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Monday, November 27, 2023

Important Mantra to Chant

।। ये 15 मंत्र जिसे याद रखनी चाहिए ।।
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1. Mahadev
          ॐ त्र्यम्बकं यजा महे, 
           सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ,
           उर्वारुकमिव बन्धनान्,
           मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

2. Shri Ganesha
              वक्रतुंड महाकाय, 
              सूर्य कोटि समप्रभ 
              निर्विघ्नम कुरू मे देव,
              सर्वकार्येषु सर्वदा ।।

3. Shri hari Vishnu
           मङ्गलम् भगवान विष्णुः,
           मङ्गलम् गरुणध्वजः।
           मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः,
           मङ्गलाय तनो हरि:।।

4. Shri Brahma ji
             ॐ नमस्ते परमं ब्रह्मा,
              नमस्ते परमात्ने ।
              निर्गुणाय नमस्तुभ्यं,
              सदुयाय नमो नम:।।

5. Shri Krishna
               वसुदेवसुतं देवं,
               कंसचाणूरमर्दनम्।
               देवकी परमानन्दं,
             कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम।

6. Shri Ram
              श्री रामाय रामभद्राय,
               रामचन्द्राय वेधसे ।
               रघुनाथाय नाथाय,
              सीताया पतये नमः ।।

7. Maa Durga
           ॐ जयंती मंगला काली,
            भद्रकाली कपालिनी ।
            दुर्गा क्षमा शिवा धात्री,
         स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।।

8. Maa Mahalakshmi
          ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो,
            धन धान्यः सुतान्वितः ।
            मनुष्यो मत्प्रसादेन,
         भविष्यति न संशयःॐ ।।

9. Maa Saraswathi
            ॐ सरस्वति नमस्तुभ्यं,
             वरदे कामरूपिणि।
             विद्यारम्भं करिष्यामि,
             सिद्धिर्भवतु मे सदा ।।

10. Maa Mahakali
             ॐ क्रीं क्रीं क्रीं,
             हलीं ह्रीं खं स्फोटय,
             क्रीं क्रीं क्रीं फट ।।

11. Hanuman ji
         मनोजवं मारुततुल्यवेगं,
       जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।
         वातात्मजं वानरयूथमुख्यं,
          श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

12. Shri Shanidev
             ॐ नीलांजनसमाभासं,
              रविपुत्रं यमाग्रजम ।
              छायामार्तण्डसम्भूतं, 
              तं नमामि शनैश्चरम् ।।

13. Shri Kartikeya
       ॐ शारवाना-भावाया नम:,
         ज्ञानशक्तिधरा स्कंदा ,
         वल्लीईकल्याणा सुंदरा।
          देवसेना मन: कांता,
          कार्तिकेया नामोस्तुते ।।

14. Kaal Bhairav ji
          ॐ ह्रीं वां बटुकाये,
          क्षौं क्षौं आपदुद्धाराणाये,
          कुरु कुरु बटुकाये,
          ह्रीं बटुकाये स्वाहा।।

15. Gayatri Mantra
            ॐ भूर्भुवः स्वः,
            तत्सवितुर्वरेण्यम् 
            भर्गो देवस्य धीमहि 
          धियो यो नः प्रचोदयात्।।

Tuesday, November 22, 2022

Mysteries associated with Bhagwan Shiv

👌इसे सेव कर सुरक्षित कर ले। ऐसी पोस्ट कम ही आती है।

विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र (ऋषि मुनियों द्वारा किया गया अनुसंधान)

■ काष्ठा = सैकन्ड का  34000 वाँ भाग
■ 1 त्रुटि  = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
■ 2 त्रुटि  = 1 लव ,
■ 1 लव = 1 क्षण
■ 30 क्षण = 1 विपल ,
■ 60 विपल = 1 पल
■ 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
■ 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
■3 होरा=1प्रहर व 8 प्रहर 1 दिवस (वार)
■ 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
■ 7 दिवस = 1 सप्ताह
■ 4 सप्ताह = 1 माह ,
■ 2 माह = 1 ऋतू
■ 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
■ 100 वर्ष = 1 शताब्दी
■ 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
■ 432 सहस्राब्दी = 1 युग
■ 2 युग = 1 द्वापर युग ,
■ 3 युग = 1 त्रैता युग ,
■ 4 युग = सतयुग
■ सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
■ 72 महायुग = मनवन्तर ,
■ 1000 महायुग = 1 कल्प
■ 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
■ 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
■ महालय  = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )

सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यहीं है जो हमारे देश भारत में बना हुआ है । ये हमारा भारत जिस पर हमे गर्व होना चाहिये l
दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।

तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।

चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।

पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच  उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।

छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच),  मोह, आलस्य।

सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।

आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।
आठ लक्ष्मी : आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
आठ वसु : अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास।
आठ सिद्धि : अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व।
आठ धातु : सोना, चांदी, ताम्बा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा।

नवदुर्गा : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री।
नवग्रह : सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
नवरत्न : हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया।
नवनिधि : पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि।

दस महाविद्या : काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला।
दस दिशाएँ : पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे।
दस दिक्पाल : इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत।
दस अवतार (विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि।
दस सति : सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती।

*उक्त जानकारी शास्त्रोक्त 📚 आधार पर... हे.....💐
जय श्री राम राधे कृष्णा राधे श्याम🙏🙏
                                                ऐसी जानकारी बार-बार नहीं आती, और आगे भेजें, ताकि लोगों को सनातन धर्म की जानकारी हो  सके आपका आभार धन्यवाद होगा

1-अष्टाध्यायी               पाणिनी
2-रामायण                    वाल्मीकि
3-महाभारत                  वेदव्यास
4-अर्थशास्त्र                  चाणक्य
5-महाभाष्य                  पतंजलि
6-सत्सहसारिका सूत्र      नागार्जुन
7-बुद्धचरित                  अश्वघोष
8-सौंदरानन्द                 अश्वघोष
9-महाविभाषाशास्त्र        वसुमित्र
10- स्वप्नवासवदत्ता        भास
11-कामसूत्र                  वात्स्यायन
12-कुमारसंभवम्           कालिदास
13-अभिज्ञानशकुंतलम्    कालिदास  
14-विक्रमोउर्वशियां        कालिदास
15-मेघदूत                    कालिदास
16-रघुवंशम्                  कालिदास
17-मालविकाग्निमित्रम्   कालिदास
18-नाट्यशास्त्र              भरतमुनि
19-देवीचंद्रगुप्तम          विशाखदत्त
20-मृच्छकटिकम्          शूद्रक
21-सूर्य सिद्धान्त           आर्यभट्ट
22-वृहतसिंता               बरामिहिर
23-पंचतंत्र।                  विष्णु शर्मा
24-कथासरित्सागर        सोमदेव
25-अभिधम्मकोश         वसुबन्धु
26-मुद्राराक्षस               विशाखदत्त
27-रावणवध।              भटिट
28-किरातार्जुनीयम्       भारवि
29-दशकुमारचरितम्     दंडी
30-हर्षचरित                वाणभट्ट
31-कादंबरी                वाणभट्ट
32-वासवदत्ता             सुबंधु
33-नागानंद                हर्षवधन
34-रत्नावली               हर्षवर्धन
35-प्रियदर्शिका            हर्षवर्धन
36-मालतीमाधव         भवभूति
37-पृथ्वीराज विजय     जयानक
38-कर्पूरमंजरी            राजशेखर
39-काव्यमीमांसा         राजशेखर
40-नवसहसांक चरित   पदम् गुप्त
41-शब्दानुशासन         राजभोज
42-वृहतकथामंजरी      क्षेमेन्द्र
43-नैषधचरितम           श्रीहर्ष
44-विक्रमांकदेवचरित   बिल्हण
45-कुमारपालचरित      हेमचन्द्र
46-गीतगोविन्द            जयदेव
47-पृथ्वीराजरासो         चंदरवरदाई
48-राजतरंगिणी           कल्हण
49-रासमाला               सोमेश्वर
50-शिशुपाल वध          माघ
51-गौडवाहो                वाकपति
52-रामचरित                सन्धयाकरनंदी
53-द्वयाश्रय काव्य         हेमचन्द्र

वेद-ज्ञान:-

प्र.1-  वेद किसे कहते है ?
उत्तर-  ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है।

प्र.2-  वेद-ज्ञान किसने दिया ?
उत्तर-  ईश्वर ने दिया।

प्र.3-  ईश्वर ने वेद-ज्ञान कब दिया ?
उत्तर-  ईश्वर ने सृष्टि के आरंभ में वेद-ज्ञान दिया।

प्र.4-  ईश्वर ने वेद ज्ञान क्यों दिया ?
उत्तर- मनुष्य-मात्र के कल्याण         के लिए।

प्र.5-  वेद कितने है ?
उत्तर- चार ।                                                  
1-ऋग्वेद 
2-यजुर्वेद  
3-सामवेद
4-अथर्ववेद

प्र.6-  वेदों के ब्राह्मण ।
        वेद              ब्राह्मण
1 - ऋग्वेद      -     ऐतरेय
2 - यजुर्वेद      -     शतपथ
3 - सामवेद     -    तांड्य
4 - अथर्ववेद   -   गोपथ

प्र.7-  वेदों के उपवेद कितने है।
उत्तर -  चार।
      वेद                     उपवेद
    1- ऋग्वेद       -     आयुर्वेद
    2- यजुर्वेद       -    धनुर्वेद
    3 -सामवेद      -     गंधर्ववेद
    4- अथर्ववेद    -     अर्थवेद

प्र 8-  वेदों के अंग हैं ।
उत्तर -  छः ।
1 - शिक्षा
2 - कल्प
3 - निरूक्त
4 - व्याकरण
5 - छंद
6 - ज्योतिष

प्र.9- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने किन किन ऋषियो को दिया ?
उत्तर- चार ऋषियों को।
         वेद                ऋषि
1- ऋग्वेद         -      अग्नि
2 - यजुर्वेद       -       वायु
3 - सामवेद      -      आदित्य
4 - अथर्ववेद    -     अंगिरा

प्र.10-  वेदों का ज्ञान ईश्वर ने ऋषियों को कैसे दिया ?
उत्तर- समाधि की अवस्था में।

प्र.11-  वेदों में कैसे ज्ञान है ?
उत्तर-  सब सत्य विद्याओं का ज्ञान-विज्ञान।

प्र.12-  वेदो के विषय कौन-कौन से हैं ?
उत्तर-   चार ।
        ऋषि        विषय
1-  ऋग्वेद    -    ज्ञान
2-  यजुर्वेद    -    कर्म
3-  सामवे     -    उपासना
4-  अथर्ववेद -    विज्ञान

प्र.13-  वेदों में।

ऋग्वेद में।
1-  मंडल      -  10
2 - अष्टक     -   08
3 - सूक्त        -  1028
4 - अनुवाक  -   85 
5 - ऋचाएं     -  10589

यजुर्वेद में।
1- अध्याय    -  40
2- मंत्र           - 1975

सामवेद में।
1-  आरचिक   -  06
2 - अध्याय     -   06
3-  ऋचाएं       -  1875

अथर्ववेद में।
1- कांड      -    20
2- सूक्त      -   731
3 - मंत्र       -   5977
          
प्र.14-  वेद पढ़ने का अधिकार किसको है ?                                                                                                      उत्तर-  मनुष्य-मात्र को वेद पढ़ने का अधिकार है।

प्र.15-  क्या वेदों में मूर्तिपूजा का विधान है ?
उत्तर-  बिलकुल भी नहीं।

प्र.16-  क्या वेदों में अवतारवाद का प्रमाण है ?
उत्तर-  नहीं।

प्र.17-  सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ?
उत्तर-  ऋग्वेद।

प्र.18-  वेदों की उत्पत्ति कब हुई ?
उत्तर-  वेदो की उत्पत्ति सृष्टि के आदि से परमात्मा द्वारा हुई । अर्थात 1 अरब 96 करोड़ 8 लाख 43 हजार वर्ष पूर्व । 

प्र.19-  वेद-ज्ञान के सहायक दर्शन-शास्त्र ( उपअंग ) कितने हैं और उनके लेखकों का क्या नाम है ?
उत्तर- 
1-  न्याय दर्शन  - गौतम मुनि।
2- वैशेषिक दर्शन  - कणाद मुनि।
3- योगदर्शन  - पतंजलि मुनि।
4- मीमांसा दर्शन  - जैमिनी मुनि।
5- सांख्य दर्शन  - कपिल मुनि।
6- वेदांत दर्शन  - व्यास मुनि।

प्र.20-  शास्त्रों के विषय क्या है ?
उत्तर-  आत्मा,  परमात्मा, प्रकृति,  जगत की उत्पत्ति,  मुक्ति अर्थात सब प्रकार का भौतिक व आध्यात्मिक  ज्ञान-विज्ञान आदि।

प्र.21-  प्रामाणिक उपनिषदे कितनी है ?
उत्तर-  केवल ग्यारह।

प्र.22-  उपनिषदों के नाम बतावे ?
उत्तर-  
01-ईश ( ईशावास्य )  
02-केन  
03-कठ  
04-प्रश्न  
05-मुंडक  
06-मांडू  
07-ऐतरेय  
08-तैत्तिरीय 
09-छांदोग्य 
10-वृहदारण्यक 
11-श्वेताश्वतर ।

प्र.23-  उपनिषदों के विषय कहाँ से लिए गए है ?
उत्तर- वेदों से।
प्र.24- चार वर्ण।
उत्तर- 
1- ब्राह्मण
2- क्षत्रिय
3- वैश्य
4- शूद्र

प्र.25- चार युग।
1- सतयुग - 17,28000  वर्षों का नाम ( सतयुग ) रखा है।
2- त्रेतायुग- 12,96000  वर्षों का नाम ( त्रेतायुग ) रखा है।
3- द्वापरयुग- 8,64000  वर्षों का नाम है।
4- कलयुग- 4,32000  वर्षों का नाम है।
कलयुग के 5122  वर्षों का भोग हो चुका है अभी तक।
4,27024 वर्षों का भोग होना है। 

पंच महायज्ञ
       1- ब्रह्मयज्ञ   
       2- देवयज्ञ
       3- पितृयज्ञ
       4- बलिवैश्वदेवयज्ञ
       5- अतिथियज्ञ
   
स्वर्ग  -  जहाँ सुख है।
नरक  -  जहाँ दुःख है।.

*#भगवान_शिव के  "35" रहस्य!!!!!!!!

भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है।

*🔱1. आदिनाथ शिव : -* सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है।

*🔱2. शिव के अस्त्र-शस्त्र : -* शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था।

*🔱3. भगवान शिव का नाग : -* शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है।

*🔱4. शिव की अर्द्धांगिनी : -* शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया और वही उमा, उर्मि, काली कही गई हैं।

*🔱5. शिव के पुत्र : -* शिव के प्रमुख 6 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा और भूमा। सभी के जन्म की कथा रोचक है।

*🔱6. शिव के शिष्य : -* शिव के 7 शिष्य हैं जिन्हें प्रारंभिक सप्तऋषि माना गया है। इन ऋषियों ने ही शिव के ज्ञान को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया जिसके चलते भिन्न-भिन्न धर्म और संस्कृतियों की उत्पत्ति हुई। शिव ने ही गुरु और शिष्य परंपरा की शुरुआत की थी। शिव के शिष्य हैं- बृहस्पति, विशालाक्ष, शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज इसके अलावा 8वें गौरशिरस मुनि भी थे।

*🔱7. शिव के गण : -* शिव के गणों में भैरव, वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, जय और विजय प्रमुख हैं। इसके अलावा, पिशाच, दैत्य और नाग-नागिन, पशुओं को भी शिव का गण माना जाता है। 

*🔱8. शिव पंचायत : -* भगवान सूर्य, गणपति, देवी, रुद्र और विष्णु ये शिव पंचायत कहलाते हैं।

*🔱9. शिव के द्वारपाल : -* नंदी, स्कंद, रिटी, वृषभ, भृंगी, गणेश, उमा-महेश्वर और महाकाल।

*🔱10. शिव पार्षद : -* जिस तरह जय और विजय विष्णु के पार्षद हैं उसी तरह बाण, रावण, चंड, नंदी, भृंगी आदि शिव के पार्षद हैं।

*🔱11. सभी धर्मों का केंद्र शिव : -* शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। मुशरिक, यजीदी, साबिईन, सुबी, इब्राहीमी धर्मों में शिव के होने की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। शिव के शिष्यों से एक ऐसी परंपरा की शुरुआत हुई, जो आगे चलकर शैव, सिद्ध, नाथ, दिगंबर और सूफी संप्रदाय में वि‍भक्त हो गई।

*🔱12. बौद्ध साहित्य के मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय : -*  ख्यातिप्राप्त विद्वान प्रोफेसर उपासक का मानना है कि शंकर ने ही बुद्ध के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने पालि ग्रंथों में वर्णित 27 बुद्धों का उल्लेख करते हुए बताया कि इनमें बुद्ध के 3 नाम अतिप्राचीन हैं- तणंकर, शणंकर और मेघंकर।

*🔱13. देवता और असुर दोनों के प्रिय शिव : -* भगवान शिव को देवों के साथ असुर, दानव, राक्षस, पिशाच, गंधर्व, यक्ष आदि सभी पूजते हैं। वे रावण को भी वरदान देते हैं और राम को भी। उन्होंने भस्मासुर, शुक्राचार्य आदि कई असुरों को वरदान दिया था। शिव, सभी आदिवासी, वनवासी जाति, वर्ण, धर्म और समाज के सर्वोच्च देवता हैं।

*🔱14. शिव चिह्न : -* वनवासी से लेकर सभी साधारण व्‍यक्ति जिस चिह्न की पूजा कर सकें, उस पत्‍थर के ढेले, बटिया को शिव का चिह्न माना जाता है। इसके अलावा रुद्राक्ष और त्रिशूल को भी शिव का चिह्न माना गया है। कुछ लोग डमरू और अर्द्ध चन्द्र को भी शिव का चिह्न मानते हैं, हालांकि ज्यादातर लोग शिवलिंग अर्थात शिव की ज्योति का पूजन करते हैं।

*🔱15. शिव की गुफा : -* शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए एक पहाड़ी में अपने त्रिशूल से एक गुफा बनाई और वे फिर उसी गुफा में छिप गए। वह गुफा जम्मू से 150 किलोमीटर दूर त्रिकूटा की पहाड़ियों पर है। दूसरी ओर भगवान शिव ने जहां पार्वती को अमृत ज्ञान दिया था वह गुफा 'अमरनाथ गुफा' के नाम से प्रसिद्ध है।

*🔱16. शिव के पैरों के निशान : -* श्रीपद- श्रीलंका में रतन द्वीप पहाड़ की चोटी पर स्थित श्रीपद नामक मंदिर में शिव के पैरों के निशान हैं। ये पदचिह्न 5 फुट 7 इंच लंबे और 2 फुट 6 इंच चौड़े हैं। इस स्थान को सिवानोलीपदम कहते हैं। कुछ लोग इसे आदम पीक कहते हैं।

रुद्र पद- तमिलनाडु के नागपट्टीनम जिले के थिरुवेंगडू क्षेत्र में श्रीस्वेदारण्येश्‍वर का मंदिर में शिव के पदचिह्न हैं जिसे 'रुद्र पदम' कहा जाता है। इसके अलावा थिरुवन्नामलाई में भी एक स्थान पर शिव के पदचिह्न हैं।

तेजपुर- असम के तेजपुर में ब्रह्मपुत्र नदी के पास स्थित रुद्रपद मंदिर में शिव के दाएं पैर का निशान है।

जागेश्वर- उत्तराखंड के अल्मोड़ा से 36 किलोमीटर दूर जागेश्वर मंदिर की पहाड़ी से लगभग साढ़े 4 किलोमीटर दूर जंगल में भीम के पास शिव के पदचिह्न हैं। पांडवों को दर्शन देने से बचने के लिए उन्होंने अपना एक पैर यहां और दूसरा कैलाश में रखा था।

रांची- झारखंड के रांची रेलवे स्टेशन से 7 किलोमीटर की दूरी पर 'रांची हिल' पर शिवजी के पैरों के निशान हैं। इस स्थान को 'पहाड़ी बाबा मंदिर' कहा जाता है।

*🔱17. शिव के अवतार : -* वीरभद्र, पिप्पलाद, नंदी, भैरव, महेश, अश्वत्थामा, शरभावतार, गृहपति, दुर्वासा, हनुमान, वृषभ, यतिनाथ, कृष्णदर्शन, अवधूत, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, किरात, सुनटनर्तक, ब्रह्मचारी, यक्ष, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर, हंसरूप, द्विज, नतेश्वर आदि हुए हैं। वेदों में रुद्रों का जिक्र है। रुद्र 11 बताए जाते हैं- कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शंभू, चण्ड तथा भव।

*🔱18. शिव का विरोधाभासिक परिवार : -* शिवपुत्र कार्तिकेय का वाहन मयूर है, जबकि शिव के गले में वासुकि नाग है। स्वभाव से मयूर और नाग आपस में दुश्मन हैं। इधर गणपति का वाहन चूहा है, जबकि सांप मूषकभक्षी जीव है। पार्वती का वाहन शेर है, लेकिन शिवजी का वाहन तो नंदी बैल है। इस विरोधाभास या वैचारिक भिन्नता के बावजूद परिवार में एकता है।

*🔱19.*  ति‍ब्बत स्थित कैलाश पर्वत पर उनका निवास है। जहां पर शिव विराजमान हैं उस पर्वत के ठीक नीचे पाताल लोक है जो भगवान विष्णु का स्थान है। शिव के आसन के ऊपर वायुमंडल के पार क्रमश: स्वर्ग लोक और फिर ब्रह्माजी का स्थान है।

*🔱20.शिव भक्त : -* ब्रह्मा, विष्णु और सभी देवी-देवताओं सहित भगवान राम और कृष्ण भी शिव भक्त है। हरिवंश पुराण के अनुसार, कैलास पर्वत पर कृष्ण ने शिव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की थी। भगवान राम ने रामेश्वरम में शिवलिंग स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना की थी।

*🔱21.शिव ध्यान : -* शिव की भक्ति हेतु शिव का ध्यान-पूजन किया जाता है। शिवलिंग को बिल्वपत्र चढ़ाकर शिवलिंग के समीप मंत्र जाप या ध्यान करने से मोक्ष का मार्ग पुष्ट होता है।

*🔱22.शिव मंत्र : -* दो ही शिव के मंत्र हैं पहला- ॐ नम: शिवाय। दूसरा महामृत्युंजय मंत्र- ॐ ह्रौं जू सः। ॐ भूः भुवः स्वः। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌। स्वः भुवः भूः ॐ। सः जू ह्रौं ॐ ॥ है।

*🔱23.शिव व्रत और त्योहार : -* सोमवार, प्रदोष और श्रावण मास में शिव व्रत रखे जाते हैं। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि शिव का प्रमुख पर्व त्योहार है।

*🔱24.शिव प्रचारक : -* भगवान शंकर की परंपरा को उनके शिष्यों बृहस्पति, विशालाक्ष (शिव), शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज, अगस्त्य मुनि, गौरशिरस मुनि, नंदी, कार्तिकेय, भैरवनाथ आदि ने आगे बढ़ाया। इसके अलावा वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, श्रृंगी, भृगिरिटी, शैल, गोकर्ण, घंटाकर्ण, बाण, रावण, जय और विजय ने भी शैवपंथ का प्रचार किया। इस परंपरा में सबसे बड़ा नाम आदिगुरु भगवान दत्तात्रेय का आता है। दत्तात्रेय के बाद आदि शंकराचार्य, मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गुरुगोरखनाथ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।

*🔱25.शिव महिमा : -* शिव ने कालकूट नामक विष पिया था जो अमृत मंथन के दौरान निकला था। शिव ने भस्मासुर जैसे कई असुरों को वरदान दिया था। शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। शिव ने गणेश और राजा दक्ष के सिर को जोड़ दिया था। ब्रह्मा द्वारा छल किए जाने पर शिव ने ब्रह्मा का पांचवां सिर काट दिया था।

*🔱26.शैव परम्परा : -* दसनामी, शाक्त, सिद्ध, दिगंबर, नाथ, लिंगायत, तमिल शैव, कालमुख शैव, कश्मीरी शैव, वीरशैव, नाग, लकुलीश, पाशुपत, कापालिक, कालदमन और महेश्वर सभी शैव परंपरा से हैं। चंद्रवंशी, सूर्यवंशी, अग्निवंशी और नागवंशी भी शिव की परंपरा से ही माने जाते हैं। भारत की असुर, रक्ष और आदिवासी जाति के आराध्य देव शिव ही हैं। शैव धर्म भारत के आदिवासियों का धर्म है।

*🔱27.शिव के प्रमुख नाम : -*  शिव के वैसे तो अनेक नाम हैं जिनमें 108 नामों का उल्लेख पुराणों में मिलता है लेकिन यहां प्रचलित नाम जानें- महेश, नीलकंठ, महादेव, महाकाल, शंकर, पशुपतिनाथ, गंगाधर, नटराज, त्रिनेत्र, भोलेनाथ, आदिदेव, आदिनाथ, त्रियंबक, त्रिलोकेश, जटाशंकर, जगदीश, प्रलयंकर, विश्वनाथ, विश्वेश्वर, हर, शिवशंभु, भूतनाथ और रुद्र।

*🔱28.अमरनाथ के अमृत वचन : -* शिव ने अपनी अर्धांगिनी पार्वती को मोक्ष हेतु अमरनाथ की गुफा में जो ज्ञान दिया उस ज्ञान की आज अनेकानेक शाखाएं हो चली हैं। वह ज्ञानयोग और तंत्र के मूल सूत्रों में शामिल है। 'विज्ञान भैरव तंत्र' एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें भगवान शिव द्वारा पार्वती को बताए गए 112 ध्यान सूत्रों का संकलन है।

*🔱29.शिव ग्रंथ : -* वेद और उपनिषद सहित विज्ञान भैरव तंत्र, शिव पुराण और शिव संहिता में शिव की संपूर्ण शिक्षा और दीक्षा समाई हुई है। तंत्र के अनेक ग्रंथों में उनकी शिक्षा का विस्तार हुआ है।

*🔱30.शिवलिंग : -* वायु पुराण के अनुसार प्रलयकाल में समस्त सृष्टि जिसमें लीन हो जाती है और पुन: सृष्टिकाल में जिससे प्रकट होती है, उसे लिंग कहते हैं। इस प्रकार विश्व की संपूर्ण ऊर्जा ही लिंग की प्रतीक है। वस्तुत: यह संपूर्ण सृष्टि बिंदु-नाद स्वरूप है। बिंदु शक्ति है और नाद शिव। बिंदु अर्थात ऊर्जा और नाद अर्थात ध्वनि। यही दो संपूर्ण ब्रह्मांड का आधार है। इसी कारण प्रतीक स्वरूप शिवलिंग की पूजा-अर्चना है।

*🔱31.बारह ज्योतिर्लिंग : -* सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ॐकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथजी, त्र्यम्बकेश्वर, केदारनाथ, घृष्णेश्वर। ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति के संबंध में अनेकों मान्यताएं प्रचलित है। ज्योतिर्लिंग यानी 'व्यापक ब्रह्मात्मलिंग' जिसका अर्थ है 'व्यापक प्रकाश'। जो शिवलिंग के बारह खंड हैं। शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी को ज्योतिर्लिंग या ज्योति पिंड कहा गया है।

 दूसरी मान्यता अनुसार शिव पुराण के अनुसार प्राचीनकाल में आकाश से ज्‍योति पिंड पृथ्‍वी पर गिरे और उनसे थोड़ी देर के लिए प्रकाश फैल गया। इस तरह के अनेकों उल्का पिंड आकाश से धरती पर गिरे थे। भारत में गिरे अनेकों पिंडों में से प्रमुख बारह पिंड को ही ज्‍योतिर्लिंग में शामिल किया गया।

*🔱32.शिव का दर्शन : -* शिव के जीवन और दर्शन को जो लोग यथार्थ दृष्टि से देखते हैं वे सही बुद्धि वाले और यथार्थ को पकड़ने वाले शिवभक्त हैं, क्योंकि शिव का दर्शन कहता है कि यथार्थ में जियो, वर्तमान में जियो, अपनी चित्तवृत्तियों से लड़ो मत, उन्हें अजनबी बनकर देखो और कल्पना का भी यथार्थ के लिए उपयोग करो। आइंस्टीन से पूर्व शिव ने ही कहा था कि कल्पना ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

*🔱33.शिव और शंकर : -* शिव का नाम शंकर के साथ जोड़ा जाता है। लोग कहते हैं- शिव, शंकर, भोलेनाथ। इस तरह अनजाने ही कई लोग शिव और शंकर को एक ही सत्ता के दो नाम बताते हैं। असल में, दोनों की प्रतिमाएं अलग-अलग आकृति की हैं। शंकर को हमेशा तपस्वी रूप में दिखाया जाता है। कई जगह तो शंकर को शिवलिंग का ध्यान करते हुए दिखाया गया है। अत: शिव और शंकर दो अलग अलग सत्ताएं है। हालांकि शंकर को भी शिवरूप माना गया है। माना जाता है कि महेष (नंदी) और महाकाल भगवान शंकर के द्वारपाल हैं। रुद्र देवता शंकर की पंचायत के सदस्य हैं।

*🔱34. देवों के देव महादेव :* देवताओं की दैत्यों से प्रतिस्पर्धा चलती रहती थी। ऐसे में जब भी देवताओं पर घोर संकट आता था तो वे सभी देवाधिदेव महादेव के पास जाते थे। दैत्यों, राक्षसों सहित देवताओं ने भी शिव को कई बार चुनौती दी, लेकिन वे सभी परास्त होकर शिव के समक्ष झुक गए इसीलिए शिव हैं देवों के देव महादेव। वे दैत्यों, दानवों और भूतों के भी प्रिय भगवान हैं। वे राम को भी वरदान देते हैं और रावण को भी।

Monday, August 8, 2022

Aaj Ka Panchang 08082022

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
वैदिक पंचांग के लिए 9431848786 पर अपने शहर का नाम लिखकर व्हाट्सएप करें
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~*  🌞
 🌤️  *दिनांक - 08 अगस्त 2022*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु* 
🌤️ *मास -श्रावण*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 
🌤️ *तिथि - एकादशी रात्रि 09:00 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - जेष्ठा दोपहर 02:37 तक तत्पश्चात मूल*
🌤️ *योग -  इन्द्र सुबह 06:56 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️  *राहुकाल - सुबह 07:52 से सुबह 09:29 तक*
🌞 *सूर्योदय - 06:15*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:12*
👉  *दिशाशूल - पूर्व  दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा- पवित्रा एकादशी*
🔥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l    राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
                 🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *पुत्रदा एकादशी* 🌷
➡ *07 अगस्त 2022 रविवार को रात्रि 11:51 से 08 अगस्त, सोमवार को रात्रि 09:00 तक एकादशी है ।*
💥 *विशेष - 08 अगस्त, सोमवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।*
🙏🏻 *पुत्रदा एकादशी ( पुत्र की इच्छा से इसका व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी भी हो जाता है |)*
🙏🏻
         🌞 ~ *वैदिक पंचांग* ~ 🌞

🌷 *आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो* 🌷
➡ *09 अगस्त 2022 मंगलवार को भौम प्रदोष योग है ।*
🙏🏻 *किसी को आर्थिक परेशानी या कर्जा हो तो भौम प्रदोष योग हो, उस दिन शाम को सूर्य अस्त के समय घर के आसपास कोई शिवजी का मंदिर हो तो जाए और ५ बत्ती वाला दीपक जलाये और थोड़ी देर जप करें :*
👉🏻 *ये मंत्र बोले :–*
🌷 *ॐ भौमाय नमः*
🌷 *ॐ मंगलाय नमः*
🌷 *ॐ भुजाय नमः*
🌷 *ॐ रुन्ह्र्ताय नमः*
🌷 *ॐ भूमिपुत्राय नमः*
🌷 *ॐ अंगारकाय नमः*
👉🏻 *और हर मंगलवार को ये मंगल की स्तुति करें:-*
🌷 *धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम |*
*कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगलम प्रणमाम्यहम ||*
🙏🏻 
          🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

 🌷 *कर्ज-निवारक कुंजी भौम प्रदोष व्रत* 🌷

🙏🏻 *त्रयोदशी को मंगलवार  उसे भौम प्रदोष कहते हैं ....इस दिन नमक, मिर्च नहीं खाना चाहिये, इससे जल्दी फायदा होता है | मंगलदेव ऋणहर्ता देव हैं। इस दिन संध्या के समय यदि भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तो भोलेनाथ की, गुरु की कृपा से हम जल्दी ही कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इस दैवी सहायता के साथ थोड़ा स्वयं भी पुरुषार्थ करें। पूजा करते समय यह मंत्र बोलें –*
🌷 *मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्।* *जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।*     
🙏🏻 *
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 8 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है।
 
शुभ दिनांक : 8, 17, 26
 
शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44
 
शुभ वर्ष : 2024, 2042
 
ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता
 
शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी
 
कैसा रहेगा यह वर्ष

व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा

साप्ताहिक राशिफल
Weekly Horoscope (8 To 14 August 2022) : सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह

मेष
मेष राशि के जातकों के लिए सप्ताह मिलाजुला रहने वाला है। सप्ताह की शुरुआत में आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। करिअर और कारोबार में मनचाही सफलता भी मिलेगी, इस दौरान व्यस्तता के चलते आप अपने या परिवार के लिए समय नहीं निकाल पाएंगे। खान-पान और दिनचर्या न होने पर आपको सेहत संबंधी कुछेक परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे लोगों के लिए यह समय अनुकूल साबित होगा। सप्ताह के मध्य तक कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में सीनियर और जूनियर से पूरा सहयोग प्राप्त होगा। सप्ताह के उत्तरार्ध में जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद के कारण कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इस दौरान सरकारी विभाग से जुड़े मामलों में भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मुश्किल भरे इस समय में आप अपने अपनों और बेगानों के बीच बेहतर तरीके से फर्क कर पाएंगे। यदि आप व्यवसाय से जुड़े हैं तो इस दौरान धन के मामलों में सचेत रहें और किसी योजना या कारोबार में सोच-समझकर निवेश करें। इस सप्ताह प्रेम संबंध में सोच-समझकर पग आगे बढ़ाएं और अपने लव पार्टनर की मजबूरियों को समझने का प्रयास करें। समस्याएं चाहें करिअर या कारोबार से जुड़ी हों या फिर घर-परिवार से उन्हें दूर करने में आपका आपका जीवनसाथी आपके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। 

उपाय: प्रतिदिन हनुमत उपासना और हनुमान चालीसा का पाठ करें। 

वृष 
वृष राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह बेहद शुभ साबित होने जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत घर में मांगलिक कार्य से होगी, जिसमें स्वजनों का साथ मिलेगा। इस दौरान किसी तीर्थ स्थान की यात्रा भी संभव है। सप्ताह की शुरुआत में आप सुख-सुविधा से जुड़ी चीजों पर धन खर्च करेंगे। यदि आप लंबे समय से भूमि-भवन या वाहन खरीदने की सोच रहे थे तो इस सप्ताह आपका यह सपना पूरा हो सकता है। सप्ताह के मध्य में आपको घर और बाहर दोनों जगह लोगों का साथ मिलेगा, जिसकी मदद से आप अपने काम में मनचाही सफलता पाने में कामयाब होंगे। इस दौरान आप घर-परिवार से जुड़ी किसी बड़ी समस्या का समाधान खोजने में कामयाब हो सकते हैं। परिजन आपके प्रयास और मिलने वाली सफलता के लिए आपकी प्रशंसा करेंगे। सप्ताह के उत्तरार्ध में आप अपनी कड़ी मेहनत के जरिए दूसरों से कहीं ज्यादा बेहतर परफार्म करके दिखाएंगे, जिससे सीनियर आपके काम की तारीफ करेंगे। आपको बड़ा पद या बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है। सेहत सामान्य रहेगी और आप ऊर्जा से लबालब होकर प्रगति के पथ पर चलते हुए नजर आएंगे। प्रेम संबंध की दृष्टि से यह सप्ताह आपके अनुकूल है। लव पार्टनर के साथ बेहतर बांडिग देखने को मिलेगी और उसके साथ सुखद समय बिताने के अवसर प्राप्त होंगे। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। सप्ताह के अंत में अपने हमसफर के साथ किसी पर्यटन स्थल पर घूमने फिरने निकल सकते हैं।
 
उपाय: प्रतिदिन भगवान शिव की सफेद चंदन लगाकर पूजा और 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का रुद्राक्ष की माला से जप करें। 

मिथुन 
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह जीवन से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं को हल करने वाला साबित होगा। खास बात यह भी कि करिअर हो या कारोबार या फिर जीवन से जुड़ी कोई बड़ी कामना, उसमें आपको घर और बाहर सभी का पूरा सहयोग मिलता नजर आएगा। नौकरीपेशा लोगों को सप्ताह की शुरुआत में कोई बड़ा अवसर प्राप्त हो सकता है। इस दौरान आपका समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सप्ताह के मध्य में राजनीति से जुड़े लोगों को बहुप्रतीक्षित पद की प्राप्ति हो सकती है। इस दौरान आप अपने जीवन से जुड़ा कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। पेशेवर रूप से देखा जाए तो यह समय कारोबारियों के लिए बहुत ज्यादा शुभ साबित होगा। पूर्व में किसी योजना में किए गए निवेश से मनचाहा लाभ होगा। कारोबार के विस्तार की योजनाएं बनेंगी। जो योजनाएं लंबे समय से अटक या टल रही थीं, उसमें इष्टमित्रों की मदद से अचानक से प्रगति होगी। सत्ता-सरकार से जुड़े मामलों में मनचाही सफलता प्राप्त होगी। प्रेम संबंध की दृष्टि से यह सप्ताह आपके लिए अनुकूल साबित होगा। लव पार्टनर से कोई सरप्राइज गिफ्ट भी मिल सकता है। दांपत्य जीवन सुखमय बना रहेगा। सप्ताह के अंत तक संतान पक्ष से जुड़ी कोई अच्छी खबर सुनने को मिलेगी, जिससे आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। आपकी सेहत तो सामान्य रहेगी लेकिन घर की किसी बुर्जुग सदस्य की सेहत को लेकर मन चिंतित रह सकता है। 

उपाय: प्रतिदिन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा और सुंदरकांड का पाठ करें।

कर्क
कर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह मनचाही सफलता को पाने के लिए आलस्य छोड़कर कड़ी मेहनत करते हुए समय का प्रबंधन करना होगा, अन्यथा हाथ में आया अवसर निकल सकता है। सप्ताह की शुरुआत में किसी भी काम को निबटाते समय दूसरों की बजाय खुद पर भरोसा करके चलना होगा, अन्यथा परिणाम आपके विपरीत हो सकते हैं। इस दौरान कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामले में ज्यादा भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है, हालांकि मामला खुद के पक्ष में आने के बाद आप काफी सुकून महसूस करेंगे। सप्ताह के उत्तरार्ध में आपके संबंध प्रियजनों के साथ बेहद गर्मजोशी भरे रहने वाले हैं। घर-परिवार के सदस्यों में आपको सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान किसी मित्र, शुभचिंतक या लव पार्टनर की मदद से आप अपनी किसी बड़ी मुश्किल का हल निकालने में कामयाब होंगे। इस दौरान आपको सत्ता और सरकार की तरफ से पूरा सहयोग मिलेगा। विदेश से जुड़े कारोबार करने वालों को मनचाहा लाभ मिलेगा। टारगेट ओरिएंटेड काम करने वालों के लिए यह समय शुभ साबित होगा और कार्यक्षेत्र में उनके कामकाज की तारीफ होगी। प्रेम संबंध में यदि आपके लव पार्टनर के साथ अनबन चल रही थी तो किसी महिला मित्र की मदद से गलतफहमियां दूर हो जाएंगी और लव पार्टनर के साथ एक बार फिर आपके प्रेम संबंध मजबूत होते हुए नजर आएंगे। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। परिवार के संग सुखद पल बिताने के अवसर प्राप्त होंगे। मौसमी बीमारी को लेकर सतर्क रहें। 

उपाय: प्रतिदिन शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाकर शिव चालीसा का पाठ करें। 
 
सिंह राशि के लिए सप्ताह की शुरुआत अनुकूल रहने वाली है। इस दौरान करिअर-कारोबार के सिलसिले में की गई यात्राएं सुखद, सफल और लाभदायक साबित होंगी। सप्ताह की शुरुआत में प्रभावी व्यक्तियों से संपर्क होगा और उनके साथ जुड़कर भविष्य में लाभकारी योजनाओं के लिए कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। विदेश से जुड़े काम करने वालों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है। इस दौरान आपको कोई बड़ा कांट्रैक्ट मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों की आय के अतिरिक्त स्रोत बनेंगे। सप्ताह के मध्य में किसी मित्र की मदद से स्वजनों के साथ उपजी गलतफहमियां दूर होंगी और एक बार फिर उनके साथ आपके संबंध पटरी पर आ जाएंगे। माता-पिता समेत सभी वरिष्ठों का आपके ऊपर पूरा आशीर्वाद बरसेगा। युवाओं का अधिकांश समय मौज-मस्ती और पिकनिक आदि में बीतेगा। सप्ताह का उत्तरार्ध आपके लिए थोड़ा भाग-दौड़ और थकान भरा रह सकता है। इस दौरान आप पर घर-परिवार की कोई बड़ी जिम्मेदारी का बोझ आ सकता है। इन सभी के बीच मौसमी अथवा किसी पुरानी बीमारी के उभरने से शारीरिक कष्ट मिल सकता है। प्रेम संबंध की दृष्टि से यह सप्ताह आपके लिए बेहद अनुकूल रहने वाला है। लव पार्टनर के साथ इस सप्ताह बेहतर बांडिंग देखने को मिलेगी। वैवाहिक जीवन भी सुखमय बना रहेगा। 

उपाय: प्रतिदिन सूर्य नारायण को तांबे के लोटे में जल, रोली और अक्षत डालकर अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 

कन्या
कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला साबित होने वाला है। इस सप्ताह आपको अपने कार्यक्षेत्र में अपने विरोधियों से बेहद सावधान रहने की आवश्यकता है। वे आपके खिलाफ आपके सीनियर और जूनियर दोनों को भड़काने की साजिश या फिर आपको आपके लक्ष्य से भटकाने की कोशिश कर सकते हैं। सप्ताह की शुरुआत में आप पर कामकाज का जरा ज्यादा ही बोझ बना रहेगा, जिससे आप शारीरिक एवं मानसिक थकान का अनुभव करेंगे। इस दौरान कारोबार के सिलसिले में लंबी और थकाउ यात्रा भी करनी पड़ सकती है। सप्ताह के उत्तरार्ध में घर-परिवार से जुड़े किसी बड़े फैसले को लेते समय भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकते हैं। जिसे सुलझाने में घर का कोई बुजुर्ग व्यक्ति अहम भूमिका निभाएगा। इस दौरान छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। राजनीति से जुड़े जो लोग किसी पद या अहम जिम्मेदारी की बाट जोह रहे हैं, उनका इंतजार थोड़ा और बढ़ सकता है। सप्ताह के अंत में व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपने कंपटीटर से कड़ा मुकाबला करना पड़ सकता है। प्रेम संबंध की दृष्टि से यह सप्ताह सामान्य रहने वाला है। लव पार्टनर के साथ प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। जीवन की आपाधापी के बीच आपको सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। 
 
उपाय: प्रतिदिन गणपति की दूर्वा चढ़ाकर पूजा करें और बुधवार के दिन किसी किन्नर को हरे रंग के वस्त्र या फिर कुछ दक्षिणा दान में दें। 

तुला 
तुला राशि के जातकों को इस सप्ताह तोल-मोल कर बोलने की बहुत जरूरत रहेगी, क्योंकि आपकी बात से ही आपके काम बनेंगे और आपकी बात से ही आपके काम बिगड़ेंगे। ऐसे में घर-परिवार से जुड़ा कोई मसला हो या फिर कार्यक्षेत्र से जुड़ी कोई मुश्किल, उसे दूर करते समय आपको बहुत सोच-समझकर ही अपने शब्दों का प्रयोग करने की जरूरत रहेगी। बीते सप्ताह यदि आप किसी समस्या को लेकर परेशान थे तो वह इस सप्ताह भी बनी रहेगी और उसके समाधान के लिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। सप्ताह के मध्य में आपको करिअर या फिर कारोबार के सिलसिले में लंबी या छोटी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रा के दौरान आपको अपनी सेहत और सामान दोनों का बहुत ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत रहेगी। सप्ताह के उत्तरार्ध में अपने कार्यक्षेत्र में किसी के साथ ऐसा हंसी-मजाक या व्यवहार न करें, जो आपके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दे। इस दौरान आपको कोई भी कार्य करते समय अपनी मान-प्रतिष्ठा का पूरा ख्याल रखना होगा। इस दौरान घर-परिवार से जुड़े किसी भी मसले को सुलझाते समय बुजुर्गों अथवा किसी वरिष्ठ की बात को अनदेखी करने से बचें, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। प्रेम संबंध में उपजी गलतफहमी लव पार्टनर और आपके बीच दूरी बढ़ाने का कारण बन सकती है। प्रेम संबंध से जुड़ा कोई फैसला भावनाओं में बहकर लेने से बचें। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। 

उपाय: स्फटिक के शिवलिंग की प्रतिदिन पूजा और शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें।  

वृश्चिक 
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह ढेर सारी खुशियां लेकर आया है। सप्ताह की शुरुआत में आपको कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है, जिससे आपका समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। इस दौरान घर में सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों को लाने की योजनाएं बनेगी। किसी प्रिय व्यक्ति से कोई बड़ा सरप्राइज गिफ्ट भी मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा जगह पर तबादला या फिर पदोन्नति संभव है। आय के अतिरिक्त स्रोत बनेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होंगे। किसी योजना में पूर्व में किया गया निवेश लाभ पहुंचाएगा। यदि किसी कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा है तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। सप्ताह के उत्तरार्ध में संतान पक्ष से जुड़ी कोई बड़ी चिंता दूर होने पर आप राहत की सांस लेंगे। कारोबार में मनचाही प्रगति होगी। व्यापार के विस्तार को लेकर नई योजनाएं बनेंगी। इस संबंध में दूर-दराज के क्षेत्रों की यात्रा भी संभव है। प्रेम संबंध और भी ज्यादा प्रगाढ़ होंगे। लव पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के अवसर प्राप्त होंगे। इस सप्ताह आपको पुराने मित्रों से मुलाकात भी हो सकती है। जिनके साथ हंसी-खुशी समय बिताने और पुरानी यादें ताजा करने को मिलेगा। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। 

उपाय: प्रतिदिन पवनपुत्र श्री हनुमान जी की उपासना और बजरंग बाण का पाठ करें। 

धनु
धनु राशि के जातकों को इस सप्ताह अपनी सेहत और संबंध दोनों पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। सप्ताह की शुरुआत में ही खान-पान की लापरवाही या फिर कोई पुरानी बीमारी के उभरने के कारण आपको शारीरिक कष्ट झेलना पड़ सकता है। लापरवाही बरतने पर आपको अस्पताल के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। इस दौरान सेहत के साथ संबंधों को बनाए रखने पर भी आपको फोकस करना होगा। घर-परिवार के किसी सदस्य से आपकी यदि नहीं बनती तो आप उससे वाद-विवाद करने की बजाय उससे बचकर निकलना ठीक रहेगा। छोटी-मोटी बातों को तूल न देना ही आपके लिए श्रेयस्कर रहेगा, अन्यथा आपको बेवजह अपमानित होना पड़ सकता है। सप्ताह के मध्य में आप जरूरत से ज्यादा व्यस्त रहेंगे। इस दौरान आपको अपने कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए समय और उर्जा दोनों का प्रबंधन करना होगा। परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे छात्रों को उनकी परिश्रम का पूरा फल प्राप्त होगा। सप्ताह के अंत तक उन्हें कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। घरेलू महिलाओं का अधिक समय धार्मिक कार्यों में बीतेगा। प्रेम-संबंध की दृष्टि से यह सप्ताह आपके लिए अनुकूल है। मुश्किल भरे समय में आपका लव पार्टनर आपकी ढाल बनेगा। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। जीवनसाथी को मिली बड़ी उपलब्धि आपके मान-सम्मान को बढ़ाएगी। खान-पान और दिनचर्या को सही रखें। 

उपाय: प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। 

मकर 
मकर राशि के जातकों को इस सप्ताह उनके द्वारा किए गए परिश्रम और प्रयास का पूरा फल मिलने जा रहा है। सप्ताह की शुरुआत में ही आपको पूर्व में किए गए बेहतर कार्य के लिए कार्यक्षेत्र में सम्मानित किया जा सकता है। सीनियर और जूनियर आपके काम की तारीफ करते नजर आएंगे। इस सप्ताह कारोबार में आपको जबरदस्त फायदा होने की संभावना है। आप जिस चीज को हाथ लगाएंगे, उसमें आपको लाभ होगा, लेकिन कामकाज के साथ आपको अपनी सेहत का भी ख्याल रखना होगा। विशेष रूप से मौसमी बीमारी के प्रति अधिक सचेत रहें। सप्ताह के मध्य में किसी तीर्थ स्थान की यात्रा संभव है। जिन घरेलू समस्याओं को लेकर आप बीते सप्ताह से परेशान होते चले आ रहे थे, इस सप्ताह उनका समाधान निकल आएगा। नौकरीपेशा लोगों की अतिरिक्त आय के नए स्रोत बनेंगे। संचित धन में वृद्धि होगी। परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे छात्रों को सुखद समाचार मिलेगा। सप्ताह के अंत में किसी प्रियजन से मुलाकात होगी, जिसके सहयोग से लंबे से अटके हुए कार्य चुटकी बजाते ही पूरे जाएंगे। प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे। परिजन आपके प्रेम पर अपनी सहमति की मुहर लगा सकते हैं। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। जीवनसाथी के साथ लंबी या छोटी दूरी की यात्रा पर निकल सकते हैं। 

उपाय: प्रतिदिन शिव भगवान को बेलपत्र या शमीपत्र चढ़ाकर पूजा करें और रुद्राष्टकं का पाठ करें।

कुंभ 
कुंभ राशि के जातकों के लिए इस सप्ताह की शुरुआत थोड़ी चुनौती भरी रह सकती है। हालांकि आप हर चुनौती का अपने बुद्धि, विवेक और साहस से सामना करने में सक्षम रहेंगे। खास बात यह भी आपको किसी भी मुश्किल से निकलने में आपको अपने इष्टमित्रों और स्वजनों का पूरा साथ मिलेगा। इस दौरान आपको अपने कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत रहेगी क्योंकि वे आपकी छवि को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान भूमि-भवन से जुड़े मामलों के चक्कर में कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। सप्ताह के पूर्वार्ध के मुकाबले उत्तरार्ध थोड़ा राहत भरा रहने वाला है। इस दौरान घर में कोई मांगलिक कार्य संपन्न होगा, जिसमें स्वजनों के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर प्राप्त होगा। जो लोग लंबे समय से अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव करने के लिए सोच रहे थे, उन्हें कहीं से बेहतर आफर आ सकता है। हालांकि किसी भी निर्णय को लेते समय उन्हें अपने शुभचिंतकों की सलाह जरूर लेना चाहिए। पेशेवर रूप से यह समय आपके लिए बेहद अनुकूल रहने वाला है। व्यवसाय में भी मनचाहा लाभ प्राप्त करेंगे। प्रेम-प्रसंग में आपसी विश्वास और नजदीकियां बढ़ेंगी। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। छोटी-मोटी तकलीफों को यदि छोड़ दें तो आपकी सेहत सामान्य रहेगी। 

उपाय: प्रतिदिन श्री हनुमान जी की पूजा और सुंदरकांड का पाठ करें। 

मीन 
मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह बेहद शुभ साबित होने जा रहा है। पूरे सप्ताह लव और लक का साथ बना रहेगा। सप्ताह की शुरुआत में ही आपके हाथ कोई बड़ी सफलता लग सकती है, जिससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा। कारोबारी मामले में अनुकूला बनी रहेगी औ संतोषजनक वृद्धि होती नजर आएगी। बाजार में फंसा धन भी अप्रत्याशित रूप से निकल आएगा। करिअर या कारोबार के सिलसिले में की गई यात्राएं सुखद एवं लाभप्रद साबित होंगी। इस सप्ताह आप इष्टमित्रों और शुभचिंतकों की मदद से अपने लक्ष्य को समय से पहले ही पाने में कामयाब होंगे। नौकरीपेशा लोगों का उनकी मेहनत के लिए सम्मानित किया जा सकता है। संतान पक्ष से जुड़ी कोई बड़ी उपलब्धि आपके मान-सम्मान का बड़ा कारण बनेगी। सप्ताह के उत्तरार्ध में आपका मन किसी एकांत स्थान में जाकर शांति के साथ समय बिताने का करेगा। संभव है कि आप अचानक से इस दौरान किसी दूर-दराज की यात्रा पर निकल जाएं। इस दौरान आपका मन धर्म-अध्यात्म और सामाजिक कार्यों में खूब लगेगा। प्रेम प्रसंग की दृष्टि से यह सप्ताह आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। यदि आप किसी के सामने अपने प्रेम का इजहार करने की सोच रहे हैं तो ऐसा करने पर आपकी बात बन सकती है। वहीं पूर्व से चले आ रहे प्रेम संबंध प्रगाढ़ होंगे। वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। 
 
उपाय: प्रतिदिन भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें

Monday, July 18, 2022

Aaj Ka Panchang 18072022

🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~*  🌞
🌤️  *दिनांक - 18 जुलाई 2022*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु* 
🌤️ *मास -श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार आषाढ़)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 
🌤️ *तिथि - पंचमी सुबह 08:54 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद दोपहर 12:24 तक तत्पश्चात उत्तर  भाद्रपद*
🌤️ *योग - शोभन शाम 03:26 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️  *राहुकाल - सुबह 07:46 से सुबह 09:26 तक*
🌞 *सूर्योदय - 06:07*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:21*
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में जिलेवार अंतर संभव है
👉  *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -* 
🔥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
        🌞 *~ वैदिक पंचांग ~*  🌞

🌷 *श्रावण सोमवार* 🌷
🙏🏻 *18 जुलाई 2022 को श्रावण मास का सोमवार है।*
🙏🏻 *भगवान शिव का पवित्र श्रावण (सावन) मास शुरू हो चुका है, (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 29 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *भगवान शिव श्रावण सोमवार के बारे में कहते हैं “मत्स्वरूपो यतो वारस्ततः सोम इति स्मृतः। प्रदाता सर्वराज्यस्य श्रेष्ठश्चैव ततो हि सः। समस्तराज्यफलदो वृतकर्तुर्यतो हि सः।।”*
➡ *अर्थात सोमवार मेरा ही स्वरूप है, अतः इसे सोम कहा गया है। इसीलिये यह समस्त राज्य का प्रदाता तथा श्रेष्ठ है। व्रत करने वाले को यह सम्पूर्ण  राज्य का फल देने वाला है।*
🙏🏻 *भगवान शिव यह भी आदेश देते हैं कि श्रावण में “सोमे मत्पूजा नक्तभोजनं” अर्थात सोमवार को मेरी पूजा और नक्तभोजन करना चाहिए।*
🙏🏻 *पूर्वकाल में सर्वप्रथम श्रीकृष्ण ने ही इस मंगलकारी सोमवार व्रत को किया था। “कृष्णे नाचरितं पूर्वं सोमवारव्रतं शुभम्”*
👉🏻 *स्कन्दपुराण, ब्रह्मखण्ड में सूतजी कहते हैं,*
*शिवपूजा सदा लोके हेतुः *स्वर्गापवर्गयोः ।। सोमवारे विशेषेण प्रदोषादिगुणान्विते ।।*
*केवलेनापि ये कुर्युः सोमवारे शिवार्चनम् ।। न तेषां विद्यते किंचिदिहामुत्र च दुर्लभम् ।।*
*उपोषितः शुचिर्भूत्वा सोमवारे जितेंद्रियः ।। वैदिकैर्लौकिकैर्वापि विधिवत्पूजयेच्छिवम् ।।ब्रह्मचारी गृहस्थो वा कन्या वापि सभर्त्तृका।। विभर्तृका वा संपूज्य लभते वरमीप्सितम्।।*
🙏🏻 *प्रदोष आदि गुणों से युक्त सोमवार के दिन शिव पूजा का विशेष महात्म्य है। जो केवल सोमवार को भी भगवान शंकर की पूजा करते हैं, उनके लिए इहलोक और परलोक में कोई भी वस्तु दुर्लभ नहीं। सोमवार को उपवास करके पवित्र हो इंद्रियों को वश में रखते हुए वैदिक अथवा लौकिक मंत्रों से विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। ब्रह्मचारी, गृहस्थ, कन्या, सुहागिन स्त्री अथवा विधवा कोई भी क्यों न हो, भगवान शिव की पूजा करके मनोवांछित वर पाता है।*
👉🏻 *शिवपुराण, कोटिरुद्रसंहिता के अनुसार*
🌷 *निशि यत्नेन कर्तव्यं भोजनं सोमवासरे । उभयोः पक्षयोर्विष्णो सर्वस्मिञ्छिव तत्परैः ।।*
🙏🏻 *दोनों पक्षों में प्रत्येक सोमवार को प्रयत्नपूर्वक केवल रात में ही भोजन करना चाहिए। शिव के व्रत में तत्पर रहने वाले लोगों के लिए यह अनिवार्य नियम है।*
🌷 *अष्टमी सोमवारे च कृष्णपक्षे चतुर्दशी।। शिवतुष्टिकरं चैतन्नात्र कार्या विचारणा।।*
🙏🏻 *सोमवार की अष्टमी तथा कृष्णपक्ष चतुर्दशी इन दो तिथियों को  व्रत रखा जाए तो वह भगवान शिव को संतुष्ट करने वाला होता है, इसमें अन्यथा विचार करने की आवश्यकता नहीं है।*

*श्रावण सोमवार में करें भगवान शिव जी का पूजन होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न*
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✍🏻श्रावण सोमवार में श‍िवजी की पूजा का व‍िशेष महत्‍व माना गया है, लेकिन आप अपनी राश‍ि के अनुसार भोलेनाथ जी की पूजा करें तो श‍िवजी अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं सावन मास में राश‍ि अनुसार भोले शंकर की पूजा से मनोवांछित सभी कामनाओं की पूर्ति होती है, तो आइए जानते हैं क‍ि क‍िस राशि वालों को भोले शंकर की क‍िस तरह आराधना करनी चाहिए......
*१:- मेष राशि:-* मेष राश‍ि के जातकों को भगवान शिव जी का अभिषेक गाय के कच्चे दूध में शहद मिलाकर करना चाहिए, इसके बाद चंदन और सफेद पुष्‍प चढ़ाने चाहिए, इसके बाद श्रद्धानुसार 11, 21, 51 और 108 बार ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जप करना चाहिए, ऐसा करने से भोले बाबा समस्‍त मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
*२:-वृष राशि:-* वृष राश‍ि के जातकों को श‍िव शंकर का दही से अभिषेक करना चाहिए, दही से अभिषेक करने से जातक को धन, पशु, भवन तथा वाहन की प्राप्ति होने का योग बनता है। इसके अलावा सफेद फूल तथा बेलपत्र चढ़ाने चाहिए। इससे जीवन की सभी समस्‍याओं का हल म‍िलने लगता है.!
*३:- मिथुन राशि:-*  मिथुन राश‍ि के जातकों को भोलेनाथ का गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए, मान्‍यता है सावन भर प्रत‍िद‍िन गन्‍ने के रस से अभिषेक करने से भोलेनाथ जल्‍दी ही सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं, इसके अलावा इस राशि के जातकों को श‍िवजी को भांग, धतूरा, तथा बेलपत्र अर्पित करना चाहिए, शिव चालीसा का पाठ भी करना चाहिए.!
*४:-कर्क राशि:-* कर्क राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करना चाहिए, इससे मन शांत होता है और शुभ कार्यों को करने की प्रेरणा म‍िलती है। इसके साथ ही आंक के श्वेत फूल, धतूरा और बेलपत्र भी शिवजी को अर्पित करना चाहिए। साथ ही रुद्राष्टक का पाठ करना भी शुभ होगा।
*५:-सिंह राशि:-* सिंह राशि के जातकों को भोलेनाथ का मधु अथवा गुड़ युक्त जल से अभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव को कनेर का पुष्प तथा लाल रंग का चंदन अर्पित करना चाहिए। गुड़ और चावल से बनी खीर चढ़ा सकते हैं। यह अत्‍यंत शुभ होता है। सूर्योदय के समय श‍िवजी की पूजा करने से सभी इच्‍छाओं की पूर्ति जल्‍दी होती है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए। इससे सेहत संबंधी सभी समस्‍याएं दूर हो जाती है।
*६:- कन्या राशि:-* कन्‍या राशि के जातकों को शंभूनाथ का गन्‍ने के रस से अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शिवजी को भांग, दुर्वा, पान तथा बेलपत्र चढ़ाएं ‘ऊं नमः शिवाय मंत्र’ का जप करें शीघ्र ही मनोकामनाएं पूर्ण होगी  शिव चालीसा का पाठ करना भी बेहतर होगा।
*७:- तुला राशि:-* तुला राशि के जातकों को भगवान शिव का गाय के घी, इत्र या सुगंधित तेल या फिर मिश्री मिले दूध से अभिषेक करना चाहिए। सफेद फूल भी पूजा में शिवजी को चढ़ाने चाहिए। दही, शहद अथवा श्रीखंड का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव के सहस्त्रनाम का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि तथा लक्ष्मी का आगमन होगा।
*८:- वृश्चिक राशि:-* वृश्चिक राशि के जातकों को पंचामृत अथवा शहद युक्त जल से भगवान शिव जी का अभिषेक करना चाहिए। लाल फूल, लाल चंदन भी शिवजी को चढ़ाने चाहिए। बेलपत्र अथवा बेल के पौधे की जड़ चढ़ाने से भी कार्यों में सफलता मिलती है। रूद्राष्टक का पाठ करना भी श्रेयस्कर रहेगा।
*९:-धनु राशि:-* धनु राशि के जातकों को भोलेनाथ का दूध में पीला चंदन मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा पीले रंग के फूलों या फिर गेंदे के फूल चढ़ाने चाहिए, खीर का भोग लगाना भी शुभ रहेगा। ऊं नमः शिवाय का जप और श‍िव चालीसा का पाठ करना चाहिए। 
*१०:-मकर राशि:-* मकर राशि के जातकों को भोलेशंकर का नारियल के पानी से अथवा गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से जातक को सभी कामों में सफलता मिलेगी। त्रयंबकेश्वर का ध्यान करते हुए भगवान शिव जी को बेलपत्र, धूतरा, शमी के फूल, भांग एंव अष्टगंध अर्पित करने चाहिए। उड़द से बनी मिठाई का भोग लगाने से शनि की पीड़ा समाप्त होती है। नीले कमल का फूल भी भगवान को अवश्य चढ़ाएं।
*११:- कुंभ राशि:-* कुंभ राशि के जातकों को सावन महीने में शंकर भगवान को प्रत‍िद‍िन नारियल के पानी, सरसों के तेल अथवा तिल के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शिवाष्टाक का पाठ करना चाहिए। इससे जातकों के बिगड़े काम बनेंगे। साथ ही धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। शमी के फूल पूजा में अर्पित करें। शिवजी की कृपा से यह शनि पीड़ा को कम करता है।
*१२:-मीन राशि:-*  मीन राशि के जातकों को सावन भर भोलेनाथ का केसल मिश्रित जल से जलाभिषेक करना चाहिए, इसके अलावा शंकरजी की पूजा में पंचामृत, दही, दूध और पीले पुष्पों का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही ‘ऊं नमः शिवाय का जप करना चाहिए। शिव चालीसा का पाठ करना भी शुभ रहेगा। इससे लाइफ की सारी टेंशन दूर हो जाती है।
               🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻

 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई और शुभ आशीष

18 तारीख को जन्मे व्यक्तियों का मूलांक 9 होता है
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। आप सही मायनों में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता।

मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है।

 
शुभ दिनांक : 9, 18, 27
 
शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72

 
शुभ वर्ष : 2025, 2036, 2045
 
ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।

 
शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। आप अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए छोटी-मोटी टेंशन लेकर आ सकती है। विद्यार्थियों को परीक्षा में ज्यादा मेहनत करनी होगी,तभी वह सफलता हासिल कर सकेंगे। आपको अपने गुस्से पर कंट्रोल करना होगा,नहीं तो आपके हाथ से कोई डील निकल सकती है। आपको किसी नए निवेश को सोच विचार कर करना बेहतर रहेगा। यदि पहले किसी ने आपसे कुछ कर्जा लिया था,तो वह आपको वापस लौटा सकता है। आपको आपको छोटे-मोटे लाभ के अवसर मिलते रहेंगे,जिनसे आप मन मुताबिक लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपको प्रोफेशनल मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है,तभी आप किसी नुकसान को होने से बचा पाएंगे,लेकिन आपके कुछ पिछले किए गए निर्देशों से आपको लाभ मिलता दिख रहा है। जीवनसाथी द्वारा किसी ऐसे कार्य को अंजाम दिया जाएगा,जिससे आपका मान सम्मान और बढ़ेगा। आपको दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहेंगे। विद्यार्थियों को अपने कमजोर विषयों पर अत्यधिक मेहनत करनी होगी,तभी वह परीक्षा में सफलता हासिल कर सकेंगे।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए उत्साह से भरा रहेगा। परिवार में किसी सदस्य के विवाह,जन्मदिन,नामकरण आदि जैसे किसी खास कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। बिजनेस कर रहे लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में कुछ नई तकनीकों को लाना होगा,तभी आप धन कमाने में कामयाब रहेंगे,जो लोग नौकरी में कार्यरत हैं,यदि वे किसी पार्ट टाइम कार्य को करने की सोच रहे हैं,तो वह उसके लिए समय निकालने में कामयाब रहेंगे। आपको संतान के भविष्य से संबंधित कुछ धन संचय करके रखना होगा,तभी आप उसमें सफल रहेंगे।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए कुछ खास रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में किसी तरह की कोई डील लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे। अधिकारी भी आपकी प्रशंसा करते नजर आएंगे,लेकिन जो लोग राजनीति में हाथ आजमा रहे हैं,उन्हें भी सावधान रहना होगा,क्योंकि कुछ विरोधी उनको परेशान करने की पूरी कोशिश करेंगे। आपका कोई संपत्ति संबंधित विवाद सुलझ सकता है,जिसमें फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। संतान को कोई शारीरिक कष्ट हो सकता है,जिसको लेकर आप थोड़ा परेशान रहेंगे, लेकिन विद्यार्थियों का पठन-पाठन में खूब मन लगेगा।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए निश्चित रूप से फलदायक रहेगा। आपको किसी दोस्त के साथ मिलकर निवेश करने से लाभ हो सकता है। अपनी माताजी से किसी कारणवश बहसबाजी हो सकती है,जिसमें आपको वाणी की मधुरता को बनाए रखना बेहतर रहेगा। यदि आप अपने मकान,दुकान आदि में रंगाई पुताई आदि का काम कराना चाहते हैं,तो उसे कराने में भी आप सफल रहेंगे। आज आपके मन में कोई बात या कोई नया आईडिया आए,तो आपको उसे तुरंत आगे बढ़ाना होगा,तभी आपको इसका फायदा मिल पाएगा।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए काफी व्यस्तता भरा रहेगा। आपको सोच समझकर दिमाग से किए गए कामों का लाभ मिलेगा,लेकिन जल्दबाजी में किए गए कार्य लटक सकते हैं। परिवार में किसी सदस्य को विदेश से नौकरी प्राप्त हो सकती है,जिसके कारण परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। आपको दूसरों की मदद करने से लाभ होगा। जीवनसाथी को कोई नया व्यवसाय कराने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं,तो उसके लिए दिन बेहतर रहेगा।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए उन्नति दिलाने वाला रहेगा। आपको अपनी सेहत के प्रति सावधान रहना होगा। अविवाहित जातकों के जीवन में कोई नई खुशखबरी आ सकती है। जो लोग विदेशों से आयात निर्यात का व्यवसाय करते हैं,उन्हें और कोई सूचना सुनने को मिलेगी। आपको लेनदेन के मामले में किसी वरिष्ठ सदस्य से पूछकर ही करना बेहतर रहेगा। आप परिवार के सदस्यों के साथ कुछ समय मौज मस्ती में व्यतीत करेंगे,जो लोग विवाह योग्य हैं,उनके लिए बेहतर अवसर आ सकते हैं।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए काफी मेहनत भरा रहेगा। आपको अत्यधिक मेहनत के बाद ही कामों में सफलता मिलती दिख रही है। कार्यक्षेत्र में आपको लाभ के अवसर मिलते रहेंगे,जिन पर चलकर आप लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे। आप परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक उत्सव में सम्मिलित हो सकते हैं। यदि किसी यात्रा पर जाएं,तो उसमें वाहन की खराबी के कारण आपका धन खर्च बढ़ सकता है,इसलिए सावधान रहें। आपको किसी खास काम की चिंता सता सकती हैं,जिसके लिए आपको दूसरों के ऊपर निर्भर नहीं रहना है।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा। आपको एक के बाद एक शुभ सूचना सुनने को मिलती रहेगी। आपकी कई इच्छाएं भी पूरी होंगी। घूमने फिरने के दौरान आपका कोई जरूरी काम बन सकता है। सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों को किसी अभियान में जीत मिल सकती है,लेकिन वित्तीय मामलों में आपको सावधान रहना होगा,नहीं तो कोई आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। आपके कुछ रुके हुए काम आपके लिए परेशानी बन सकते है,जिनको आपको पूरा अवश्य करना होगा। यदि आपने किसी संपत्ति की खरीदारी करने का सोचा है तो आपकी इच्छा भी पूरी होगी।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए कुछ परेशानी भरा रहेगा,क्योंकि आपकी अपने किसी परिवार के सदस्य से कुछ अनबन हो सकती है,लेकिन उसमें आपको ध्यान रखना होगा कि आप गलत शब्दों का यूज ना करें,जो लोग गृहस्थ जीवन जी रहे हैं,वह अपने परिवार के सदस्यों की महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करने में सफल रहेंगे। जो लोग किसी नए व्यवसाय को करने जा रहे हैं,उन्हें किसी भी काम को छोटा या बड़ा सोचकर नहीं करना है। आपका कोई पुराना राज आपके परिवार के सदस्यों के सामने आ सकता है, जिसे आपने अभी तक छुपाकर रखा हुआ था।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको लोगों से बातचीत करके फायदा होगा और कोई अच्छा आइडिया आएगा,जिससे आप कार्य क्षेत्र में लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे। नौकरी में कार्यरत लोगों को टीमवर्क के जरिए कार्य करना होगा जिसमें उन्हें अपने जूनियर्स से मधुरता से पेश आना होगा,तभी वह अपना काम निकलवा पाएंगे। आपका कोई दोस्त आपके लिए कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकता है। यदि आपको किसी व्यक्ति से सलाह मशवरा करना पड़े,तो किसी अनुभवी व्यक्ति से करें,तो आपके लिए बेहतर रहेगा।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज का दिन आपके व्यापार के लिए काफी धीमा रहेगा। आपकी कुछ पिछली योजनाएं धीरे चलेंगी,लेकिन आपको काफी संघर्षों के बाद कुछ मामलों में सफलता मिलती नजर आ रही है,लेकिन आपको बाहर फिजूलखर्ची करने की बजाय अपने घर वालों के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा और अपने बढ़ते हुए खर्चों पर लगाम लगाएंगे,तो आप भविष्य के लिए धन संचय करने में भी कामयाब रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपका कुछ धन अटका हुआ था,तो वह आपको प्राप्त हो सकता है। जो लोग किसी स्वास्थ्य समस्या को लेकर परेशान हैं,उनके कष्टों में आज कमी हो सकती

Sunday, July 17, 2022

Aaj Ka Panchang 17072022

🙏 हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~*  🌞
 🌤️  *दिनांक - 17 जुलाई 2022*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2079 (गुजरात-2078)*
🌤️ *शक संवत -1944*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ऋतु* 
🌤️ *मास -श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार आषाढ़)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण* 
🌤️ *तिथि - चतुर्थी सुबह 10:49 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा 01:25 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद*
🌤️ *योग - सौभाग्य शाम 05:49 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️  *राहुकाल - शाम 05:44 से शाम 07:23 तक*
🌞 *सूर्योदय - 06:07*
🌦️ *सूर्यास्त - 19:22*
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में जिलेवार अंतर संभव है
👉  *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - 
🔥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
        🌞 *~ वैदिक पंचांग ~*  🌞

🌷 *श्रावण में सूर्य पूजा* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 29 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार श्रावण मास के प्रत्येक रविवार को, हस्त नक्षत्र से युक्त सप्तमी तिथि को सूर्य भगवान की पूजा विशेष फलदायी होती है । श्रावण के रविवार को शिवपूजा पाप नाशक कही गयी है। अतः रविवार को सूर्य भगवान की पूजा जरूर करें। श्रावण में हस्त नक्षत्र से युक्त सप्तमी तिथि मिलना बहुत मुश्किल है। यह योग 26 जुलाई 2031 को बनेगा।


🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार*
*" कृता हस्ते सूर्यवारं नतेन्नाब्दं स सर्वभाक " अर्थात हस्तनक्षत्रीकृत रविवार को एक वर्ष तक नक्तव्यत द्वारा मनुष्य सब कुछ पा लेता है |*
🌞 *कहते हैं सूर्य शिव के मंदिर में निवास करता है अतः शिव मंदिर में भोलेनाथ तथा सूर्य दोनों की की पूजा अर्चना करनी चाहिए।*
🙏🏻 *शिवपुराण में सूर्यदेव को शिव का स्वरूप व नेत्र भी बताया गया है, जो एक ही ईश्वरीय सत्ता का प्रमाण है। सूर्य और शिव की उपासना जीवन में सुख, स्वास्थ्य, काल भय से मुक्ति और शांति देने वाली मानी गई है।*
🌞 *श्रावण में सूर्य पूजा कैसे करें :*
🙏🏻 *सूर्योदय के समय सूर्य को प्रणाम करें, सूर्य को ताम्बे (ताम्र) के लोटे से “जल, गंगाजल, चावल, लाल फूल(गुडहल आदि), लाल चन्दन" मिला कर अर्घ्य दें | सूर्यार्घ्य का मन्त्र: “ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर” है। अगर यह नहीं बोल सकते तो  ॐ अदित्याये नमः अथवा ॐ घृणि सूर्याय नमः का जप करे ।*
🙏🏻 *प्रतिदिन 12 ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण करें।*
🙏🏻 *शिवलिंग पर घी, शहद, गुड़ तथा लाल चन्दन अर्पित करें । सभी चीज़ें अर्पित न कर पाओ तो कोई भी एक अर्पित करें। लाल रंग के पुष्प जरूर अर्पित करें।*
🔥 *शिव मंदिर में ताम्बे के दीपक में ज्योत जलाएं।*
🙏🏻 *प्रतिदिन अत्यन्त प्रभावशाली आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। भविष्यपुराण के अनुसार जो रविवार को नक्त-व्रत एवं आदित्यह्रदय का पाठ करते है वे रोग से मुक्त हो जाते हैं और सूर्यलोक में निवास करते हैं।*
*युधिष्ठिरविरचितं सूर्यस्तोत्र का पाठ करें।*
🙏🏻 *12 मुखी रुद्राक्ष भगवान सूर्य के बारह रूपों के ओज, तेज और शक्ति का केन्द्र बिन्दू है। इसे जो भी पहनता है उसे हर तरह का धन वैभव ज्ञान और सभी तरह के भौतिक सुख मिलते है।*
🙏🏻 *सूर्य यदि शनि या राहू के साथ हो तो रविवार को रुद्राभिषेक करवायें।*
🙏🏻 *प्रतिदिन गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार पाठ करें*
*निम्न मंत्र से शिव का ध्यान करें - "नम: शिवाय शान्ताय सगयादिहेतवे। रुद्राय विष्णवे तुभ्यं ब्रह्मणे सूर्यमूर्तये।।"*
*शिवप्रोक्त सूर्याष्टकम का नित्य पाठ करें ।*
🙏🏻 *दोनों नेत्रों तथा मस्तक के रोग में और कुष्ठ रोग की शान्ति के लिये भगवान् सूर्य की पूजा करके ब्राह्मणों को भोजन कराये। शिवलिंग पूजन आक के पुष्पों, पत्तों एवं बिल्व पत्रों से करें। तदनंतर एक दिन, एक मास, एक वर्ष अथवा तीन वर्षतक लगातार ऐसा साधन करना चाहिये।  इससे यदि प्रबल प्रारब्धका निर्माण हो जाय तो रोग एवं जरा आदि रोगों का नाश हो जाता हैं।*
🌞 *सूर्याष्टकम*
*आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर ।*
*दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तुते ॥*
*सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपमात्मजम् ।*
*श्वेत पद्मधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम ॥*
*लोहितं रथमारूढं सर्वलोकपितामहम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥*
*त्रैगुण्यं च महाशूरं ब्रह्मविष्णुमहेश्वम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बृंहितं तेजःपुञ्जं च वायुमाकाशमेव च ।*
*प्रभुं च सर्व लोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बन्धुकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम् ।*
*एकचधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगत्कर्तारं महातेज: प्रदीपनम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानविज्ञानमोक्षदम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*॥इति श्री शिवप्रोक्तं सूर्याष्टकं सम्पूर्णम्॥*

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           🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻
 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं।

आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।

 
शुभ दिनांक : 7, 16, 25
 
शुभ अंक : 7, 16, 25, 34
 
शुभ वर्ष : 2023
 
ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु
 
शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए कुछ खर्चे भरा रहेगा। आप अपने खर्चों को लेकर परेशान रहेंगे, जिनके कारण आपका कार्य करने में मन भी नहीं लगेगा। आपके ऊपर यदि पहले से कुछ कर्जा था, तो वह और बढ़ सकता है। आपकी किसी नजदीकी परिजन से मुलाकात होगी। परिवार के सदस्य के साथ किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते हैं। आपको किसी व्यक्ति के कहने में आकर निवेश करने से बचना होगा। यदि आपके आस पड़ोस में कोई वाद-विवाद पनपे, तो आपको उसमें चुप रहना बेहतर रहेगा, नहीं तो वह कानूनी हो सकता है।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज का दिन आप के प्रभाव व प्रताप में वृद्धि लेकर आएगा। सामाजिक लोगों के बीच आपके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना होगी। जीवन साथी से आपको तालमेल बनाए रखना होगा, नहीं तो प्रेम संबंधों में दरार पैदा हो सकती है। आपको  कुछ छोटी-मोटी परेशानियां लगी रहेंगी, जिनके कारण आपका स्वभाव चिड़चिड़ा रहेगा। जो लोग विदेश जाकर नौकरी करना चाहते हैं, उन्हें  सुनहरा मौका मिल सकता है, लेकिन संतान पक्ष की ओर से आपको आज कोई निराशाजनक सूचना सुनने को मिल सकती है। आप संतान के भविष्य से संबंधित किसी किसी योजना में निवेश करना चाहते हैं, तो वह आपके लिए बेहतर रहेगा।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। घर परिवार का माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। विवाह योग्य लोगों के लिए कोई उचित रिश्ता आने से सभी प्रसन्न रहेंगे। किसी खास मित्र की मुलाकात से आपके मन को सुकून मिलेगा। आप  माताजी को ननिहाल पक्ष के लोगों से मिलाने लेकर जा सकते हैं। जो लोग मांस मदिरा का सेवन करते हैं, वह उसे छोड़ने पर विचार कर सकते हैं। आप यदि अपने मन के विचारों को किसी के सामने जाहिर करेंगे, तो वह बाद में आप का मजाक बना सकता है।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन प्रेम जीवन जी रहे लोगों के लिए दिन उत्तम रहेगा। किसी अनुभवी व प्रभावशाली व्यक्ति से आपकी मुलाकात होगी। कार्यक्षेत्र में आपको चुटपुट लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे, जिनको पहचान कर आपको उन पर अमल करना होगा, तभी आप लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे। नौकरी में अधिकारियों से आपको किसी भी बहस बाजी में पड़ने से बचना होगा। मौसम के विपरीत प्रभाव के कारण आपको खांसी, जुकाम, बुखार आदि जैसी समस्या हो सकती है। जो लोग ऑनलाइन काम करते हैं, उन्हें आज कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके स्वास्थ्य मे किसी प्रकार की समस्या लेकर आ सकता है। आपको किसी भूमि व वाहन की खरीदारी में सावधान रहना होगा, नहीं तो कोई आपके साथ धोखा कर सकता है। आपका कोई संपत्ति संबंधित विवाद यदि कानून में चल रहा था, तो उसमें अभी आप को राहत नहीं मिलेगी।विद्यार्थी लोगों के साथ बैठकर खाली समय व्यतीत करने से अच्छा है कि अपनी पढ़ाई की ओर ध्यान लगाएं। आपके कुछ मित्रों द्वारा आपको कोई धन संबंधित योजना का पता चलेगा, लेकिन उसमें  निवेश करने से बचें।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज आप अपनी बल व बुद्धि से काफी सारी समस्याओं का हल खोजने में सफल रहेगे और आप वह सब कुछ पा सकते हैं, जिसके आपके पास कमी थी। घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन आपके मन में व्यर्थ की उलझनो के कारण समस्या रहेगी। समाज में अच्छी छवि आपकी पहचान बनेगी, लेकिन आपके मन में चल रही उलझनों के कारण आप किसी व्यक्ति से कुछ कठोर शब्द बोल सकते हैं, जिसके कारण आपको परेशानी होगी। वरिष्ठ सदस्यों से भी आपको डांट खानी पड़ सकती है।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके  प्रभाव व प्रताप में वृद्धि लेकर आयेगा। आपको किसी सरकारी योजना का भी लाभ मिलता दिख रहा है। आपकी आज कुछ योजनाएं फलीभूत होंगी, जिनका आपको लाभ भी अवश्य मिलेगा। जीवनसाथी के लिए यदि आप किसी नए व्यवसाय को कराने की सोच रहे हैं, तो उसके लिए भी  दिन उत्तम रहेगा। लेकिन माता-पिता की सेवा में आप कुछ समय व्यतीत करेंगे। मित्रों के साथ आप पार्टी करने की सोच सकते हैं,  जिसमें आपको परिवार के सदस्यों से सलाह मशवरा करके जाना बेहतर रहेगा।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से उत्तम रहने वाला है। धार्मिक कार्यों में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। अपने धन का कुछ हिस्सा दान पुण्य के कार्यों में लगायेगे। परिवार के सदस्य के विवाह प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है, जिसके कारण परिवार में खुशियां भरा माहौल रहेगा। यदि आपको कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़े, तो बहुत ही सावधानी से लें, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछताना पड़ सकता है। आपको शीघ्रगामी वाहनों के प्रयोग से भी सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो वाहन की अकस्मात खराबी के कारण आपका धन खर्च बढ़ सकता है।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए निश्चित रूप से फलदायक रहने वाला है। आप संतान के सुंदर भविष्य के लिए कुछ योजनाएं बनाएंगे, जिनके लिए जीवनसाथी से बातचीत अवश्य करें। यदि आपसे पिछली कुछ गलतियां हुई थी, तो आपको उन्हे सुधारने का मौका मिलेगा। विद्यार्थियों का पठन-पाठन में खूब मन लगेगा। परिवार के सदस्यों की ओर से कोई शुभ सूचना प्राप्त हो सकती है। व्यवसाय के लिए कुछ यात्राएं करेंगे। जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य पाकर आपको काफी सारी समस्याओं का हल मिलेगा।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए निश्चित रूप से फलदायक रहने वाला है। आप संतान के सुंदर भविष्य के लिए कुछ योजनाएं बनाएंगे, जिनके लिए जीवनसाथी से बातचीत अवश्य करें। यदि आपसे पिछली कुछ गलतियां हुई थी, तो आपको उन्हे सुधारने का मौका मिलेगा। विद्यार्थियों का पठन-पाठन में खूब मन लगेगा। परिवार के सदस्यों की ओर से कोई शुभ सूचना प्राप्त हो सकती है। व्यवसाय के लिए कुछ यात्राएं करेंगे। जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य पाकर आपको काफी सारी समस्याओं का हल मिलेगा।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए कुछ कमजोर रहने वाला है। व्यापार में नई योजनाओं को कार्य रूप देने का उचित समय है,  आर्थिक स्थिति थोड़ा कमजोर रहेगी। आपके किए गए प्रयास सफल होंगे। आपको किसी फाइनेंस कंपनी में निवेश करने का मौका मिल सकता है। आपके कुछ मित्र भी आपके विरोधी नजर आएंगे, जिन्हें देखकर आपको हैरानी होगी। जो लोग राजनीति में कार्यरत हैं, उन्हें कुछ जनसभाएं करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी ख्याति चारों ओर फैलेगी। प्रेम संबंध और अत्यधिक प्रगाढ़ होंगे।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज का दिन दांपत्य जीवन के लिए सुखद रहने वाला है। व्यापार में विस्तार संबंधी योजनाएं बनेंगी और सभी कार्य निश्चित समय पर पूरे हो जाएंगे, इससे आपको प्रसन्नता होगी। आपकी  किसी नई प्रॉपर्टी को खरीदने की इच्छा भी पूरी होगी, लेकिन घर में सुख शांति में कुछ खलल आ सकता है, क्योंकि परिवार में किसी सदस्य को चोट लगने लगने के कारण भागदौड़ अत्यधिक होगी। विद्यार्थी किसी नई परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें उनको अत्यधिक मेहनत के बाद ही सफलता मिलती दिख रही

Thursday, July 14, 2022

Aaj Ka Panchang 1407200

*🙏🏻 हर हर महादेव 🙏🏻

ए*❤️ ॐ मंगलाय नमः ❤️ हर हर महादेव वैदिक पंचांग प्राप्त करने के लिए  9431848786 पर अपना नाम, अपने शहर का नाम लिखकर WhatsApp करें, श्री राधे श्री राधे❤️🙏❤️* 

*⛅दिनांक - 14 जुलाई 2022*
*⛅दिन - गुरुवार*
*⛅विक्रम संवत - 2079*
*⛅शक संवत - 1944*
*⛅अयन - दक्षिणायन*
*⛅ऋतु - वर्षा*
*⛅मास - श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार आषाढ़)*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - प्रतिपदा रात्रि 08:16 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा रात्रि 08:18 तक तत्पश्चात श्रवण*
*⛅योग - वैधृति सुबह 08:28 तक तत्पश्चात विष्कम्भ*
*⛅राहु काल - दोपहर 02:26 से 04:07 तक*
*⛅सूर्योदय - 06:03*
*⛅सूर्यास्त - 07:28*
*⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में*
*⛅ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04:38 से 05:20 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:25 से 01:07 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण -*
*⛅ विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है ।*
*(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

*🔹श्रावण मास में वरदानस्वरूप बेलपत्र*

*(श्रावण मास : 14 जुलाई से 12 अगस्त )*

*🔹श्रावण मास भगवान शिवजी की पूजा-उपासना के लिए महत्त्वपूर्ण मास है । इन दिनों में शिवजी को बेल के पत्ते चढ़ाने का विधान हमारे शास्त्रों में है । इसके पीछे ऋषियों की बहुत बड़ी दूरदर्शिता है ।*

*🔹इस ऋतु में शरीर में वायु का प्रकोप तथा वातावरण में जल-वायु का प्रदूषण बढ़ जाता है । आकाश बादलों से ढका रहने से जीवनीशक्ति भी मंद पड़ जाती है । इन सबके फलस्वरूप संक्रामक रोग तेज गति से फैलते हैं ।*

*🔹इन दिनों में शिवजी की पूजा के उद्देश्य से घर में बेल के पत्ते लाने से उसके वायु शुद्धिकारक, पवित्रतावर्धक गुणों का तथा सेवन से वात व अजीर्ण नाशक गुणों का भी लाभ जाने-अनजाने में मिल जाता है ।*
*🔹उनके सेवन से शरीर में आहार अधिकाधिक रूप में आत्मसात् होने लगता है । मन एकाग्र रहता है, ध्यान केन्द्रित करने में भी सहायता मिलती है ।*

*🔹परीक्षणों से पता चला है कि बेल के पत्तों का सेवन करने से शारीरिक वृद्धि होती है । बेल के पत्तों को उबालकर बनाया गया काढ़ा पिलाने से हृदय मजबूत बनता है ।*

*🔹औषधि-प्रयोग🔹*
*1. बेल की पत्तियों के 10-12 ग्राम रस में 1 ग्राम काली मिर्च व 1 ग्राम सेंधा नमक का चूर्ण मिलाकर रोज सुबह-दोपहर-शाम सेवन करने से अजीर्ण में लाभ होता है ।*

*🔹2. बेलपत्र, धनिया व सौंफ को समान मात्रा में लेकर कूट लें । 10 से 20 ग्राम यह चूर्ण शाम को 100 ग्राम पानी में भिगो दें और सुबह पानी को छानकर पी जायें । इसी प्रकार सुबह भिगोकर शाम को पीयें । इससे स्वप्नदोष कुछ ही दिनों में ठीक हो जायेगा । यह प्रमेह एवं स्त्रियों के प्रदर में भी लाभदायक है ।*

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 14 को हुआ है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार, तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। 14 का अंक आपस में मिलकर 5 होता है। 5 का अंक बुध ग्रह का प्रतिनिधि करता है।

अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं। आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 14 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।

 
शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23
 
शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50

 
शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052
 
ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।

 
शुभ रंग : हरा, गुलाबी जामुनी, क्रीम
 
कैसा रहेगा यह वर्ष
दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। यह वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 
आज का दिन आपको काफी संघर्षों के बाद सफलता दिलाने वाला रहेगा। आपको अपने बढ़ते हुए कर्जों से भी काफी हद तक मुक्ति मिलेगी,जिसके कारण आप चैन की सांस लेंगे। यदि आप किसी पार्टटाइम कार्य को करने की योजना बना रहे हैं,तो उसके लिए भी समय निकालना आसान रहेगा। आपको आलस्य को दूर भगाकर आगे बढ़ना होगा और अपने कुछ रुके हुए कार्य को भी पूरा करना होगा। पिताजी को अक्समात कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है,जिसके लिए आप भागदौड़ में लगे रहेंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए विशेष रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको किसी नए वाहन की खरीदारी का मौका मिलेगा। परिवार में किसी सदस्य के लिए सरप्राइस पार्टी का आयोजन हो सकता है। आपके पराक्रम व पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। ससुराल पक्ष से चल रही अनबन भी समाप्त होगी। प्रेम जीवन जी रहे लोगों ने यदि अभी तक साथी को अपने परिवार के सदस्यों से नहीं मिलवाया है,तो वह मिलवा सकते हैं। आपको संतान की संगति की ओर विशेष ध्यान देना होगा,नहीं तो वह गलत कामों की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। आपको व्यवसाय में कड़वाहट को मिठास में बदलने की कला को सीखना होगा,तभी आप लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे,क्योंकि आपको कोई ऐसा काम मिल सकता है,जिसके कारण आप प्रसन्न रहेंगे। विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का पूरा साथ मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य पाकर आप काफी सारी समस्याओं से बाहर निकलेंगे,लेकिन आपको अपने खान-पान के प्रति सचेत रहना होगा,नहीं तो आपको कोई पेट संबंधित समस्या हो सकती है।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 
आज का दिन आपकी महत्वकाक्षाओं की पूर्ति का दिन रहेगा। आप संतान के भविष्य से संबंधित कुछ धन संचय करने में कामयाब रहेंगे। जीवनसाथी की उम्मीदों पर आप खरा उतरेंगे,लेकिन आपके माता-पिता के सहयोग से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। लंबे समय बाद आपका कोई पुराना मित्र आपसे मिलने आ सकता है। यदि आपने पहले से कुछ राज छिपाकर रखे थे,तो वह परिवार के सदस्यों के सामने उजागर हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में आ रही समस्याओं के लिए अपने गुरुजनों व सीनियर से बात करनी होगी

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)
आज का दिन आपको लेनदेन के मामले में सावधानी बरतने की आवश्यकता है,नहीं तो आपका धन फंस सकता है। आपके द्वारा किए गए कार्यों का आज विरोध होगा, लेकिन परिवार में चल रही समस्याएं एक नया रूप लेंगी,जिसके कारण वरिष्ठ सदस्यों में भी लड़ाई झगड़ा हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य को यदि बाहर से कोई नौकरी का ऑफर आए,तो आपको उन्हें रोकना नहीं है वरना प्रोत्साहित करना होगा। आपको किसी संपत्ति का सौदा करते समय उसके चल व अचल पहलुओं को स्वाधीनता से जांचना होगा,नहीं तो बाद में आपको पछतावा होगा।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए व्यस्तता भरा रहेगा। भागदौड़ और परिश्रम के बाद ही आपको लाभ मिलेगा,लेकिन कुछ मानसिक परेशानियों के चलते आपका मन भी दुखी रहेगा। आप अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करेंगे और अपने कुछ अधूरे कार्य को निपटाने में लगे रहेंगे। आपकी अपने किसी प्रियजन से लंबे समय बाद मुलाकात होगी। आप परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक उत्सव में सम्मिलित होंगे। संतान द्वारा आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। परिवार में चल रही कलह भी समाप्त होगी।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपके सभी काम समय पर बनते नजर आएंगे,जिसके कारण आप प्रसन्न रहेंगे,लेकिन आपको अपने मन में किसी के प्रति भी ईर्ष्या नहीं रखनी है। व्यापार में आपके कई अनुभव आज काम आएंगे और आपको किसी व्यावसायिक यात्रा पर जाना पड़ सकता है,जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। आपको दोस्तों से बातचीत करते समय पुरानी बातों की चर्चा करने से बचना होगा। नहीं तो फिर से कोई बाद विवाद पनप सकता है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)
आज का दिन आपके चारों ओर का वातावरण सुखमय रहेगा,जिसके कारण आपको एक के बाद एक शुभ समाचार सुनने को मिलते रहेंगे। आप कार्यक्षेत्र की कुछ रुकी हुई योजनाओं को भी शुरू कर सकते हैं। आपको यदि अपने मित्रों के कारण कुछ तनाव था,तो वह भी समाप्त होगा,लेकिन आपको किसी सरकारी योजना में निवेश करने से बचना होगा,नहीं तो आपका वह धन फंस सकता है। प्राइवेट नौकरी में कार्यरत लोग अपनी किसी महिला मित्र के सहयोग से तरक्की पा सकते हैं। आपको अच्छे भोजन से स्वास्थ्य में वृद्धि होगी।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके स्वास्थ्य में कुछ समस्या लेकर आएगा,इसलिए आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी और आपके एक के बाद एक मामले सुलझ जाएंगे। आपकी किसी नई संपत्ति को खरीदने की अभिलाषा भी पूरी होगी। भाई व बहनों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा,लेकिन माताजी को आप अपने मन की कुछ समस्याओं को बता सकते हैं,जिनके कारण वह परेशान रहेंगे। आपकी किसी महान व्यक्ति से मुलाकात  होगी जो आपके लिए लाभदायक रहेगी। राजनीति की दिशा में कार्यरत लोग अपने कार्य से लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)
आज का दिन दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आएगा। आपको आज किसी विपरीत परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा,जिसमें आपने यदि धैर्य बनाकर रखा,तो आप उसे आसानी से बाहर निकल पाएंगे। संतान पक्ष के करियर को लेकर यदि आप चिंता में थे,तो आज उन्हें कोई अच्छी और पक्की नौकरी प्राप्त हो सकती है,जिसके कारण आपकी वह चिंता भी समाप्त होगी। कुछ मानसिक उलझनों के कारण आपको सिरदर्द की समस्या बनी रहेगी। जीवनसाथी के साथ आप किसी बात पर बेवजह उलझ सकते हैं।

कुंभ दैनिक राशिफल  (Aquarius Daily Horoscope)
आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आपको संतान की संगति को लेकर कुछ समस्या होगी,जिसके कारण आप उन पर नजर रख सकते हैं। आपको किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ मिलता दिख रहा है। नौकरी में कार्यरत लोग आज किसी पार्ट टाइम कार्य को करने के लिए समय निकाल पाने में असमर्थ रहेंगे और आप अपने लंबे समय से रुके हुए कार्यों को भी काफी हद तक निपटा पाएंगे। आपकी कोई पिछली की हुई गलती आपकी परेशानी का कारण बनेगी।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)
आज के दिन कार्यक्षेत्र में आपके विरोधी आपके तेज को देखकर परास्त रहेंगे। अधिकारियों पर आज आपकी बातों का असर होगा। आपकी तरक्की के मार्ग में अकारण ही कुछ व्यवधान आएंगे,लेकिन आप अपनी चतुर बुद्धि का प्रयोग करके उन्हें दूर करने में सफल रहेंगे। आपकी कुछ व्यावसायिक योजनाओं को आज बल मिलेगा। परिवार में आप कुछ समय अकेले में सदस्यों के साथ व्यतीत करेंगे। भाई व बहनों के साथ चल रहा विरोध समाप्त होगा। आपको आज अपने घर में निर्माण कार्य की आवश्यकता महसूस होगी