड़ी अनुसार अपनी दिनचर्या बनायें ।* 

*👉 भ्रामरी व अनुलोम-विलोम प्राणायाम, त्राटक, पूज्य बापूजी द्वारा बतायी गयी श्वासों को गिनने की साधना तथा पूज्यश्री से दीक्षा में प्राप्त सारस्वत्य मंत्र या भगवन्नाम का जप नियमितरूप से करें। ये एकाग्रता, स्मरणशक्ति बढ़ाने के अचूक साधन हैं ।*

*👉 पढ़ाई करते समय कमर सीधी करके बैठें । कमर झुकाकर या लेट के न पढ़ें ।*

*👉 पढ़ने से पहले जीभ को तालू में लगाकर थोड़ी देर शांत बैठें । इससे मन एकाग्र होता है और बुद्धिशक्ति बढ़ती है ।*

*👉 जिन बच्चों को सिर में दर्द रहता है वे नाक में २-२ बूँद गुनगुना देशी गाय का शुद्ध घी डालें ।*

*👉 देर रात तक पढ़ने से बुद्धि कमजोर होती है और याद भी देर से होता है । अतः रात को ९-१० बजे सो जायें और प्रातः ४-४.३० बजे उठ के पढ़ें ।*

*👉 आसन, व्यायाम, सूर्यनमस्कार, पैदल भ्रमण रोज करें । सादा सात्त्विक भोजन करें ।*

*👉 सुबह खाली पेट तुलसी के ५-७ पत्ते चबाकर ऊपर से १ गिलास गुनगुना पानी पियें (रविवार, द्वादशी, अमावस्या को छोड़कर) । तुलसी-सेवन व दूध में २ घंटे का अंतर रखें ।*

*👉 सुबह १-१ चम्मच आँवला रस व शहद का मिश्रण लेने से स्मृतिशक्ति बढ़ती है ।*

*👉 देशी गाय के दूध में १ चम्मच (५ ग्राम) देशी गाय का घी मिलाकर पीने से स्मृतिशक्ति व बुद्धि बढ़ती है । पेट साफ करने में भी यह मददरूप है ।*

*🔹स्मरणशक्ति बढ़ाने हेतु विशिष्ट औषधियाँ🔹*

*(१) सुवर्णप्राश : १ से २ गोली सुबह खाली पेट दूध या देशी गाय के घी से लें । यह बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ मानसिक व शारीरिक विकास के लिए भी विशेष लाभदायी है ।*

*(२) शंखपुष्पी सिरप : १ से २ चम्मच सुबह-शाम लें । याददाश्त बढ़ाने हेतु यह एक दिव्य औषधि है ।*

*(३) ब्राह्मी घृत : एक चम्मच (५ ग्राम) घृत' : सुबह खाली पेट गरम पानी से लें । बाद में भूख लगने पर भोजन करें । यह दिमागी कमजोरी को दूर करके बुद्धि की मंदता एवं याददाश्त की कमजोरी में लाभदायी है ।

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻

              🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *बिना मुहूर्त के मुहूर्त (दशहरा)* 🌷
➡ *05 अक्टूबर 2022 बुधवार को विजयादशमी (दशहरा) है।*
👉🏻 *विजयादशमी का दिन बहुत महत्त्व का है और इस दिन सूर्यास्त के पूर्व से लेकर तारे निकलने तक का समय अर्थात् संध्या का समय बहुत उपयोगी है। रघु राजा ने इसी समय कुबेर पर चढ़ाई करने का संकेत कर दिया था कि ‘सोने की मुहरों की वृष्टि करो या तो फिर युद्ध करो।’ रामचन्द्रजी रावण के साथ युद्ध में इसी दिन विजयी हुए। ऐसे ही इस विजयादशमी के दिन अपने मन में जो रावण के विचार हैं काम, क्रोध, लोभ, मोह, भय, शोक, चिंता – इन अंदर के शत्रुओं को जीतना है और रोग, अशांति जैसे बाहर के शत्रुओं पर भी विजय पानी है। दशहरा यह खबर देता है।*
👉🏻 *अपनी सीमा के पार जाकर औरंगजेब के दाँत खट्टे करने के लिए शिवाजी ने दशहरे का दिन चुना था – बिना मुहूर्त के मुहूर्त ! (विजयादशमी का पूरा दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त है अर्थात इस दिन कोई भी शुभ कर्म करने के लिए पंचांग-शुद्धि या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं रहती।) इसलिए दशहरे के दिन कोई भी वीरतापूर्ण काम करने वाला सफल होता है।*
👉🏻 *वरतंतु ऋषि का शिष्य कौत्स विद्याध्ययन समाप्त करके जब घर जाने लगा तो उसने अपने गुरुदेव से गुरूदक्षिणा के लिए निवेदन किया। तब गुरुदेव ने कहाः वत्स ! तुम्हारी सेवा ही मेरी गुरुदक्षिणा है। तुम्हारा कल्याण हो।’*
👉🏻 *परंतु कौत्स के बार-बार गुरुदक्षिणा के लिए आग्रह करते रहने पर ऋषि ने क्रुद्ध होकर कहाः ‘तुम गुरूदक्षिणा देना ही चाहते हो तो चौदह करोड़ स्वर्णमुद्राएँ लाकर दो।”*
👉🏻 *अब गुरुजी ने आज्ञा की है। इतनी स्वर्णमुद्राएँ और तो कोई देगा नहीं, रघु राजा के पास गये। रघु राजा ने इसी दिन को चुना और कुबेर को कहाः “या तो स्वर्णमुद्राओं की बरसात करो या तो युद्ध के लिए तैयार हो जाओ।” कुबेर ने शमी वृक्ष पर स्वर्णमुद्राओं की वृष्टि की। रघु राजा ने वह धन ऋषिकुमार को दिया लेकिन ऋषिकुमार ने अपने पास नहीं रखा, ऋषि को दिया।*
👉🏻 *विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष का पूजन किया जाता है और उसके पत्ते देकर एक-दूसरे को यह याद दिलाना होता है कि सुख बाँटने की चीज है और दुःख पैरों तले कुचलने की चीज है। धन-सम्पदा अकेले भोगने के लिए नहीं है। तेन त्यक्तेन भुंजीथा….। जो अकेले भोग करता है, धन-सम्पदा उसको ले डूबती है।*
👉🏻 *भोगवादी, दुनिया में विदेशी ‘अपने लिए – अपने लिए….’ करते हैं तो ‘व्हील चेयर’ पर और ‘हार्ट अटैक’ आदि कई बीमारियों से मरते हैं। अमेरिका में 58 प्रतिशत को सप्ताह में कभी-कभी अनिद्रा सताती है और 35 प्रतिशत को हर रोज अनिद्रा सताती है। भारत में अनिद्रा का प्रमाण 10 प्रतिशत भी नहीं है क्योंकि यहाँ सत्संग है और त्याग, परोपकार से जीने की कला है। यह भारत की महान संस्कृति का फल हमें मिल रहा है।*
👉🏻 *तो दशहरे की संध्या को भगवान को प्रीतिपूर्वक भजे और प्रार्थना करें कि ‘हे भगवान ! जो चीज सबसे श्रेष्ठ है उसी में हमारी रूचि करना।’ संकल्प करना कि’आज प्रतिज्ञा करते हैं कि हम ॐकार का जप करेंगे।’*
👉🏻 *‘ॐ’ का जप करने से देवदर्शन, लौकिक कामनाओं की पूर्ति, आध्यात्मिक चेतना में वृद्धि, साधक की ऊर्जा एवं क्षमता में वृद्धि और जीवन में दिव्यता तथा परमात्मा की प्राप्ति होती है।*
*
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *गुस्सा बहुत आता हो तो* 🌷
😡 *गुस्सा बहुत आता हो तो धरती माता को अर्घ्य देना चाहिये कि माँ मै भी सहनशील बनूँ ....बात बात में गुस्सा न करूँ |*
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻 

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं।

इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

 
शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31
 
शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57
 
शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060
 
ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।

यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज आपको साझेदारी में किसी बिजनेस में लाभ मिल सकता है, इसलिए आप यदि पार्टनरशिप में कोई काम करेंगे, तो वह आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। मित्र की सहायता से आज आपका कोई रुका हुआ काम बन सकता है। लेकिन कुछ मित्र आपके शत्रु भी बन सकते हैं, जिनसे आपको बातचीत करनी होगी व उनके मन में चल रही कुछ उलझनों को समाप्त करना होगा। आज आपके अधिकारी आपकी बातों से प्रसन्न रहेंगे व आपके दिए गए सुझावों का कार्य क्षेत्र में स्वागत होगा।


वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज आपको अपने भाई बहनों से चल रही अनबन को बातचीत के जरिए ही समाप्त करना होगा। यदि आप आज कोई निर्णय बुद्धि व विवेक से लेंगे, तो वह आपके लिए भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगा, लेकिन आप किसी व्यक्ति की कही सुनी बातों में आकर कार्य क्षेत्र में किसी लड़ाई झगड़े को दावत दे सकते हैं, जो आपके लिए समस्या भरा रहेगा। जो लोग नौकरी में कार्यरत हैं और किसी दूसरे की तलाश कर रहे हैं, तो उनकी वह इच्छा भी आज पूरी होती दिख रही है। विद्यार्थियों को आज गुरुजनों की मदद से कोई स्कॉलरशिप भी प्राप्त हो सकती है।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज के दिन आपको जल्दबाजी में कोई लेनदेन से संबंधित फैसला लेने से बचना होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी किसी गलती से आज कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आपको आज शेयर मार्केट में ज्यादा धन लगाने से बचना होगा, नहीं तो आपका वह धन फंस सकता है। आपको अपने आसपास में किसी की मदद करने का मौका मिले, तो अवश्य करें, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। आज आपके घर व नौकरी में माहौल सामान्य रहने से आप कुछ तनाव मुक्त रहेंगे।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
बिजनेस कर रहे लोग आज के दिन नई योजनाएं बनाएंगे। नौकरी में आज आप अपने जूनियर से आसानी से काम निकलवा पाएंगे। आज आप कड़वाहट में मिठास को बदलने की कला को अपनाकर अधिकारियों की आंखों का तारा बनेंगे। यदि आज आपको किसी गलत बात पर क्रोध आए, तो भी आपको नियंत्रण बनाए रखना होगा, नहीं तो आपका कोई वाद विवाद खड़ा हो सकता है और खाली बैठकर समय व्यतीत करने से अच्छा है कि आप अपने रुके हुए कामों को पूरा करें।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन भाग्य के दृष्टिकोण से उत्तम रहने वाला है, लेकिन आप यदि किसी काम में हाथ डालेंगे, तो उसमें सफलता आपको अवश्य प्राप्त होगी। जो काम आपको अत्यधिक प्रिय हो, तो आज आप वह काम अवश्य करें। नौकरी के साथ-साथ यदि आप किसी छोटे-मोटे काम में हाथ आजमाना चाहते हैं, तो आपकी वह इच्छा आज पूरी होगी। संतान को आप कुछ जिम्मेदारियां दे सकते हैं, जिन पर वह खरी उतरेगी और उन्हें समय रहते पूरा करेंगी। माता-पिता आज आपका प्रत्येक कार्य में पूरा साथ देंगे।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
नौकरी कर रहे लोग यदि अपनी नौकरी में बदलाव चाहते हैं, तो उन्हें वह बदलाव मिलता दिख रहा है। आपका किसी साथी से यदि आपका कोई लड़ाई- झगड़ा चल रहा है, तो वह अभी और लंबा चलेगा। परिवार में आप लोगों से यदि आज कुछ धन उधार मांगेंगे, तो वह आपको आसानी से मिल जाएगा। आप अपने मन की किसी इच्छा को अपनी माताजी से बता सकते हैं, जिसे वह पूरी अवश्य करेंगी। भाई बहन के विवाह में यदि कोई बाधा आ रही थी, तो आज वह भी दूर होगी।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)
आज काम की अधिकता होने के कारण आप अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे पाएंगे, जिससे आपको सिर दर्द, थकान, कमजोरी आदि जैसी समस्या हो सकती है। किसी कानूनी मामले में वाद-विवाद पनपने से आप थोड़ा परेशान रहेंगे, लेकिन आपकी यह समस्या अनुभवी व्यक्तियों की मदद से समाप्त होती दिख रही है। आज आपकी मान व प्रतिष्ठा बढ़ने से आपकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। आप एक से अधिक स्रोतों से धन प्राप्त करने में कामयाब रहेंगे।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन धन संबंधित मामले में आपको सावधानी बरतने के लिए रहेगा। प्रेम जीवन जी रहे लोग आज जल्दबाजी में आकर अपने साथी से कोई ऐसा वादा कर सकते हैं, जिसे उन्हें पूरा करने में समस्या होगी। आय निश्चित होने के कारण आपको अपने कुछ बढ़ते हुए खर्चों पर लगाम लगानी होगी, नहीं तो बाद में आपको धन के संकट से जूझना पड़ सकता है। संतान आपसे किसी छोटी मोटी चीज की फरमाइश कर सकती है, जिसे आप पूरी अवश्य करेंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप धन को आज किसी लालची व्यक्ति की बातों में आकर गलत जगह लगा सकते हैं। आपकी आज कोई मन की इच्छा पूरी होने से परिवार में किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें परिजनों का आना जाना लगा रहेगा। आपको आज ननिहाल पक्ष के लोगों से भी मेल मिलाप करने को मिल सकता है। आपको अपनी मंकी कुछ इच्छाओं को अंदर ही रखना होगा, नहीं तो लोग आपके मन बातों को जानकर उनका फायदा उठा सकते हैं।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है। आपको कोई निवेश बहुत ही सोच समझ कर करना होगा। आप आज कोई ऐसा काम ना करें, जिससे आपके व आपके परिवार के सदस्यों का नाम नीचा हो। आपके सांसारिक सुखों के साधनों में भी वृद्धि होती दिख रही है। आप नौकर चाकरों का भी पूरा सुख लेंगे। रोजगार की तलाश कर रहे लोग आज अपने मित्र के द्वारा कोई अच्छी नौकरी पा सकते हैं, जिससे उनकी काफी सारी समस्याएं हल होंगी।
 

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन गृहस्थ जीवन जी रहे लोगों के लिए उत्तम रहने वाला है। जीवनसाथी का सहयोग मिलने से उनके काफी काम आसानी से बन जाएंगे और आप अपने जीवन साथी के लिए कोई उपहार भी लेकर आ सकते हैं। परिवार में माहौल खुशनुमा रहने से आप प्रसन्न रहेंगे और आपका तनाव भी थोड़ा कम होगा। आपको आज किसी से हंसी हंसी मजाक में भी कोई ऐसी बात नहीं बोली है, जो किसी को बुरी लगे। यदि आपको कोई आंखों से संबंधित समस्या चल रही है, तो उसमें लापरवाही बिल्कुल ना बरतें व डॉक्टरी परामर्श अवश्य लें।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज आपको किसी भी जोखिम भरे काम में हाथ आजमाने से बचना होगा। यदि कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना पडे, तो वरिष्ठ सदस्यों की मदद से ले, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आप अपने मित्रों के साथ आज किसी मनोरंजन या पिकनिक आदि की यात्रा पर जा सकते हैं, जो आपके लिए लाभदायक रहेगी। आप आज किसी धार्मिक आयोजन में जाएं, तो अपने मोबाइल आदि का पूरा ध्यान दे, नहीं तो उनके खोने का भय बना हुआ है। आपको आज किसी परिजन के घर दावत पर जाने का मौका मिलेगा। आपको किसी दूसरे के मामले में बिना मांगे सलाह देने से बचना होगा
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Wednesday, September 21, 2022

Vaidik Panchang 21092022


*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 21 सितम्बर 2022*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2079*
*⛅शक संवत् - 1944*
*⛅अयन - दक्षिणायन*
*⛅ऋतु - शरद*
*⛅मास - आश्विन (गुजरात एवं महाराष्ट्र में भाद्रपद)*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - एकादशी रात्रि 11:34 तक तत्पश्चात द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - पुष्य रात्रि 11:47 तक तत्पश्चात अश्लेषा*
*⛅योग - परिघ सुबह 09:13 तक तत्पश्चात शिव*
*⛅राहु काल - दोपहर 12:33 से 02:02 तक*
*⛅सूर्योदय - 06:28*
*⛅सूर्यास्त - 06:37*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 04:53 से 05:41 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:09 से 12:56 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - इंदिरा एकादशी व्रत एवं एकादशी का श्राद्ध*
*⛅ विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है ।*

*🌹इंदिरा एकादशी - 21 सितम्बर 2022🌹*

*🔹एकादशी 20 सितम्बर रात्रि 09:27 से 21 सितम्बर रात्रि 11:34 तक । व्रत उपवास 21 सितम्बर बुधवार को रखा जाएगा ।*

*👉 एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है ।*
*👉 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
*👉 जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
*👉 एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
*👉 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
*👉 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
*👉 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।*

*🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹*

*🌹1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।*

*🌹2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।*

*🌹हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*

*🌹राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।*
*सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।*

*एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

*🌹3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।*

*🌹4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।*

*🌹5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।*

*🌹6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) - इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) - इनका सेवन न करें ।*

*🌹7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।*

*🌹8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।*

*🌹9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।*

*🌹10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।*

*🌹11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।*

*🌹12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।*

*🌹13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।*

*🌹14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।*

*🔹 इस विधि से व्रत करनेवाला उत्तम फल को प्राप्त करता है 

🌷 *इंदिरा एकादशी* 🌷
➡️ *20 सितम्बर 2022 मंगलवार को रात्रि 09:27 से 21 सितम्बर, बुधवार को रात्रि 11:34 तक एकादशी है ।*
💥 *विशेष - 21 सितम्बर, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।*
🙏🏻 *इंदिरा एकादशी व्रत से बड़े – बड़े पापों का नाश हो जाता है | यह नीच योनियों में पड़े हुए पितरों को भी सद्गति देनेवाली है | इसका माहात्म्य पढ़ने-सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है | - पद्म पुराण*
             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *कौन सा वृक्ष लगाने से क्या फल मिलता है*🌷
🙏🏻 *भविष्यपुराण में आता हैं कि अशोक-वृक्ष लगाने से कभी शोक नहीं होता, प्लक्ष (पाकड़) वृक्ष उत्तम स्त्री प्रदान करवाता है ज्ञानरुपी फल भी देता हैं | बिल्ववृक्ष दीर्घ आयुष्य प्रदान करता है | जामुन का वृक्ष धन देता है, तेंदू का वृक्ष कुलबुद्धि कराता है | दाडिम (अनार) का वृक्ष स्त्री-सुख प्राप्त कराता है | बकुल पाप-नाशक, यंजुल (तिनिश) बल-बुद्धिप्रद है | धातकी (धव) स्वर्ग प्रदान करता हैं | वटवृक्ष मोक्षप्रद, आम्रवृक्ष अभीष्ट कामनाप्रद और गुवाक (सुपारी) का वृक्ष सिद्धिप्रद है | वल्वल, मधूक (महुआ) तथा अर्जुन-वृक्ष सब प्रकार का अन्न प्रदान करता है | कदम्ब-वृक्ष से विपुल लक्ष्मी की प्रप्ति होती है | तिन्तिडी )इमली) का वृक्ष धर्मदूषक माना गया है | शमी-वृक्ष रोग-नाशक है | केशर से शत्रुओं का विनाश होता है | श्वेत वट धनप्रदाता पनस (कटहल)वृक्ष मंद बुद्धिकारक है | मर्कटी (केंवाच)एवं कदम-वृक्ष के लगाने से संतति का क्षय होता है |*
*शीशम, अर्जुन, जयंती, करवीर, बेल तथा पलाश- वृक्षों के आरोपण से स्वर्ग की प्राप्ति होती है | विधिपूर्वक वृक्ष का रोपण करने से स्वर्ग-सुख प्राप्त होता है और रोपणकर्ता के तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं |*

             🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं।

आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30
 
शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052
 
ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु
 
शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा। आज किसी कानूनी कार्य में जीत मिलने से आपका मन प्रसन्न रहेगा और किसी संपत्ति संबंधित विवाद में आज आप अपने भाइयों की मदद से सफलता पा सकते हैं। नौकरी में आज आप बेहतर प्रदर्शन करके लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहेंगे। परिवार में वरिष्ठ सदस्य आज आपसे कोई फरमाइश कर सकते हैं, जिसे आप पूरी अवश्य करेंगे। आप जीवनसाथी के मन में चल रही समस्याओं पर उनसे बातचीत कर सकते हैं

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। आज कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है, उनके काफी काम सिद्ध होंगे। आपने यदि पहले कभी किसी से कर्ज लिया था, तो उसे आप आज उतारने में काफी हद तक सफल रहेंगे और सफलता के नए मार्ग आपके लिए खुलेगे। परिवार में आप अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की कोशिश करने में लगे रहेंगे और उन्हें समय से पूरा करके देंगे। धन लाभ के आज आपको कई अवसर प्राप्त होंगे, जिन पर चलकर आप अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज के दिन आप आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे और आपकी साख चारों ओर फैलेगी। विद्यार्थी आज परिवार में चल रही कलह के कारण पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं लगाएंगे। आज आपका मन अपने किसी मित्र से मिलकर प्रसन्न चित्त हो उठेगा। क्रोध की स्थिति पर आज आप नियंत्रण रखने की कोशिश करे, नहीं तो आपसी रिश्तो में दरार पैदा हो सकती हैं। आप आज अपने लंबे समय से रुके हुए कार्यों की भी सुध बुध लेंगे और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए कार्यक्षेत्र में कुछ उलझने लेकर आएगा। आपको अपने आस पड़ोस में रह रहे मित्र के रुप में जो शत्रु हैं, उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। सेहत के प्रति सचेत रहे यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या हो, तो उसमें लापरवाही बिल्कुल ना बरतें। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोग आज महिला मित्र के सहयोग से धन लाभ पा सकते हैं। आपका कोई परिजन यदि आपसे लंबे समय से नाराज चल रहा है, तो आज आप उनसे अपनी किसी गलती के लिए माफी मांग सकते हैं।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। गृहस्थ जीवन में यदि कुछ परेशानियां चल रही थी, तो उनके लिए आज आप ससुराल पक्ष के व्यक्तियों से बातचीत कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होने से आप प्रसन्न रहेंगे, लेकिन परिवार का कोई सदस्य आज आप को खरी-खोटी सुना सकता है। कार्यक्षेत्र में कुछ नए अवरोध पैदा होंगे। आज आपको समय पर काम पूरा करने के लिए अपने आलस्य को त्याग कर आगे बढ़ना होगा, नहीं तो आपका बनता हुआ काम बिगड़ सकता है।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए घरेलू झगड़े का झंझटो से निजात दिलाने वाला रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आज आप किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं। आप अपने बढ़ते हुए खर्चों को लेकर परेशान रहेंगे, लेकिन आपको यह सोचना होगा कि कौन सा जरूरी है और और कौन सा नहीं। आज यदि आपने बिना सोचे समझे अपने धन का निवेश किया, तो आपका धन फंस सकता है। यदि किसी से धन उधार लेने की सोच रहे हैं, तो कुछ समय रुक ना बेहतर रहेगा, नहीं तो आपको उसे उतार पाना मुश्किल होगा।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आज आप अपने संतान के भविष्य को सुचारू बनाने के लिए कोई प्लानिंग कर सकते हैं। सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को आज किसी योजना का पूरा लाभ मिलेगा। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोग आज अपनी मेहनत से अच्छा मुकाम पा सकते हैं। यदि आप अपने धन का कहीं निवेश करें, तो आप उसे एफडी कमेटी आदि में निवेश कर सकते हैं, जिससे आपको अच्छा लाभ मिलेगा।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए खुशियां लेकर आएगा। कार्य क्षेत्र में चल रही समस्याएं समाप्त होंगी और आपके सभी काम फिर से शुरू हो सकते हैं, लेकिन जो लोग व्यवसाय करते हैं, उन्हें आज अपने अन्य साथियों के सहयोग की आवश्यकता होगी, तभी वह अपने आर्डर समय पर पूरे कर पाएंगे। आज आपको किसी निवेश की सूचना मिले, तो उसमें आपको पहले पूरी सही जानकारी लेकर ही निवेश करना बेहतर रहेगा। विद्यार्थी आज पढ़ाई लिखाई में आ रही समस्याओं के कारण परेशान रहेंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। आज आपको एक से अधिक स्त्रोतों से से धन मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे और आपकी आमदनी भी बढ़ेगी। नौकरी में कार्यरत लोग आज अपने अधिकारियों से तालमेल बनाकर रखें, नहीं तो वह आपके पदोन्नति में बाधा बन सकते हैं। परिवार के लोग आज किसी पिकनिक पर जाने की योजना बना सकते हैं। आपको आज वाणी की मधुरता को बनाए रखना बेहतर रहेगा वह किसी विपरीत परिस्थिति में भी धैर्य बनाए रखें।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज आपके मन में चल रही समस्याएं समाप्त होंगी और आप मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। कार्य क्षेत्र में आज आपके सभी रुके हुए काम आसानी से बनते चले जाएंगे,जिनसे आप अच्छा लाभ भी कमाने में कामयाब रहेंगे। आज आप कुछ नई योजनाओं में धन लगा सकते हैं, जो भविष्य में आपको अच्छा लाभ देंगी। आज आपका मन आध्यात्मिक कार्यों की ओर अग्रसर रहेगा। साझेदारी में आज आप किसी नए व्यवसाय को करने पर विचार विमर्श कर सकते हैं। पिताजी की सलाह से यदि आप कोई निर्णय लेंगे, तो वह आपके लिए बेहतर रहेगा।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों से बेहतर रहने वाला है। आज आपको रुपए पैसे के लेनदेन के मामले में किसी पर भी भरोसा करने से बचना होगा, नहीं तो वह आपका भरोसा तोड़ सकता है। नौकरी में कार्यरत लोगों को आज मान सम्मान मिलने से उनकी पद और प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। स्वास्थ्य में यदि कुछ छोटी-मोटी समस्याएं चल रही थी, तो उनसे आज आपको निजात मिलेगी, जिसके कारण आपका मन प्रसन्न रहेगा। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को आज कोई अच्छा ऑफर आ सकता है।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज के दिन आप अपने परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम के होने से काफी उत्साहित रहेंगे और परिवार के सभी सदस्य पूरी मेहनत से कार्य करते नजर आएंगे। आयात निर्यात का विदेशों से व्यापार कर रहे लोगों को लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में यदि कुछ अवरोध चल रहे थे, तो वह भी दूर होंगे और आप अधिकारियों से अपनी समस्याओं पर बातचीत भी कर सकते हैं। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। गृहस्थ जीवन में आप अच्छा तालमेल बनाने में कामयाब रहेंगे